अजगर को कंबल, चिंपांज़ी को च्यवनप्राश! पटना जू में जानवरों को ठंड से बचाने के लिए VIP ट्रीटमेंट
पटना जू में चिंपांजी के लिए शहद गुड़ की खीर, भालुओं के खाने में अंडा और मौमसी फल, जानिए क्यों परोसा जा रहा खास डाइट?.

Published : December 22, 2025 at 10:39 AM IST
पटना: पूरा बिहार इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है. तापमान में लगातार गिरावट ने आम जनजीवन के साथ-साथ वन्य जीवों के लिए भी परेशानी खड़ी कर दी है. ऐसे में संजय गांधी जैविक उद्यान यानी पटना जू प्रशासन ने जानवरों और पक्षियों को ठंड से सुरक्षित रखने के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं.
जानवरों की 'विंटर केयर', ठंड से बचाने की खास तैयारी : भीषण ठंड को देखते हुए पटना जू प्रशासन ने बड़े जानवरों के हर केज में ब्लोअर एवं हीटर लगाया गया है. रात के समय जब ठंड सबसे अधिक होती है, तब इन हीटरों की नियमित निगरानी की जा रही है. बाघ, शेर, चीता, चिंपांजी, भालू, गोरिल्ला के केज में हीटर लगाया गया है. इसके अलावे पूरे केज के हर इंट्री को पुआल से ढका गया है, ताकि तापमान संतुलित बना रहे.
पटना जू में जानवरों को च्यवनप्राश, कंबल, हीटर : छोटे जानवरों (प्राइमेट्स) के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. छोटे जानवरों को च्यवनप्राश दिया जा रहा है. जू के डायरेक्टर हेमंत पाटिल ने बताया कि ठंड के महीने में जानवरों की इम्यूनिटी बनी रहे और वे मौसमी बीमारियों से बचे इसलिए विशेष व्यवस्था की गई है. वहीं प्राइमेट्स (बंदर, लंगूर, चिंपांजी) के लिए खास तौर पर कंबलों की व्यवस्था की गई है.

नाइट हाउस के हर सेल में लकड़ी के प्लेटफॉर्म : पटना जू के सभी पक्षियों के केज एवं नाइट हाउस की खिड़कियों और वेंटीलेटर की खुली जगह पुआल, घास एवं बांस की चचरी से बंद किए गए हैं, क्योंकि नाइट हाउस में बैठे वन्यजीवियों को ठंड ना लगे. पक्षियों के इंक्लूजन में शीतलहर से बचने के लिए प्लास्टिक शीट्स एवं एग्रोन से घेराव किया गया हैं, क्योंकि उन्हें प्रकाश और वेंटिलेशन बना रहे.
पक्षियों के लिए खास व्यवस्था : सभी केज के बाहर पक्षियों को बैठने के लिए लकड़ी के प्लेटफार्म रखे गए हैं, जिसपर बैठकर धूप का आनंद ले सके. अन्य भारी जानवरों के लिए भी लकड़ी के प्लेटफार्म बनाए गए है. जिससे ठंड के मौसम में उन्हें जमीन पर नहीं बैठना पड़े.
सांपों के लिए फर्श पर कंबल, हीटिंग बल्ब : पटना जू में सापों के लिए भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है. जू में मौजूद सांपों के बाड़ों में फर्श पर कंबल बिछाए गए हैं, जिससे उन्हें ठंड से राहत मिल सके. सर्प प्रजाति तापमान के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं, ऐसे में हर प्रजाति के सांपों के लिए ठंड से बचने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई हैं. हाई पावर बल्ब (हीटिंग बल्ब) उनके केज में लगाए गए हैं, ताकि सांपों के केज का तापमान संतुलित रह सके.

भोजन को विशेष व्यवस्था : भीषण ठंड को देखते हुए मांसाहारी जानवरों के आहार में भी बढ़ोतरी की गई है. पटना जू के डायरेक्टर हेमंत पाटिल ने ईटीवी भारत को बताया कि ठंड के मौसम में शरीर को अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है, इसलिए भोजन की मात्रा और गुणवत्ता दोनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
''जानवरों को मल्टीविटामिन और कैल्शियम दिया जा रहा है. चिंपांजी को च्यवनप्राश शहद गुड़ की खीर वाला और मुरब्बा और मौसमी फल दिया जा रहा है. वही भालू के मौसमी फल, शहद, अंडा, की खीर गन्ना इत्यादि दिए जा रहे हैं." - हेमंत पाटिल, डायरेक्ट, संजय गांधी जैविक उद्यान
सरसों के तेल से हाथियों की मालिश : ठंड को देखते हुए पटना जू में हाथी के लिए विशेष इंतजाम किया गया है. हाथी के पूरे शरीर में नियमित अंतराल पर तेल से मालिश की जा रही है और आहार में पर्याप्त मात्रा में गन्ना, सोयाबीन, मौसमी फल, धान उबाल कर दिया जा रहा है, जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे.

''सभी इंतज़ामों की लगातार निगरानी की जा रही है. पशु चिकित्सकों और केयरटेकरों की टीमें शिफ्ट में तैनात हैं. किसी भी जानवर को परेशानी होने पर तुरंत उपचार किया जा सके. सभी जानवरों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है." - हेमंत पाटिल, डायरेक्ट, संजय गांधी जैविक उद्यान

अनोखे इंतजाम देख लोग भी खुश : पटना जू घूमने आए अजय कुमार का कहना है कि ''यहां जानवरों के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है. ठंड को इंजॉय करने के लिए अपने बच्चों केी साथ जो आए हैं यहां पर जानवरों के लिए जो व्यवस्था की गई है, देखकर अच्छा लगा. कई जगहों पर जानवरों के लिए कंबल एवं अन्य उपकरणों की व्यवस्था की गई है, जिससे जानवरों को ठंड से राहत मिल सके."
'जू के जानवरों को भी ठंड में मिल रही राहत' : वहीं परिवार के साथ पटना जू घूमने आए रवि कुमार का कहना है कि ''बहुत दिनों के बाद परिवार के साथ जू घूमने आए हैं. इस बार जानवरों को ठंड से बचाने के लिए विशेष तैयारी देख अच्छा लग रहा है. खानपान का भी ख्याल रखा जा रहा है.''

'चिंपांजी को च्यवनप्राश खाते देख, मजा आ गया' : अपने परिवार के साथ पटना जू घूम रहे 8वीं के छात्र रुचिर राज ने कहा कि, ''रविवार का दिन था इसलिए पापा मम्मी के साथ जू घूमने के लिए आए हैं. जैसे हम लोगों को ठंड लगती है वैसे जानवरों को भी ठंड लगती है. कई जगहों पर जानवरों के केज में कंबल और हीटर लगे हुए हैं. यहां हाथी, राइनो, जिराफ, गौर और अनेक तरह के जानवर देखा. लेकिन मजा तब आया जब मैंने अजगर को कंबल ओढ़े और चिंपांजी को च्यवनप्राश खाते देखा."
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