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आज काशी बनाएगी बड़ा रिकॉर्ड; 1 घंटे में रोपे जाएंगे 3.16 लाख पौधे, CM रहेंगे मौजूद

मेयर अशोक तिवारी ने बताया कि रविवार को यहां 1 घंटे में हजार लोगों द्वारा 3 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे.

इस तरह से घाटों के नाम पर सेक्टर बांटे गए हैं.
इस तरह से घाटों के नाम पर सेक्टर बांटे गए हैं. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : March 1, 2026 at 7:19 AM IST

3 Min Read
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वाराणसी: अब बनारस के घाटों की तरह ग्रीन घाट भी शहर की पहचान बनेंगे. यह घाट गंगा किनारे इन पक्के घाटों पर नहीं होंगे बल्कि नगर निगम की उस योजना के तहत बनेंगे जो शहर के एक बड़े जंगल को डेवलप करने जा रही है. इसकी शुरुआत रविवार को हो जाएगी.

लगभग 350 एकड़ में एक ऐसा जंगल बसाया जा रहा है, जिसे 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में दर्ज कराने की कोशिश होगी. यहां पर 3,16000 पौधे एक साथ 1 घंटे के अंदर लगाए जाएंगे.

इससे पहले 1.5 लाख पौधों को 1 घंटे के अंदर एक जगह पर एक साथ लगाए जाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है. यह रिकॉर्ड काशी में तोड़ने की कवायद होगी.

मेयर अशोक तिवारी ने बताया कि रविवार को अनोखा रिकॉर्ड बनने जा रहा है. यहां 1 घंटे में हजार लोगों द्वारा 3 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे. यह 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में दर्ज कराया जाएगा.

आज काशी बनाएगी बड़ा रिकॉर्ड. (Video Credit: ETV Bharat)

350 बीघा के एरिया को 50 से ज्यादा सेक्टर में डिवाइड किया गया है. हर सेक्टर में लगने वाले पौधों में 35 से ज्यादा प्रजातियां शामिल हैं. मेयर ने बताया कि हर सेक्टर को बनारस के घाटों का नाम दिया गया है.

इसमें मुख्य रूप से ललिता घाट, मणिकर्णिका घाट, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, पंचगंगा घाट का नाम इन हरे-भरे सेक्टर को दिया गया है. मेयर का कहना है कि यह अनोखा प्रयास है, क्योंकि बनारस घाटों के लिए जाना जाता है.

यहां भी गंगा किनारे का यह इलाका है, जहां बाढ़ का पानी आता है. इसलिए हमने अलग-अलग लेवल पर बाढ़ का आकलन करके इसका सेफ्टी जोन भी बनाया है. अगर डेढ़ से 2 महीने भी पानी रहता है तो उनको सुरक्षित रखा जा सके ऐसे पौधे लगाए जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि आमतौर पर मानसून के दौरान पौधे लगाना बेहतर होता है. हमने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान के एक्सपर्ट प्रोफेसर्स और रिसर्चर से बातचीत की है. उनका कहना है कि मार्च के महीने में मिट्टी में नमी बहुत अच्छी होती है, जिसकी वजह से पौधे की जड़ को अच्छी पकड़ मिलती है.

इस वजह से मार्च के महीने में ही इन पौधों को लगाने की शुरुआत की जा रही है. हमें उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है कि आने वाले 3 साल के अंदर बनारस में यह इलाका सिटी वन के रूप में डेवलप होगा. लोगों को यहां आने में काफी अच्छा लगेगा.

यह पौधे लगेंगे.
यह पौधे लगेंगे. (Photo Credit: ETV Bharat)

उन्होंने कहा कि यह पूरा क्षेत्र 2000 से ज्यादा स्प्रिंकलर तीन तालाब और बड़े-बड़े 20 से ज्यादा बोरवेल से लैस किया जा रहा है, ताकि पानी की कमी ना हो. सुबह-शाम पौधों को बराबर पानी मिलता रहे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी दौर में इस वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के संबंध में प्रस्तुतीकरण देखेंगे और प्रमाणपत्र देंगे.

नगर निगम वाराणसी ने गंगा पार तट पर सुजाबाद डोमरी (डोमरी प्रधानमंत्री का पूर्व में गोद लिया हुआ गांव है) क्षेत्र में 350 बीघा में एक विशाल ‘शहरी वन’ का विकास कर रहा है.

यह वन न केवल शहर की आबोहवा को शुद्ध करेगा, बल्कि आर्थिक स्वावलंबन का नया मॉडल भी बनेगा. यह वन मियावाकी तकनीक से विकसित किया जाएगा.

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