रुद्रप्रयाग के खेड़धार में जल संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, जल संस्थान कार्यालय में गरजे
रुद्रप्रयाग के खेड़धार में पेयजल समस्या से लोग हलकान, जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन, एक हफ्ते का दिया अल्टीमेटम, बोले-अधिकारियों के घर पानी, ग्रामीण प्यासे

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 24, 2026 at 3:59 PM IST
|Updated : March 24, 2026 at 5:27 PM IST
रुद्रप्रयाग: जिला मुख्यालय से सटे खेड़धार क्षेत्र में इन दिनों भीषण जल संकट ने लोगों का जीवन कठिन बना दिया है. हालात ये हैं कि पिछले कई दिनों से घरों के नलों में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंच रही है. जिससे खासकर महिलाओं की परेशानियां बढ़ गई हैं. ऐसे में मजबूर होकर ग्रामीणों ने जल संस्थान विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
खेड़धार क्षेत्र में पेयजल की समस्या: रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय से सटे खेड़धार क्षेत्र में 'चिराग तले अंधेरा' की कहावत यहां पूरी तरह चरितार्थ होती नजर आ रही है. एक ओर जहां जिले के बड़े अधिकारियों के आवासों में 24 घंटे निर्बाध जल आपूर्ति हो रही है, तो वहीं नजदीकी ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. सूखे नल और खाली बर्तन लोगों की बेबसी की कहानी बयां कर रहे हैं.
हर बार लाइन ठीक करने का मिलता है आश्वासन: ग्रामीणों का कहना है कि जब उनकी जमीनों पर कलेक्ट्रेट और विकास भवन का निर्माण किया गया था, तब प्रशासन ने नियमित पेयजल आपूर्ति का वादा किया था, लेकिन आज स्थिति ये है कि न केवल वो वादा अधूरा रह गया है, बल्कि जल संस्थान की लापरवाही से समस्या और भी विकराल होती जा रही है. विभाग हर बार 'लाइन ठीक होने' का आश्वासन देता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं देता.

जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन: पानी की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान विभागीय कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए. ग्रामीणों का कहना है कि पानी की आपूर्ति न होने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है. दूर से पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है. जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है.
सभासद विनीता नेगी ने दिया अल्टीमेटम: इस मुद्दे पर सभासद विनीता नेगी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि खेड़धार के 30-35 परिवारों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक हफ्ते के भीतर जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा.

क्या बोले अधिकारी? वहीं, जल संस्थान के सहायक अभियंता रेवत सिंह रावत ने एक हफ्ते के भीतर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया है. हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तय समयसीमा में समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. फिलहाल, खेड़धार का यह जल संकट प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर रहा है, जिससे आम जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
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