ग्रेडिंग सिस्टम की खामियों को लेकर जीबी पंत इंजीनियरिंग संस्थान के छात्र मुखर, प्रदर्शन कर जताई नाराजगी
पौड़ी में जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्र ग्रेडिंग सिस्टम की खामियों को लेकर मुखर हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 28, 2026 at 8:51 AM IST
पौड़ी: जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. इस बार संस्थान में लागू ग्रेडिंग सिस्टम की खामियों को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश खुलकर सामने आया. शुक्रवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रशासनिक भवन परिसर में एकत्र हुए और संस्थान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया.
छात्रों का आरोप है कि वर्तमान ग्रेडिंग प्रणाली राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी संस्थानों के अनुरूप नहीं है, जिससे उनके शैक्षणिक मूल्यांकन और भविष्य के अवसर प्रभावित हो रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग उठाई कि संस्थान में ऐसी ग्रेडिंग प्रणाली लागू की जाए जो देश के अन्य प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों के समान हो, ताकि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्लेसमेंट में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. वहीं संस्थान के प्रभारी निदेशक ने छात्रों की मांगों को गंभीर बताते हुए कहा कि छात्रहित सर्वोपरि है. उन्होंने बताया कि ग्रेडिंग सिस्टम से जुड़ा मुद्दा पहले ही विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखा जा चुका है और जल्द ही संस्थान की एक समिति छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता करेगी. छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
बीते दिन छात्र-छात्राएं प्रशासनिक भवन परिसर में एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया. छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप ग्रेडिंग प्रणाली लागू करने की मांग उठाई. प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2022 में पारंपरिक अंक प्रणाली की जगह ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया गया, लेकिन यह राष्ट्रीय मानकों से मेल नहीं खाता. छात्रों के अनुसार 78 अंक प्राप्त करने वाले छात्र को राष्ट्रीय ग्रेडिंग प्रणाली में जहां 8 सीजीपीए मिलना चाहिए, वहीं विश्वविद्यालय की व्यवस्था में केवल 7 सीजीपीए दिया जा रहा है, जो गुणांक प्रक्रिया के बाद घटकर लगभग 6.5 रह जाता है.
इसी प्रकार 74 अंक प्राप्त करने पर 7 सीजीपीए दिया जा रहा है, जो आगे घटकर करीब 6.4 रह जाता है. छात्रों का कहना है कि इस विसंगति के कारण उन्हें प्लेसमेंट, Graduate Aptitude Test in Engineering (गेट) परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश तथा भारत सरकार की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन के दौरान नुकसान उठाना पड़ रहा है. उनका दावा है कि मौजूदा प्रणाली से 10 से 15 प्रतिशत तक शैक्षणिक नुकसान हो रहा है. छात्राओं ने कहा कि ग्रेडिंग सिस्टम का सीधा असर उनके करियर पर पड़ रहा है, जिससे मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग अंक बढ़ाने की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ग्रेडिंग प्रणाली के अनुरूप मूल्यांकन लागू करने की है. संस्थान के कंप्यूटर साइंस अंतिम वर्ष के छात्र लवेश भंडारी ने गेट परीक्षा में 22वीं रैंक हासिल की है, जबकि गौरव नेगी ने 547वीं और अनमोल ने 458वीं रैंक प्राप्त की. इसके बावजूद ग्रेडिंग प्रणाली के कारण उन्हें राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में प्रवेश में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. प्रदर्शन के बाद संस्थान प्रशासन ने छात्रों से वार्ता की. प्रभारी निदेशक प्रो. केकेएस मेर ने कहा कि छात्रहित सर्वोपरि है, यह मुद्दा पहले ही विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष उठाया जा चुका है. उन्होंने बताया कि होली पर्व के बाद संस्थान की एक समिति छात्रों के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन से इस विषय पर विस्तृत वार्ता करेगी.
पढ़ें-

