उत्तरकाशी में आग लगने से 14 पशु जलकर मरे, धन संपदा का भी नुकसान, जलकल स्टोर में भी फायर
उत्तरकाशी में आग लगने की दो घटनाएं हुई हैं, गुराडी गांव में आग से 2 घर जले, जल संस्थान के जलकल स्टोर में भी आग

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 7, 2026 at 1:22 PM IST
|Updated : January 7, 2026 at 1:38 PM IST
उत्तरकाशी: जनपद में लगातार आग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. बुधवार सुबह पांच बजे जिला मुख्यालय पर गोफियारा के निकट जल संस्थान विभाग में जलकल स्टोर में प्लास्टिक पाइप में आग लगने से वहां पर रखा सामान राख हो गया. वहीं मोरी ब्लॉक के गुराडी गांव में आग लगने से दो भवन जल कर राख हो गए. इसके साथ ही 14 पशुओं की जलकर मौत हो गई. आग से गांव में अफरा तफरी मची. सूचना मिलते ही मौके के लिए पुलिस, फायर सर्विस टीम और एसडीआरएफ पहुंची, जहां उन्होंने आग पर काबू पाया.
मोरी ब्लॉक के गुराडी गांव में आग लगने से 14 पशु जलकर मरे: आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकरी के अनुसार मोरी ब्लॉक के गुराड़ी गांव में सुबह पांच बजे अचानक एक आवासीय भवन में आग लग गई. ग्रामीण कुछ समझ पाते और मौके पर नियंत्रण पाते, इससे पूर्व आग विकराल हो गई और दो मकान को भी अपनी चपेट में ले लिया. इस दौरान ग्रामीण किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग गए. आग लगने की घटना में 14 मवेशी जलकर मर गए.
इन लोगों को हुई पशु हानि: इस घटना में रामचन्द्र की दो गाय, एक बैल और भरत मणि पुत्र केदार दत्त की पांच बकरियां, एक गाय, ममलेश की दो भेड़, एक गाय, दो बकरी जलकर मर गईं. इसके साथ ही आग के कारण घरों में रखा खाद्यान्न, कपड़े, नकदी, सोना चांदी सहित अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जलकर राख हुए हैं. सूचना के बाद राजस्व टीम के साथ ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना हुई.
पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग: ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की. वहीं आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि-
मोरी ब्लॉक के गुराड़ी गांव में सुबह आग लगने की सूचना मिली. मौके पर राजस्व, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम भेजी गई. मौके पर कितना नुकसान हुआ है, टीम के वापस आने के बाद भी पता चल पायेगा.
-शार्दुल गुसाईं, आपदा प्रबंधन अधिकारी-
जलकल स्टोर में लगी आग: वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय भटवाड़ी रोड पर गोफियारा के निकट जल संस्थान विभाग के जलकल स्टोर में प्लास्टिक पाइपों में आग लग गई. सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. आग के कारण वहां रखे प्लास्टिक पाइप जलकर नष्ट हो गए. फायर सर्विस की टीम यदि समय पर नहीं पहुंचती, तो आग और विकराल हो जाती, जिससे आसपास के लोगों को भी खतरा पैदा होता.
29 दिसंबर को भी लगी थी आग: बता दें कि इससे पहले 29 दिसंबर को मोरी ब्लॉक के सट्टा गांव में आग लगने से दो आवासीय भवन जलकर राख हो गए थे. घटना में ग्रामीणों का पूरा सामान जलकर राख हो गया था. साथ ही इस घटना में एक व्यक्ति की आग में झुलसने से मृत्यु भी हुई थी. उस दौरान भी गांव में अफरातफरी का महौल बना था. किसी तरह अन्य ग्रामीणों ने भागकर अपनी जान बचाई थी.
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