रांची, हजारीबाग, कोडरमा और गोड्डा में लोगों ने लिया रक्तदान शिविर में बढ़ चढ़कर हिस्सा, ब्लड डोनेट को लेकर युवाओं में उत्साह
रांची, हजारीबाग, कोडरमा और गोड्डा में विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर लोगों ने बढ़ चढ़कर रक्तदान किया.

Published : June 14, 2026 at 5:54 PM IST
|Updated : June 14, 2026 at 6:55 PM IST
हजारीबाग/रांची/कोडरमा/गोड्डा: रक्तदान को बढ़ावा देने और स्वैच्छिक रक्तदाता को सम्मान देने के लिए 14 जून को दुनियाभर में 'विश्व रक्तदाता दिवस' मनाया गया. रक्तदान के प्रति युवा पीढ़ी में तेजी से उत्साह बढ़ रहा है. युवा इसे केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि उत्सव के रूप में देख रहे हैं. विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर में पहली बार रक्तदान करने वालों की सहभागिता अधिक देखने को मिली. युवा सुबह 10:00 बजे कैंप शुरुआत होने के साथ ही रक्तदान करने के लिए पहुंचते हुए देखे गए.
रक्तदान शिविर में युवाओं ने लिया बढ़ चढ़कर हिस्सा
युवाओं का कहना है कि रक्तदान शिविर नहीं यह उत्सव है. जिसे हर एक शख्स को मनाना चाहिए. एक व्यक्ति रक्तदान करता है तो उस रक्त से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है. इसके साथ ही रक्तदान करने से रक्तदाता स्वस्थ रहते हैं. इस कारण हर एक व्यक्ति जो सक्षम है, उसे रक्तदान करना चाहिए. युवाओं का यह भी कहना है कि यह बेहद खुशी की बात होती है कि हमारे रक्त से किसी की जान बच जाए. यही कारण है कि रक्तदान महादान है.
रक्तदान के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम
रक्तदान शिविर को जीवन बचाने के उत्सव के रूप में युवा देख रहे हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलने और नुक्कड़ नाटकों जैसे आयोजनों से अधिक से अधिक कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र आगे आ रहे हैं. जिला आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह बहुत खुशी की बात है कि हजारीबाग की नई पीढ़ी रक्तदान करने के लिए आगे आ रही है.
युवा वर्ग में रक्तदान से जुड़े पुराने अंधविश्वास और डर अब पूरी तरह खत्म हो रहे हैं. यह एक बड़ा परिवर्तन कहा जाएगा. युवा समझ रहे हैं कि उनके रक्त से किसी की जान बच सकती है.
रांची के ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रविवार को सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के परियोजना निदेशक शशि प्रकाश सिंह ने किया. इस मौके पर रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, सदर अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. रंजू सिन्हा सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे.

स्वैच्छिक रूप से रक्तदान करने की अपील
कार्यक्रम के दौरान JSACS के परियोजना निदेशक शशि प्रकाश सिंह ने बताया कि रक्तदान एक महान मानवीय सेवा है, जिससे अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है. उन्होंने लोगों से नियमित एवं स्वैच्छिक रूप से रक्तदान करने की अपील की तथा आज खुद रक्तदान भी किया. इस दौरान शशि प्रकाश सिंह ने सदर अस्पताल रांची में चल रहे विभिन्न गतिविधियों एवं वार्डों का निरीक्षण भी किया.
आमजन को रक्तदान के प्रति जागरूक बनाना
विश्व रक्तदाता दिवस 2026 पर 'रक्त दें आशा दें, मिलकर जीवन बचाएं' को केंद्र में रखते हुए लोगों को यह संदेश दिया गया कि रक्तदान केवल एक दान नहीं बल्कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवन की नई उम्मीद है. सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रांची जिले में कई रक्तदान शिविर आयोजित किये जा रहे हैं, इन शिविरों का उद्देश्य सुरक्षित रक्त की उपलब्धता बढ़ाना, स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करना तथा आमजन को रक्तदान के प्रति जागरूक बनाना है. रक्तदान के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को और अधिक सशक्त बनाने का संदेश भी दिया जा रहा है.
