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फिर उठी थराली को जिला बनाने की मांग, एसडीएम के जरिए सीएम धामी को भेजा ज्ञापन

उत्तराखंड में नए जिले बनाए जाने का जिन्न एक बार फिर बाहर आया है. इस बार थराली को अलग जिला बनाने की मांग उठी है.

Tharali Separate District
थराली को जिला बनाने की मांग को ज्ञापन सौंपते लोग (फोटो सोर्स- Bakhtabar Singh Negi)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 17, 2026 at 7:14 PM IST

3 Min Read
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थराली: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक आते ही नए जिलों का जिन्न एक बार फिर से बाहर आ गया है. हाल में ही उत्तरकाशी से पृथक कर पुरोला को जिला मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर महापंचायत हुई थी. अब चमोली से अलग थराली को जिला बनाने की मांग उठाई गई है.

थराली को जिला बनाने की मांग तेज: बता दें कि थराली विधानसभा क्षेत्र को जिला बनाए जाने की मांग को लेकर तेज हो गई. इसी कड़ी में थराली ब्लॉक सभागार में 'विधानसभा थराली बौद्धिक जागरण विकास मंच' के बैनर तले एक बैठक का आयोजन किया गया.

इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल जुलूस की शक्ल में तहसील कार्यालय पहुंचा. जहां पर उन्होंने उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से थराली को जिला बनाए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा.

विधानसभा थराली बौद्धिक जागरण विकास मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रमुख बख्ताबर सिंह नेगी ने कहा कि थराली क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहा है. जिला मुख्यालय से दूरी ज्यादा होने के कारण यहां के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं.

उन्होंने थराली को अलग जिला बनने की मांग की. इस मौके पर मंच के उपाध्यक्ष डीडी उनियाल ने कहा कि साल 1985 से लगातार थराली को जिला बनाने की मांग क्षेत्रीय जनता की ओर से उठाई जाती रही है, लेकिन आज तक जायज मांग पूरी न हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है.

दूरस्थ गांवों के लोगों को होती है परेशानी: इस मौके पर प्रधान प्रद्युम्न सिंह रावत ने कहा कि दूरस्थ गांवों के लोगों को प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य नंदन सिंह रावत ने भी अपनी बात रखी.

उन्होंने कहा कि थराली भौगोलिक रूप से विशाल क्षेत्र है और यहां की समस्याएं अलग प्रकृति की है. इ लिए थराली को प्राथमिकता के साथ जिला बनाया जाना चाहिए. वहीं, एक शिष्टमंडल ने उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट से मुलाकात कर उन्हें मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा.

उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से ही छोटी-छोटी प्रशासनिक इकाईओं के गठन की मांग उठती आ रही है. विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस पहाड़ी राज्य के नए जिलों के गठन का मामला जहां हर बार सियासत की भेंट चढ़ता रहा तो वहीं अब एक बार फिर से नए जिले बनाने जाने का मुद्दा चर्चाओं में है.

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