पटना हाईकोर्ट से RJD को बड़ा झटका, पूर्व विधायक को जमानत देने से किया इंकार
पटना उच्च न्यायालय से आरजेडी के पूर्व विधायक को झटका लगा है. आगे पढ़ें पूरी खबर. रिपोर्ट- आनंद वर्मा.

Published : August 24, 2026 at 9:06 PM IST
पटना : पटना हाईकोर्ट ने दानापुर के पूर्व राजद विधायक रीतलाल यादव की जमानत याचिका को रद्द कर दिया. जस्टिस अशोक कुमार पांडेय की एकलपीठ ने खगौल थाना कांड संख्या 129/2025 में दायर याचिका को रद्द करते हुए कहा कि आरोपों की गंभीरता और आपराधिक इतिहास को देखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती.
क्या है पूरा मामला? : दरअसल, भवन निर्माण कंपनी जेनेक्स इको इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड ने 2023 में खगौल-दानापुर के कोठवा गांव में एक प्रोजेक्ट की शुरुआत की. आरोप है कि विधायक के भाई पिंकू यादव ने प्रोजेक्ट के लिए निर्माण सामग्री खरीदने का सुझाव दिया. बाद में पिंकू ने 33 लाख रुपये की मांग की, जबकि निर्माण सामग्री 19 लाख की थी.
रंगदारी की मांग का आरोप : 2024 में विधायक ने कम्पनी के साझेदार को फोन कर मिलने को कहा. विधायक के घर पर 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की गई. 4 लाख रुपये दिया गया और 30 लाख का लिखित नोट लिखकर हस्ताक्षर कर लिया गया. इसके बाद धमकी भरे कॉल आने लगे. इसके बाद विधायक के साले ने जबरन 10 लाख रुपये वसूल किये. ये दावा किया गया कि उसके पास रंगदारी मांगने की रिकॉर्डिंग भी है.

फंसाया जा रहा है- रीतलाल यादव : पूर्व विधायक की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वह निर्दोष हैं और निर्माण सामग्री का कोई व्यवसाय नहीं है. 2 साल बाद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण उन्हें फंसाया जा रहा है. वहीं जमानत याचिका का विरोध करते हुए राज्य के महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि विधायक पर 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या जैसे गंभीर मामले भी हैं. अधिकतर मामलों में गवाह डर से गवाही देने कोर्ट में नहीं जाते. जिसका सीधा लाभ विधायक को मिलता है और वे बरी हो जा रहे हैं. उनका कहना था कि यह मामला संगठित अपराध का है.
जमानत याचिका रद्द : दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत तथ्यों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपने 18 पन्ने के आदेश में कहा कि जमानत नियम है, जेल अपवाद, लेकिन आरोप की प्रकृति और आपराधिक इतिहास देखते हुए जमानत नहीं दिया जा सकता. कोर्ट ने जमानत याचिका को रद्द कर दिया.
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