रक्त की आवश्यकता किसी भी शख्स को किसी भी समय पड़ सकती है, इसलिए सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त भंडार बनाए रखना बेहद जरूरी है. रक्तदान से दुर्घटनाओं के दौरान सर्जरी, कैंसर उपचार थैलेसीमिया एवं अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन मिल सकता है. एक यूनिट रक्त कई लोगों की जान बचाने में मदद करता है: डॉ. प्रभात कुमार, सिविल सर्जन
सामूहिक प्रयासों से रक्त भंडार संभव
सदर अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने बताया कि सुरक्षित एवं पर्याप्त रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए. हम सामूहिक प्रयासों से रक्त के अभाव में होने वाली असमय मौतों को रोक सकते है. वही सदर अस्पताल ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. रंजू सिन्हा ने कहा की रक्तदान किसी व्यक्ति को नया जीवन देने का सबसे प्रभावी और पावन अवसर है, रक्तदान वास्तव में महादान है. हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए ताकि दूसरों को नया जीवन मिल सके.
लोगों से रक्तदान अभियान से जुड़ने का आह्वान
कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों ने रक्तदाताओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान करके उनका उत्साहवर्धन किया तथा समाज के अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान अभियान से जुड़ने का आह्वान किया. सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक, खलारी स्थित सीआईएसएफ परिसर एवं डोरंडा के मिल्लत पंचायत क्षेत्र में लगे ब्लड डोनेशन कैंप के तहत कुल 118 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया है.
कोडरमा में रक्तदान शिविर का आयोजन
वहीं कोडरमा जिले में विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर 45 साल के रितेश माधव ने 87वीं बार रक्तदान किया है. कोडरमा के जेजे कॉलेज के प्रधान सहायक रितेश माधव, 2000 से लगातार नियमित अंतराल पर रक्तदान करते हुए लोगों को प्रेरणा दे रहे हैं.
3 से 4 महीने के अंतराल पर रक्तदान करते हैं रितेश माधव
रितेश माधव ने अब तक 87 बार रक्तदान करके कई जरूरतमंदों की जान बचाई है. साल 2000 में पटना विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान एक शिविर में उन्होंने पहली बार रक्तदान किया था. तभी उन्होंने जीवन में 101 बार रक्तदान करने का संकल्प लिया था. उसके बाद से वे हर तीन से चार महीने के अंतराल पर नियमित रूप से रक्तदान करते आ रहे हैं. रक्तदान के लिए जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक कई संस्थानों और संगठनों ने रितेश माधव को सम्मानित भी किया है.
रक्तदान करने की अपील
रितेश माधव का कहना है कि रक्तदान से शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है. वे सामान्य जीवनशैली अपनाते हैं और नियमित रक्तदान के बावजूद पूरी तरह स्वस्थ रहते हैं. उनका ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव है. रितेश माधव ने लोगों से स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की है.
स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर लोगों ने जताई नाराजगी
वहीं विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर गोड्डा में रक्त शिविर का आयोजन किया गया. जहां रक्तदान वीरों ने रक्त डोनेट किया लेकिन विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों द्वारा स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के उस बयान का विरोध किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ब्लड बैंक में ब्लड के बदले ब्लड लिया जाना बंद किया जाएगा. दरअसल, ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि रक्तकोष में रक्त की आपूर्ति बनी रहे, जो जरुरतमंद शख्स रक्त के लिए आता था, उसके बदले उसके परिजन को कोष में रक्त देना पड़ता है. हालांकि इनसे थलेसेमिया, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के लोगों को छूट दी जाती है.
रक्तदान वीरों का सम्मान
इस मामले में रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष मुकेश गाडिया ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के बयान के बाद रक्तकोष में कमी आई है, जिससे जरूरतमंद लोगों को रक्त देने में परेशानी हो रही है. बावजूद संस्था से जुड़े लोग लगातार लोगों में जागरूकता फैलाकर रक्तदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं. वहीं लायंस क्लब के सुभाष यादव ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को इस पर विचार करना चाहिए. उनके आदेश के बाद रक्त कोष में खून की आपूर्ति प्रभावित हुई है. रक्तदान के मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया. वहीं स्वयंसेवी संस्था द्वारा रक्तदान वीरों को पुष्प देकर सम्मानित किया गया.
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