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पिथौरागढ़-बागेश्वर सीमा पर सड़क खस्ताहाल, ग्रामीणों ने बनाई मानव श्रृंखला, MP-MLA के आश्वासन के बाद माने

सांसद ने एक माह में टेंडर प्रक्रिया का भरोसा दिलाया, अक्टूबर तक काम होने का आश्वासन दिया, तब माने ग्रामीण

PITHORAGARH BAGESHWAR ROAD PROBLEM
मानव श्रृंखला में बड़ी संख्या में लोग जुटे (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 25, 2026 at 11:09 AM IST

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पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले में पिथौरागढ़-बागेश्वर सीमा पर स्थित बेरीनाग पौसा गांव में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पौषा पोस्ताला और कमस्यार घाटी के ग्रामीणों ने सड़क पर डामरीकरण की मांग को लेकर मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने सड़क पर खड़े होकर नारेबाजी करते हुए लंबे समय से बदहाल सड़क को पक्का करने की मांग उठाई.

पिथौरागढ़ में मानव श्रृंखला बनाकर सड़क ठीक करने की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि नरगोली-बेरीनाग मोटर मार्ग लंबे समय से डामरीकरण के अभाव में बदहाल है. बरसात के दौरान सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और गड्ढे होने से आवाजाही बेहद मुश्किल हो गई है. इससे सबसे अधिक परेशानी मरीजों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और स्थानीय ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार लोनिवि और प्रशासन से सड़क के डामरीकरण की मांग की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ.

खस्ताहाल सड़क ठीक करने की मांग (Etv Bharat)

मौके पर पहुंचे अफसरों का घेराव किया: मानव श्रृंखला के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि सड़क का डामरीकरण क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग है. ग्रामीणों ने कहा कि आश्वासन के बावजूद यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंचे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों ने घेराव कर जमकर खरी खोटी सुनाई.

सांसद-विधायक के आश्वासन पर माने ग्रामीण: इस दौरान सांसद और विधायक की ओर से दिए गए आश्वासन तथा विभाग की ओर से लिखित कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त किया. अधिकारियों ने जल्द ही सड़क के डामरीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया. ग्रामीणों ने कहा कि अब उनकी नजर विभागीय कार्रवाई पर रहेगी. उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय में काम शुरू नहीं हुआ, तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा.

Pithoragarh Bageshwar Road Problem
पिथौरागढ़ बागेश्वर सीमा पर सड़क का हाल (ETV Bharat)

विनोद महरा व्यापार संघ अध्यक्ष, राजेश रावत सामाजिक कार्यकर्ता, प्रकाश बोरा पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष, दीपक राठौर, महेश राठौर, अनिल रौतेला, भगवान महरा, सुनील रावत, हरीश डसीला, भाष्कर कुमार, भगवत सिंह रौतेला, राजेश रावत, हयात डसीला, भगवान खाती, गोपा धपोला, सरोज आर्या और मनोज रौतेला सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद मानव श्रृंखला में रहे. इस मौके पर बेरीनाग के तहसीलदार दयाल चन्द्र मिश्रा, लोनिवि और पीएमजीसवाई के अधिकारी मौजूद रहे. ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए बड़ी संख्या पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे.

विभागीय अनदेखी का दंश झेल रहे पिथौरागढ़ और बागेश्वर सीमा के गांव के ग्रामीण: सरकारी योजनाओं को धरातल पर किस कदर उतारा जाता है, जिम्मेदार विभाग अपनी कितनी जिम्मा से कार्य करते हैं और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि जनता के प्रति कितने गंभीर होते हैं ये पिथौरागढ़-बागेश्वर सीमा के गांवों में दिख रहा है. पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले की अंतिम सीमा को जोड़ने वाले बेरीनाग पौषा पोस्ताला चंतोला नरगोली मोटर मार्ग की हालत खराब है.

8 किलोमीटर की ये सड़क है इलाके की जीवन रेखा: 8 किलोमीटर का यह मार्ग दोनों जिलों को जोड़ता हुआ इससे लगे गांवों की विकास की लकीर तय करता. लेकिन पिछले दो दशकों में सिर्फ इस मार्ग में लोक निर्माण विभाग ने करोड़ों की धनराशि खर्च कर दी है, उसके बावजूद मार्ग के हालात जस के तस बने हुए हैं. पौषा पोस्ताला से लेकर कमस्यारघाटी के लोग पिछले दो दशकों में कई बार लोक निर्माण विभाग से लेकर स्थानीय विधायकों, कैबिनेट मंत्री, मुख्यमंत्री और सांसद को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी कोई बड़ी कार्रवाई इस मार्ग को बनाने के लिए नहीं हुई. इस कारण दोनों जिलों के दर्जनों गांवों के लोगों को सड़क को ठीक करने की मांग को लेकर मानव श्रृंखला बनाकर अपना विरोध जताना पड़ा.

Pithoragarh Bageshwar Road Problem
बेरीनाग में मानव श्रृंखला (ETV Bharat)

यह मार्ग बेरीनाग नगरपालिका से लगा हुआ है. इस सड़क का नये सिरे से निर्माण करने की जिम्मेदारी अब लोनिवि से हटाकर पीएमजीसवाई को दी जा रही है. पीएमजीसवाई को जब ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी तो रातों रात प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजकर खानापूर्ति कर दी गई. इससे ग्रामीण भी अब जान चुके हैं जिस सड़क को बनाने के लिए दो दशक से संघर्ष कर रहे थे उसका प्रस्ताव आन्दोलन की जानकारी मिलते ही तैयार किया गया है.

बेरीनाग में स्वास्थ्य बैकिंग व्यापार शिक्षा का केंद्र: पिथौरागढ़ जिले की अंतिम सीमा से लगे कमस्यारघाटी के दो दर्जन गांवों के ग्रामीणों का आज भी बेरीनाग में स्वास्थ्य सुविधा से लेकर बैकिंग, व्यापार का मुख्य केंद्र रहा है. बड़ी संख्या में प्रतिदिन लोग यहां पर अपने विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचते हैं. लेकिन सड़क की बदहाली के कारण आये दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. बागेश्वर जिले की सीमा तक सड़क हॉटमिक्स होने के साथ चौड़ी भी है, लेकिन पिथौरागढ़ की सीमा में स्थित सड़क बदहाल हो चुकी है.

Pithoragarh Bageshwar Road Problem
सांसद और विधायक के आश्वासन के बाद माने लोग (ETV Bharat)

हो सकती है बड़ी दुर्घटना: बेरीनाग पौषा पोस्ताला नरगोली मोटर मार्ग पर चलने वाले वाहन चालक और यात्री अपने जान हथेली पर रखकर चलते हैं. कहने को यह मोटर मार्ग है, लेकिन लोगों का कहना है कि ये मार्ग पैदल चलने लायक तक नहीं गाड़ी तो बहुत दूर की बात है. इस कारण इस मार्ग में 108 का वाहन और रसोई गैस का वाहन तक नहीं आता है. पूर्व में इस मार्ग में कई बार वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गये हैं, लेकिन उसके बाद हालात जस के तस बन हुए हैं.

सड़क के सुधारीकरण का प्रस्ताव पीएमजीसवाई के द्वारा बनाकर भारत सरकार में भेज दिया गया है. शीघ्र सड़क को ठीक कर दिया जाएगा.
-दयाल चन्द्र मिश्रा, तहसीलदार बेरीनाग-

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