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सिंघतराई पावर प्लांट के चेयरमैन समेत दो IAS अफसरों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका, भू विस्थापितों ने मांगा अपना हक

सक्ती के सिंघतराई पावर प्लांट के भू विस्थापितों को मुआवजा न मिलने का मामला अब हाईकोर्ट में पहुंच चुका है.

Contempt petition filed in court
दो IAS अफसरों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : July 8, 2026 at 6:11 PM IST

5 Min Read
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सक्ती : सिंघतराई पावर प्लांट का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच चुका है. भू विस्थापितों ने उचित मुआवजा और नौकरी की मांग करते हुए हाईकोर्ट में आदेश की अवमानना करने की याचिका दायर की है. जिसमें वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 4 लोगों के खिलाफ न्यायालय में अवमानना की याचिका दायर की गई है.

दो आईएएस समेत एसडीएम को भी बनाया पार्टी

दायर याचिका में कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के अलावा दो आईएएस अधिकारी जिसमें राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सचिव शम्मी आबिदी और सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो समेत डभरा एसडीएम विनय कुमार कश्यप को पार्टी बनाया गया है.

Contempt petition filed in court
दो IAS अधिकारियों को बनाया गया पार्टी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
Contempt petition filed in court
कोर्ट में दायर हुई अवमानना की याचिका (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

ग्रामीणों का आरोप नहीं मिला भत्ता और मुआवजा

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन कंपनी ने ले ली.लेकिन वादे के मुताबिक ना तो नौकरी मिली और ना ही भत्ता दिया जा रहा है.दिन ब दिन महंगाई बढ़ती जा रही है ऐसे में उनके पास आजीविका चलाने के लिए पैसे नहीं है.कंपनी कोर्ट के आदेश के बाद भी पैसा नहीं दे रही है.

दो IAS अफसरों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

कंपनी ने हमारी जमीन ले ली है.लेकिन आज तक मुआवजा नहीं दिया है.हमें जमीन लेने से पहले ये कहा गया था कि परिवार के हर सदस्य को नौकरी दी जाएगी.लेकिन जमीन लेने के बाद किसी को नौकरी नहीं मिली. ना ही हमें आज तक मुआवजा राशि दी गई है. पुनर्वास नीति के तहत जो भत्ता दिया जाता था वो भी कंपनी ने देना बंद कर दिया है.अब हमारे पास परिवार चलाने के लिए पैसे नहीं है. अधिकारियों के पास भी आए हैं.लेकिन उनकी भी कंपनी वाला नहीं सुन रहा है-रेशम लाल यादव,,भू विस्थापित किसान

वहीं इस पूरे मामले में पार्टी बनाए गए कलेक्टर का कहना है कि कंपनी को मुआवजा और भत्ता से संबंधित पत्र जारी किया गया है जल्द ही दोनों ही पक्षों को बैठाकर मामले को सुलझा लिया जाएगा.

जिस प्लांट को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है,उसके लिए जिला प्रशासन ने कमेटी बनाकर मामले को सुलझाने का प्रयत्न किया है.दोनों पक्षों को आपस में शांति पूर्वक बैठाकर मामले का समाधान किया जाएगा. हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द शांतिपूर्ण तरीके से पूरे प्रकरण को सुलझा लिया जाए.हम आने वाले समय में नियमानुसार कंपनी प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच हो रहे मतभेदों को दूर करेंगे- अमृत विकास तोपनो, कलेक्टर

Collector sent notice to company
कलेक्टर ने कंपनी को भेजा नोटिस (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

क्या है वेदांता पावर प्लांट का मामला ?

पूरा मामला सक्ती जिले के सिंघीतराई में स्थित वेदांता पावर प्लांट से जुड़ा है. जो पहले एथेना पावर प्लांट के नाम से जाना जाता था.प्लांट के लिए साल 2008 में आसपास की गांवों से 1000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था. इसमें 800 परिवारों ने अपनी जमीन प्लांट को दी. जमीन के एवज में प्लांट प्रबंधन को पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति 2007 के तहत भू-मालिकों को नौकरी या वेतन देना था. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

Collector sent notice to company
कलेक्टर ने कंपनी को भेजा नोटिस (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

2022 में वेदांता ग्रुप ने किया अधिग्रहण

साल 2013 में एथेना पावर प्लांट का संचालन शुरू हुआ लेकिन 3 साल में ही वित्तीय संकट के कारण 2016 में प्लांट बंद हो गया. साल 2022 में वेदांता ग्रुप ने इस प्लांट को अधिग्रहित किया.साल 2025 में इस प्लांट को फिर से चालू किया गया .प्लांट चालू तो हुआ लेकिन 400 से अधिक परिवार नौकरी से वंचित रह गए.कंपनी अधिग्रहण के नियमानुसार परिवारों को नौकरी या भत्ता मिलना था,लेकिन उन्हें नहीं मिला.

2023 में कोर्ट ने दिया था आदेश

करीब 400 परिवार पिछले 13 साल से अपने हक से वंचित हैं. साल 2021 में इन्हीं मांगों को लेकर 37 परिवार की ओर से हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी.इसमें दो साल बाद कोर्ट ने आदेश जारी कर जिला प्रशासन और राज्य शासन को इसका समाधान करने के निर्देश जारी किए थे. कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन की कमिटी ने प्लांट प्रबंधन को पत्र लिखकर भू विस्थापितों को नियमानुसार भत्ता देने के निर्देश जारी किए थे. बावजूद इसके प्लांट प्रबंधन ने भत्ता नहीं दिया.दो महीने पहले पूर्व कलेक्टर ने भी प्लांट प्रबंधन को चेतावनी जारी करते हुए कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए भू विस्थापितों को भत्ता देने के निर्देश दिए थे.लेकिन इसके बाद भी प्रबंधन ने किसी की नहीं सुनी.

भू विस्थापितों ने फिर से लगाई याचिका

जब भू विस्थापितों के सब्र का बांध टूट गया तो उन्होंने पावर प्लांट के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के अलावा दो आईएएस अधिकारी जिसमें राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सचिव शम्मी आबिदी और सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो समेत एसडीएम के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना का केस दायर किया है.



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