BSSC पदाधिकारियों से मिला छात्र नेताओं का प्रतिनिधिमंडल, 10-15 दिनों में परीक्षा की तिथि का मिला भरोसा
छात्र नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने बीएसएससी के पदाधिकारियों से मुलाकात की है. 10-15 दिनों में परीक्षा की तिथि जारी करने का भरोसा मिला है. पढ़ें..

Published : July 3, 2026 at 8:31 PM IST
पटना: बिहार कर्मचारी चयन आयोग यानी बीएसएससी की बहुप्रतीक्षित द्वितीय इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा और चतुर्थ स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल-4) को लेकर शुक्रवार को अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के पदाधिकारियों से मुलाकात की. छात्र नेता दिलीप और युवा छात्र नेता प्रियंका पटेल के नेतृत्व में पहुंचे दर्जनभर अभ्यर्थियों ने परीक्षा तिथि जल्द घोषित करने, कदाचारमुक्त परीक्षा कराने और संविदा कर्मियों को मिलने वाले 25 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज को समाप्त करने की मांग उठाई.
पदाधिकारियों से मिला छात्र नेताओं का प्रतिनिधिमंडल: हालांकि प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्ष से मुलाकात नहीं हो सकी लेकिन आयोग के सचिव और परीक्षा नियंत्रक के साथ विस्तृत बातचीत हुई. बैठक के बाद छात्र नेताओं ने दावा किया कि आयोग ने अगले 10 से 15 दिनों के भीतर द्वितीय इंटर स्तरीय परीक्षा की तिथि जारी करने का भरोसा दिया है. साथ ही परीक्षा संपन्न होने के तीन महीने के अंदर परिणाम प्रकाशित करने की तैयारी है.
तीन साल से अटकी है इंटर स्तरीय भर्ती: द्वितीय इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा राज्य की सबसे बड़ी भर्तियों में शामिल है. सितंबर 2023 में आयोग ने शुरुआती तौर पर 12199 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था. बाद में विभिन्न विभागों से नए अधियाचन मिलने के बाद पदों की संख्या बढ़ाकर 26426 कर दी गई. इसके बाद आवेदन प्रक्रिया दोबारा खोली गई और फरवरी 2026 में आवेदन की अंतिम प्रक्रिया पूरी हुई. इस भर्ती के लिए करीब 33 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है. हालांकि विज्ञापन जारी होने के लगभग तीन वर्ष बाद भी परीक्षा तिथि घोषित नहीं होने से छात्रों में भारी नाराजगी है.
सीजीएल-4 के 1883 पदों पर भी इंतजार: छात्र प्रतिनिधियों ने चतुर्थ स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल-4) का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. आयोग ने लगभग 10 महीने पहले 1883 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था और नवंबर 2025 में आवेदन प्रक्रिया पूरी हो गई थी. लाखों स्नातक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया लेकिन अब तक परीक्षा कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है.
ऑफलाइन मोड में ही होगी परीक्षा: छात्र नेता दिलीप ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से स्पष्ट मांग की कि परीक्षा ऑनलाइन के बजाय पारंपरिक ऑफलाइन मोड में ही आयोजित की जाए. इस पर सचिव ने भरोसा दिलाया कि द्वितीय इंटर स्तरीय परीक्षा ऑफलाइन पद्धति से ही कराई जाएगी.
दिलीप ने कहा कि छात्रों ने आयोग को उन तमाम बिंदुओं से भी अवगत कराया, जहां परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की आशंका रहती है. उन्होंने प्रश्नपत्र की छपाई, परिवहन, भंडारण और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की मांग की.
एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी: आयोग के सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि परीक्षा संचालन के लिए एजेंसी चयन की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और हाल ही में इस संबंध में उच्चस्तरीय बैठक भी हुई है. बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को देखते हुए परीक्षा आयोजन को चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है लेकिन हर स्तर पर तैयारी की जा रही है.
वहीं, छात्र नेता प्रियंका पटेल ने कहा कि सचिव और परीक्षा नियंत्रक ने सभी अभ्यर्थियों को बुलाकर विस्तार से जानकारी दी. आयोग ने बताया कि प्रश्नपत्र की छपाई से लेकर परीक्षा हॉल तक उसकी सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार के पेपर लीक या कदाचार की संभावना को समाप्त किया जा सके.
25 प्रतिशत संविदा वेटेज हटाने की मांग: छात्र नेता दिलीप ने कहा कि उन्होंने इस मुलाकात में संविदा कर्मियों को दिए जा रहे 25 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ है और सामान्य अभ्यर्थियों के हितों को प्रभावित करती है. इस पर आयोग के सचिव ने स्पष्ट किया कि यह प्रावधान सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के आधार पर लागू किया गया है और इसे समाप्त करने का अधिकार आयोग के पास नहीं है.
फिलहाल टला आंदोलन: दिलीप ने कहा कि बीते दिनों उन्होंने आयोग को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी. आज की मुलाकात में आयोग ने छात्रों से 10 से 15 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा. इसके बाद अभ्यर्थियों ने 20 जुलाई तक का समय देने पर सहमति जताई है. उन्होंने कहा कि हम आंदोलन नहीं, परीक्षा चाहते हैं.20 जुलाई तक परीक्षा तिथि घोषित हो जाती है तो बेहतर होगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेंगे.
"फिलहाल आयोग के साथ सकारात्मक संवाद बना है और उम्मीद है कि बातचीत के माध्यम से ही लंबित भर्तियों का रास्ता साफ होगा. हमारी यही कोशिश रहती है कि छात्रों की जो समस्याएं हैं, उसे सक्षम पदाधिकारियों के पास जाकर संवाद से हल निकाला जाए. आयोग ने निष्पक्ष और पेपर लीक की समस्या से मुक्त परीक्षा कंडक्ट कराने का आश्वासन दिया है और यह भी कहा है कि 3 महीने में रिजल्ट भी आ जाएगा."- दिलीप, छात्र नेता
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