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PGI चंडीगढ़ का प्रोजेक्ट सारथी बना मरीजों का सहारा, 2 साल में देशभर तक पहुंचा

मरीजों की सेवा के लिए पीजीआई चंडीगढ़ की पहल को देश के 750 से ज्यादा अस्पतालों में लागू किया गया है.

PGI CHANDIGARH PROJECT SARATHI
प्रोजेक्ट सारथी बना मरीजों का सहारा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : May 5, 2026 at 8:51 PM IST

2 Min Read
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चंडीगढ़: PGI में शुरू हुआ ‘प्रोजेक्ट सारथी’ अब धीरे-धीरे एक बड़ी पहल बन चुका है. 6 मई 2024 को शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट आज मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी मदद साबित हो रहा है. आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर चंडीगढ़ के चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद भी पहुंचे. उन्होंने इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि "यह प्रोजेक्ट न सिर्फ मरीजों की मदद कर रहा है, बल्कि युवाओं को भी एक अच्छा मंच दे रहा है."

PGI से जुड़कर वॉलंटियर्स करते हैं सेवा: शुरुआत में इसे लागू करने में कुछ दिक्कतें जरूर आईं, लेकिन डिप्टी डायरेक्टर पंकज राय की पहल अब एक मजबूत सिस्टम में बदल चुकी है. आज हालात ये हैं कि भारत सरकार भी इस प्रोजेक्ट की सराहना कर चुकी है. इस प्रोजेक्ट के तहत चंडीगढ़ के स्कूलों और कॉलेजों के NSS वॉलंटियर्स जुड़कर PGI आने वाले मरीजों की मदद करते हैं, जैसे उन्हें सही जगह तक पहुंचाना, जानकारी देना और जरूरी मार्गदर्शन करना है.

PGI चंडीगढ़ का प्रोजेक्ट सारथी बना मरीजों का सहारा (ETV Bharat)

750 अस्पतालों में ‘सारथी' मॉडल लागूः प्रोजेक्ट सारथी सिर्फ PGI तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के करीब 750 अस्पतालों में भी इसे अपनाया जा रहा है. बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़ रहे हैं और लोगों की सेवा में लगे हैं. ‘सारथी' अब एक ऐसा मॉडल बन चुका है, जो अस्पतालों में मरीजों के अनुभव को आसान बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है.

क्या बोले पीजीआई डॉयरेक्टरः PGI के डायरेक्टर प्रो. विवेक लाल ने बताया कि "हर साल करीब 40 लाख मरीज PGI में आते हैं. ऐसे में ‘सारथी’ उन लोगों के लिए एक सहारा बनकर सामने आया है, जिन्हें अस्पताल में भटकना पड़ता था." उन्होंने कहा कि "जैसे फिल्म में डायलॉग है, मेरे पास मां है, वैसे मैं कहता हूं कि मेरे पास PGI है और यह सच में गर्व की बात है कि चंडीगढ़ के पास PGI है."

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