पीजीआईएमएस रोहतक के बायोकेमिस्ट्री लैब को मिली एनएबीएच मान्यता, लैब की रिपोर्ट 100 से अधिक देशों में मान्य
पीजीआईएमएस रोहतक के बायोकेमिस्ट्री लैब को एनएबीएच मान्यता मिलना बड़ी उपलब्धि है.

Published : June 27, 2026 at 3:00 PM IST
|Updated : June 27, 2026 at 3:07 PM IST
रोहतक: पीजीआईएमएस रोहतक की बायोकैमिस्ट्री लैब ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. लैब को राष्ट्रीय परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) की प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त हुई है. एनएबीएच की मान्यता मिलने का मतलब है की अब पीजीआईएमएस की बायोकेमिस्ट्री लैब में होने वाली सभी प्रकार की जांच अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरेंगी.
भारत सरकार के अधीन है एनएबीएल: बायोकैमिस्ट्री लैब से जारी होने वाली रिपोर्ट को देश-विदेश के ज्यादातर अस्पतालों और संस्थानों में भी मान्यता मिलेगी. एनएबीएल भारत सरकार की क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के अधीन एक स्वायत्त संस्था है जो लैब्स की तकनीकी क्षमता और गुणवत्ता प्रणाली की जांच के बाद मान्यता देती है. एनएबीएच मान्यता प्राप्त लैब की रिपोर्ट को 100 से अधिक देशों में मान्यता मिलती है.
एनएबीएच मान्यता के लिए एक साल से चल रही थी तैयारीः बायोकेमिस्ट्री विभाग की अध्यक्ष डॉ. सिम्मी खरब ने बताया कि "एनएबीएच की मान्यता के लिए पिछले करीब एक साल से लगातार तैयारी चल रही थी. लैब के सभी उपकरणों का अंशांकन, स्टाफ की ट्रेनिंग, जांच की हर स्टेप की रिकॉर्ड कीपिंग और क्वालिटी कंट्रोल जैसे सैकड़ों मानकों को पूरा करना पड़ा. एनएबीएच की टीम ने 2 दिन तक बारीकी से हर प्रक्रिया को जांचा, तब जाकर यह मान्यता मिली है."
प्रतिदिन 3 हजार से अधिक मरीजों की होती है बायोकेमिस्ट्री जांच: इसका मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा. पीजीआईएमएस में प्रतिदिन 3 हजार से अधिक मरीजों की बायोकेमिस्ट्री जांच होती हैं, जिनमें शुगर, किडनी फंक्शन, लिवर फंक्शन, लिपिड प्रोफाइल, हार्माेन टेस्ट जैसे महत्वपूर्ण टेस्ट शामिल हैं. एनएबीएच मान्यता के बाद अब हर रिपोर्ट के साथ गुणवत्ता की गारंटी मिलेगी. गरीब मरीज को भी अब प्राइवेट लैब जैसी विश्वसनीय रिपोर्ट सरकारी अस्पताल में फ्री मे मिलेगी.
'यह पीजीआईएमएस के लिए गर्व का क्षण है': हेल्थ यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. एचके अग्रवाल ने कहा कि "यह सिर्फ एक सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि हरियाणा की जनता के विश्वास का प्रमाण पत्र है. यह पीजीआईएमएस के लिए गर्व का क्षण है."

