मेयर सीता साहू समेत 27,000 लोगों को नोटिस, पटना नगर निगम की कार्रवाई से हड़कंप
19 अगस्त से मामलों पर सुनवाई होगी, जवाब न देने पर सीलिंग और जुर्माने की कार्रवाई हो सकती है. रिपोर्ट- कृष्णनंदन

Published : August 18, 2026 at 8:12 AM IST
पटना: पटना में रेजिडेंशियल इलाके और मकानों के कॉमर्शियल इस्तेमाल को लेकर अब नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रहे इस मामले में पटना नगर निगम ने करीब 27 हजार मकान मालिकों और दुकानदारों को नोटिस भेजा है, जिनमें महापौर सीता साहू भी शामिल है.
क्या है आरोप? : आरोप है कि जिन संपत्तियों का इस्तेमाल आवासीय उद्देश्य के लिए होना चाहिए, वहां दुकान, ऑफिस और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. नोटिस की सूची में पटना के कई प्रभावशाली और चर्चित लोगों के नाम भी शामिल होने की बात सामने आ रही है.
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी का कॉमर्शियल इस्तेमाल : पटना नगर निगम क्षेत्र में पिछले करीब 25 वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित हुए हैं. इनमें कई ऐसी संपत्तियां हैं, जिनका मूल स्वरूप आवासीय है, लेकिन बाद में उनका इस्तेमाल कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए किया जाने लगा.
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि, शहर के कई इलाकों में रेजिडेंशियल भवनों में दुकान, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं. इसी को लेकर अब नगर निगम ने बड़े स्तर पर संपत्तियों की जांच और संबंधित लोगों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हड़कंप : मामला सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होने के कारण नगर निगम की कार्रवाई को खास महत्व दिया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट की ओर से यह सवाल उठाया गया है कि जब किसी क्षेत्र का इस्तेमाल आवासीय गतिविधियों के लिए निर्धारित है, तो वहां व्यावसायिक गतिविधियां किस तरह संचालित हो रही हैं. इसी के बाद नगर निगम स्तर पर ऐसी संपत्तियों की पहचान की जा रही है, जहां रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी का इस्तेमाल नियमों के विपरीत कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए किया जा रहा है.
27,000 लोगों को भेजा नोटिस : नगर निगम की ओर से जारी नोटिस का दायरा काफी बड़ा है. करीब 27 हजार मकान मालिकों और दुकानदारों को इस कार्रवाई के तहत नोटिस भेजे जाने की बात सामने आई है. इनमें ऐसे लोग शामिल हैं, जिनकी संपत्ति या प्रतिष्ठान आवासीय क्षेत्र में होने के बावजूद व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े पाए गए हैं.
इन इलाके के लोगों को नोटिस : नगर निगम ने कंकड़बाग, मुसल्लहपुर, बाजार समिति, गुलजारबाग, बड़ी पटना देवी गली, दीदारगंज, गुरुगोविंद सिंह पथ, हरमंदिर गली, मारूफगंज, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कृष्णापुरी, एसकेपुरी, महाराजगंज, एजी कॉलोनी, आशियाना, विजय नगर, मंदिरी और लोदीपुर सहित कई इलाके शामिल है, जहां आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां चिन्हित की गई हैं.
19 अगस्त से सुनवाई : नगर निगम के मुताबिक ''19 अगस्त से इन मामलों पर सुनवाई शुरू होगी, जिसमें नोटिस का जवाब न देने पर सीलिंग और जुर्माने की कार्रवाई संभव है. नगर निगम की कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित संपत्ति के वास्तविक इस्तेमाल की स्थिति स्पष्ट करना और यह सुनिश्चित करना है कि शहरी क्षेत्र में जमीन एवं भवन के निर्धारित उपयोग संबंधी नियमों का पालन हो.''
मेयर सीता साहू को भी नोटिस : इस कार्रवाई की जद में पटना नगर निगम की मेयर सीता साहू भी आ गई हैं. उन्हें भी रेजिडेंशियल संपत्ति के कॉमर्शियल इस्तेमाल से संबंधित मामले में नोटिस भेजे जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि किसी व्यक्ति को नोटिस जारी होना अपने आप में नियमों के उल्लंघन का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता. नोटिस के बाद संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और संपत्ति के इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने का अवसर मिल सकता है.
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