पटना हाईकोर्ट ने BDO के आदेश पर लगायी रोक, सरकार से मांगा जवाब, जानें पूरा मामला
बुधवार को पटना उच्च न्यायालय ने बीडीओ के आदेश में स्टे लगा दिया. सरकार से जवाब तलब किया. पढ़ें पूरी खबर

Published : February 25, 2026 at 4:04 PM IST
पटना : पटना हाईकोर्ट ने अस्थावां (नालंदा) के कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसके द्वारा याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध अविश्वास पर विचार के लिए पंचायत समिति की विशेष बैठक बुलाई थी. जस्टिस अनिल कुमार सिन्हा ने अस्थावां (नालंदा) के प्रमुख रोहित कुमार और उपप्रमुख विशुन देव सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह में स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया है.
क्या है पूरा मामला? : दरअसल कार्यपालक पदाधिकारी सह अस्थावां प्रखंड विकास पदाधिकारी ने 19 फरवरी 2026 को एक विशेष बैठक बुलाने का आदेश जारी किया. इसमें 27 फरवरी 2026 को प्रमुख व उपप्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर पंचायत समिति द्वारा विचार किया जाना था. प्रमुख रोहित कुमार व उपप्रमुख विशुन देव सिंह ने आपत्ति की कि अविश्वास प्रस्ताव पर कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी को दस दिनों में बैठक बुलाने का अधिकार नहीं है.
याचिकाकर्ता की तरफ से क्या पक्ष रखा गया? : अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 के अंतर्गत अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष बैठक के लिए दिन निर्धारित करने में असफल होते हैं, तो पंचायत समिति के उपप्रमुख या एक तिहाई निर्वाचित सदस्य अविश्वास प्रस्ताव पर विचार के लिए विशेष बैठक की तिथि कर सकते हैं. इसकी सूचना कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी पंचायत समिति के सभी सदस्यों को देंगे.
अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि 9 सदस्यों ने एक आवेदन और दूसरा आवेदन दस सदस्यों ने याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए दिया. प्रमुख द्वारा तिथि निर्धारित करने के लिए पंद्रह दिनों का प्रावधान है. यदि प्रमुख इस अवधि में बैठक की तिथि निर्धारित नहीं कर पाते हैं तो उपप्रमुख या पंचायत समिति के एक तिहाई निर्वाचित सदस्य बैठक की तिथि निर्धारित कर सकते हैं.

पंचायती राज अधिनियम 2006 का दिया गया हवाला : 9 फरवरी 2026 को दिये गये आवेदन पर अस्थावां के कार्यपालक पदाधिकारी ने 19 फरवरी 2026 को याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव की विशेष बैठक की तिथि 27 फरवरी 2026 को निर्धारित कर दी. अधिवक्ता दीनू कुमार ने बताया कि ये बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 के धारा 44(3)(1) के विरुद्ध है.
छह सप्ताह बाद सुनवाई : प्रतिवादी संख्या 6 से ले कर 26 तक को कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. इस मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद की जाएगी. इस याचिका पर याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार, अधिवक्ता रितिका रानी व अधिवक्ता वरदानमंगलम ने कोर्ट के समक्ष तथ्यों को रखा.
ये भी पढ़ें :-
पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 20 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति रद्द
'बिहार में शराबबंदी के बाद भी अवैध कारोबार बढ़ रहा..' कानून के क्रियान्वयन पर HC की गंभीर टिप्पणी

