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गैरसैंण में बजट सत्र से पहले स्थायी एसडीएम की नियुक्ति को लेकर तहसील में प्रदर्शन, दी ये चेतावनी

गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बने 5 साल बीत जाने के बावजूद स्थायी एसडीएम की नियुक्ति नहीं कर पा रही सरकार, ग्रामीणों दिया धरना

GAIRSAIN PERMANENT SDM DEMAND
गैरसैंण तहसील कार्यालय में धरने पर बैठे लोग (फोटो सोर्स- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 26, 2026 at 7:29 PM IST

5 Min Read
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गैरसैंण: एक तरफ सरकार गैरसैंण में विधानसभा बजट सत्र की तैयारियां कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ लंबे समय से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में एसडीएम का पद ही रिक्त चल रहा है. जिसको लेकर आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. आए दिन अपने कागजी काम से दूर दराज से गैरसैंण तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम न होने से आम जनता को मायूस होकर बैरंग ही लौटना पड़ रहा है.

बता दें कि ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा पाए गैरसैंण को 5 साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन आज भी लोगों को अपने मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है. ऐसे में अपनी बातों को सरकार तक पहुंचाने के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. गैरसैंण में आए दिन लोग स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़क निर्माण समेत अन्य मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं.

स्थायी एसडीएम की नियुक्ति की मांग लेकर तहसील में प्रदर्शन (वीडियो सोर्स- ETV Bharat)

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में जहां कमोवेश सचिव स्तरीय अधिकारी की तैनाती की उम्मीद की जा रही थी, वहां आज तहसील में एक अदद एसडीएम नियुक्त नहीं है. तहसीलदार की नियुक्ति है, लेकिन वो मेडिकल लीव पर हैं. प्रशासनिक अधिकारी के भरोसे चल रहे गैरसैंण तहसील की बदहाली को कोई देखने सुनने वाला नहीं है.

वहीं, आज नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी के नेतृत्व में कई महिलाओं व जनप्रतिनिधियों ने तहसील कार्यालय में 2 घंटे तक धरना देकर प्रदर्शन किया. गैरसैंण में कई सालों से रिक्त चल रहे एसडीएम के पद पर स्थायी नियुक्ति की मांग की. इस दौरान नगर पंचायत कार्यालय से होते हुए तहसील कार्यालय तक सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया गया.

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स्थाई एसडीएम की नियुक्ति को लेकर प्रदर्शन (फोटो सोर्स- ETV Bharat)

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी ने कहा कि लंबे आंदोलन व संघर्षों के बाद गैरसैंण में स्थायी एसडीएम की नियुक्ति की गई थी, लेकिन कुछ महीने बाद ही उन्हें गैरसैंण से हटा कर टिहरी भेज दिया गया. जिसका खामियाजा अपने महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर गैरसैंण तहसील पहुंचने वाली आम जनता को भुगतना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा कि पिछले साल एक गर्भवती महिला व उसके शिशु की मौत के बाद जब क्षेत्रीय लोगों ने गैरसैंण तहसील घेराव किया था, उस वक्त प्रसाशन के अधिकारियों ने गैरसैंण स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ऑपरेशन थिएटर निर्माण की बात कही गई थी, लेकिन आज एक साल बीत जाने के बावजूद भी एक भी वादा पूरा नहीं हो पाया है, जो कि शर्मनाक है.

"अगर बजट सत्र से पहले गैरसैंण में स्थायी एसडीएम की नियुक्ति और ऑपरेशन थिएटर का निर्माण नहीं होता है तो आगामी 8 मार्च को विधानसभा के प्रवेश द्वार दिवालीखाल में चक्का जाम व प्रदर्शन किया जाएगा. किसी भी अधिकारी, विधायक और मंत्री को विधानसभा में घुसने नहीं दिया जाएगा. बजट सत्र का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा. जिसकी पूरी जिम्मेदार शासन-प्रसाशन की होगी. इस संबंध में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रणजीत सिंह के माध्यम से चमोली डीएम को एक ज्ञापन भी भेजा गया है."- मोहन भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष

वहीं, मांगों को समर्थन देते हुए गैरसैंण बार संघ के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कुंवर सिंह बिष्ट ने कहा कि लंबे समय से एसडीएम का पद रिक्त चल रहा है. क्षेत्रीय जनता को बहुत सारे काम तहसील से करने पड़ते हैं, फिर चाहे वो प्रमाण पत्र हो या अन्य कार्य हों. जनता के लंबे समय से वाद एसडीएम न्यायालय में लंबित हैं. जिस कारण जनता के कई काम प्रभावित हो रहे हैं. जिस कारण दूर दराज से आने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है. ऐसे में सरकार के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है.

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धरने पर बैठे ग्रामीण (फोटो सोर्स- ETV Bharat)

उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी में प्रशासनिक अधिकारी का होना नित्यांत आवश्यक है. ताकि, जनता के महत्वपूर्ण कार्य हो सकें. कुछ महीने पहले अग्निवीर भर्ती हुई थी, लेकिन एसडीएम के न होने से बेरोजगार युवाओं को शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करवाने के लिए कर्णप्रयाग व थराली के चक्कर लगाने पड़े. उन्होंने जल्द एसडीएम की नियुक्ति की मांग की है.

वहीं, जिला पंचायत सदस्य कामेश्वरी देवीग्राम प्रधान दिवानी राम ने कहा कि एसडीएम की नियुक्ति न होने से आए दिन ग्रामीण क्षेत्र की जनता को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है. यदि जल्द एसडीएम की नियुक्ति नहीं की जाती है तो जनता के साथ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ेगा.

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गैरसैंण में स्थाई एसडीएम नहीं (फोटो सोर्स- ETV Bharat)

ग्रामसभा रिखोली की पूर्व महिला मंगल दल अध्यक्ष बसंती देवी ने कहा कि हमने सोचा था कि उत्तराखंड राज्य बनने से हमारा विकास होगा, लेकिन इन 25 सालों में विकास की जगह विनाश के सिवा कुछ नहीं हुआ. उत्तराखंड राज्य बनने के बाद सिर्फ नेताओं व अधिकारियों का विकास हुआ है. आम जनता जहां पहले थी, वहीं आज भी खड़ी है.

पिकनिक मनाने आ रहे नेता: उन्होंने सभी से आह्वान किया कि जिस प्रकार राज्य आंदोलन की लड़ाई लड़ी गई थी, उसी प्रकार आज एक लड़ाई अपने हक के लिए लड़ने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ये नेता बजट सत्र के नाम पर सिर्फ ठंडी हवा और पिकनिक मनाने गैरसैंण आ रहे हैं, कोई विकास करने नहीं आ रहे हैं.

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