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30 साल का इंतजार खत्म, PGI चंडीगढ़ के 659 तकनीकी कर्मचारियों को मिला पदोन्नति का लाभ

पीजीआई चंडीगढ़ में 30 साल से लंबित तकनीकी कैडर पुनर्गठन पूरा हो गया है. यहां के 659 कर्मचारियों को लाभ और 1120 पदोन्नतियां मिलीं है.

PGIMER Chandigarh
PGI के 659 तकनीकी कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : June 2, 2026 at 11:53 AM IST

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Updated : June 2, 2026 at 12:10 PM IST

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चंडीगढ़: PGIMER चंडीगढ़ में तीन दशक से लंबित तकनीकी कैडर पुनर्गठन का मामला आखिरकार सुलझ गया है. संस्थान प्रशासन ने प्रयोगशाला, एक्स-रे और रेडियोथेरेपी तकनीकी कर्मचारियों से जुड़े पुनर्गठन को लागू कर सैकड़ों कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. इस फैसले को संस्थान के प्रशासनिक इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में माना जा रहा है.

तीन दशक पुरानी मांग हुई पूरी: तकनीकी कर्मचारियों की यह मांग पिछले करीब 30 वर्षों से लंबित थी. कर्मचारियों के सेवा हितों और पदोन्नति से जुड़े मामलों के समाधान के लिए संस्थान प्रशासन ने व्यापक स्तर पर समीक्षा प्रक्रिया शुरू की. लंबे समय से अटके मामलों के निपटारे से कर्मचारियों में खुशी का माहौल है.

पुराने रिकॉर्ड खंगालकर पूरी की प्रक्रिया: पीजीआई प्रशासन के अनुसार कैडर पुनर्गठन को लागू करने के लिए वर्षों पुराने रिकॉर्ड, वरिष्ठता सूचियां, सेवा विवरण और पदोन्नति संबंधी दस्तावेजों की गहन जांच की गई. इस जटिल प्रक्रिया को पूरा करने के लिए विशेष प्रयास किए गए ताकि किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय न हो.

विशेष सेल ने संभाली जिम्मेदारी: संस्थान के निदेशक प्रोफेसर विवेक लाल के निर्देश पर एक विशेष सेल का गठन किया गया था. इस टीम ने वर्ष 1992 से 2024 तक के रिकॉर्ड का अध्ययन करते हुए तकनीकी कर्मचारियों के पदोन्नति मामलों की समीक्षा की. जांच और सत्यापन के बाद करीब 659 कर्मचारियों से जुड़े मामलों का निपटारा किया गया तथा लगभग 1120 पदोन्नतियों की प्रक्रिया पूरी की गई.

प्रयोगशाला, एक्स-रे और रेडियोथेरेपी स्टाफ को लाभ: सबसे अधिक लाभ प्रयोगशाला तकनीकी कैडर के कर्मचारियों को मिला, जहां बड़ी संख्या में लंबित पदोन्नति मामलों का समाधान हुआ. इसके अलावा एक्स-रे और रेडियोथेरेपी विभागों के तकनीकी कर्मचारियों को भी पुनर्गठन प्रक्रिया का फायदा मिला.

"कर्मचारियों के सम्मान और न्याय से जुड़ा फैसला": पीजीआई निदेशक प्रोफेसर विवेक लाल ने कहा कि, "यह केवल प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान, पहचान और पेशेवर विकास से जुड़ा मुद्दा है. यह उन कर्मचारियों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो वर्षों से अपने सेवा संबंधी मामलों के समाधान का इंतजार कर रहे थे. दशकों पुराने और बिखरे रिकॉर्ड के बावजूद इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया."

पारदर्शी प्रशासन को मिलेगी मजबूती:पीजीआई प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से तकनीकी कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा. साथ ही संस्थान में पारदर्शी, जवाबदेह और कर्मचारी-केंद्रित प्रशासन को और मजबूती मिलेगी.

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Last Updated : June 2, 2026 at 12:10 PM IST