ETV Bharat / state

अतिरिक्त प्रबंध निदेशक पद से हटाए गए पीसी ध्यानी, हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पिटकुल में बड़ा बदलाव

ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा एक अहम प्रशासनिक फैसला सामने आया है. पीसी ध्यानी को अतिरिक्त प्रबंध निदेशक पद से हटा दिया गया है.

PITKUL PC DHYANI
अतिरिक्त प्रबंध निदेशक पद से हटाए गए पीसी ध्यानी (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 27, 2026 at 8:39 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

देहरादून: उत्तराखंड में पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन आफ उत्तराखंड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार देख रहे पीसी ध्यानी को अब इस जिम्मेदारी से अवमुक्त कर दिया गया है. पीसी ध्यानी करीब 3 सालों से अतिरिक्त कार्यभार के रूप में इस जिम्मेदारी को देख रहे थे. हाल ही में हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में अब उन्हें इस जिम्मेदारी से हटाया गया है.

दरअसल पिटकुल के प्रबंध निदेशक पद पर गैर-इंजीनियर अधिकारी को नियुक्त किए जाने का मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था. याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि ऊर्जा निगमों में प्रबंध निदेशक का पद इंजीनियर संवर्ग के अधिकारी के लिए निर्धारित है. इस नियम की अनदेखी कर गैर-इंजीनियर अधिकारी को जिम्मेदारी देना नियमों के विपरीत है. इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी की कि नियमानुसार पद पर नियुक्ति होनी चाहिए. पीसी ध्यानी को अतिरिक्त प्रभार से हटाने के निर्देश दिए.

हालांकि, न्यायालय के निर्देशों के बाद भी राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से आदेश लागू नहीं किया. इसी बीच अवमानना याचिका दायर की गई. जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को नोटिस जारी किया. अदालत की इस सख्ती के कुछ ही घंटों के भीतर शासन ने आदेश जारी कर पीसी ध्यानी को पिटकुल के प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया.

जारी आदेश के अनुसार 10 सितंबर 2022 को पिटकुल में निदेशक मानव संसाधन की जिम्मेदारी निभा रहे पीसी ध्यानी को प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था. तब से वे दोनों जिम्मेदारियां संभाल रहे थे. अब नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उन्हें प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त पद से कार्यमुक्त किया जाता है.

शासन की ओर से जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि फिलहाल विभाग के अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट को पिटकुल के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. हालांकि यह व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी होगी और नई नियमित नियुक्ति या शासन के अगले आदेश तक ही प्रभावी रहेगी. यानी सरकार स्थायी समाधान की दिशा में अभी अंतिम निर्णय तक नहीं पहुंची है.

इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की ऊर्जा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. एक ओर न्यायालय ने स्पष्ट रूप से नियमों के अनुपालन पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर सरकार ने ऊर्जा निगमों में प्रबंध निदेशक पद के लिए इंजीनियर संवर्ग की अनिवार्यता वाले नियम में बदलाव की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार सरकार इस नियम को संशोधित करने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने की तैयारी कर चुकी है, ताकि भविष्य में गैर-इंजीनियर अधिकारियों को भी इस पद पर नियुक्त किया जा सके.

पीसी ध्यानी की भूमिका को लेकर भी पिछले कुछ समय से चर्चाएं तेज थीं. पिटकुल जैसे महत्वपूर्ण निगम में अतिरिक्त प्रभार के रूप में लंबी अवधि तक जिम्मेदारी निभाना अपने आप में असामान्य स्थिति मानी जा रही थी. ऐसे में न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद यह बदलाव लगभग तय माना जा रहा था.

पढे़ं- उत्तराखंड में अब गैर तकनीकी अफसर भी बन सकेंगे ऊर्जा निगमों में एमडी, पीसी ध्यानी को राहत

पढे़ं- पिटकुल के MD बने रहेंगे पीसी ध्यानी, रिटायरमेंट तक मिला डायरेक्टर एचआर पद पर विस्तार