हाई वोल्टेज ड्रामा के बीच पटना विश्वविद्यालय प्रशासन ने बदला आदेश, इस तारीख को होगा छात्र संघ चुनाव
पटना विश्वविद्यालय ने छात्र संघ चुनाव 2025-26 स्थगित करने के कुछ घंटों बाद ही अपना फैसला बदल लिया है. जानें अब चुनाव कब होगा.

Published : February 22, 2026 at 8:06 AM IST
पटना: पटना विश्वविद्यालय में शनिवार को छात्र संघ चुनाव को लेकर जबरदस्त हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. पहले जहां विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीन घटनाओं को आधार बनाते हुए छात्र संघ चुनाव 2025-26 को स्थगित करने का आदेश जारी किया था, वहीं महज घंटे भर के भीतर ही यह फैसला बदल दिया गया. विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव स्थगित करने के अपने आदेश को वापस ले लिया है.
कब होगा छात्र संघ का चुनाव?: विश्वविद्यालय प्रशासन ने 28 फरवरी को ही छात्र संघ चुनाव कराने पर सहमति जता दी. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान यूनिवर्सिटी कैंपस में करीब दो घंटे तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा और छात्र नेताओं और विद्यालय प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक होती रही.
समर्थकों के साथ विश्वविद्यालय पहुंचे छात्र नेता: जानकारी के अनुसार, छात्र संघ चुनाव स्थगित करने के आदेश के बाद बड़ी संख्या में छात्र नेता अपने समर्थकों के साथ विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पहुंच गए. आरोप है कि छात्र नेताओं ने पटना विश्वविद्यालय के डीन योगेंद्र कुमार वर्मा और अन्य पदाधिकारियों को अपने घेरे में ले लिया और उन पर फैसला बदलने का दबाव बनाया.
सादे कागज पर डीन ने किया साइन: इस दौरान परिसर में नारेबाजी और हंगामा होता रहा. हालात ऐसे बन गए कि छात्रों के दबाव में डीन योगेंद्र कुमार वर्मा ने सादा कागज पर लिखकर यह घोषणा की कि 28 फरवरी को ही छात्र संघ चुनाव कराया जाएगा और उस पर अपने हस्ताक्षर भी किए. बताया जा रहा है कि छात्रों की उग्र भीड़ के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन को अपना फैसला बदलना पड़ा.
क्यों स्थगित हुआ था चुनाव?: इससे पहले विश्वविद्यालय प्रशासन ने पटना साइंस कॉलेज में 21 फरवरी को हुई घटना को आधार बनाकर छात्र संघ चुनाव स्थगित करने का निर्णय लिया था. कुछ छात्र नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ कक्षा में घुसकर शिक्षक के साथ बदसलूकी की थी और विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ भी अमर्यादित व्यवहार किया गया था.
पटना विमेंस कॉलेज में घुसे छात्र: इसके अलावा बीते दिनों बिना अनुमति के पटना विमेंस कॉलेज में बड़ी संख्या में छात्र बैनर पोस्टर के साथ कैंपस में प्रवेश कर गए थे, जिससे कॉलेज की लड़कियां डर गई थी. प्रशासन का कहना था कि इस तरह की घटनाओं से कैंपस का शैक्षणिक माहौल खराब हो रहा है और निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं है, इसलिए छात्र संघ चुनाव को अगले आदेश तक स्थगित किया गया है. इसी को लेकर अधिसूचना भी जारी की गई थी.
फैसले के बाद उग्र हो गए छात्र: चुनाव स्थगित होने की सूचना मिलते ही छात्र संगठन उग्र हो गए. छात्रों का कहना था कि प्रशासन ने बिना उनसे बात किए एकतरफा फैसला लिया है. इसी के विरोध में वे बड़ी संख्या में प्रशासनिक भवन पहुंचे और दबाव बनाना शुरू कर दिया. कैंपस में लंबे समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी स्थिति संभालने में जुटे रहे, लेकिन छात्रों के आक्रोश के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा.

28 फरवरी को ही होगा चुनाव: फैसला वापस लिए जाने के बाद छात्र नेताओं ने इसे अपनी जीत बताया, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन के इस यू-टर्न से व्यवस्था और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं. अब 28 फरवरी को छात्र संघ चुनाव कराने की बात कही जा रही है. हालांकि, इससे पहले जिन घटनाओं को आधार बनाकर चुनाव रद्द किया गया था, वे अब भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं. पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि छात्र संघ चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल है और प्रशासनिक फैसलों पर दबाव की राजनीति हावी होती दिख रही है. फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्र संघ चुनाव अपने तय कार्यक्रम के अनुसार होने की बात कही जा रही है.
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