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प्राथमिक शिक्षिका की हेडमास्टर पदोन्नति पर पटना हाईकोर्ट सख्त, गया DEO को छह सप्ताह में फैसला देने का निर्देश

पटना हाईकोर्ट ने गया डीईओ को शिक्षिका मनीता कुमारी के हेडमास्टर पदोन्नति दावे पर छह सप्ताह में निर्णय देने कहा.

पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 25, 2026 at 8:57 PM IST

3 Min Read
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पटना : बिहार की पटना हाईकोर्ट ने प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका को हेडमास्टर पद पर पदोन्नति देने की मांग से जुड़े मामले में गया के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है. अदालत ने कहा कि शिक्षिका के अभ्यावेदन पर नियमों के अनुसार विचार कर कारणयुक्त आदेश पारित किया जाए.

जस्टिस अजीत कुमार की एकलपीठ ने सुनाया फैसला : जस्टिस अजीत कुमार की एकलपीठ ने शिक्षिका मनीता कुमारी की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया. याचिका में कहा गया था कि लंबे समय से पदोन्नति के दावे पर संबंधित विभाग की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है.

योग्यता और सेवा अवधि पूरी करने का दावा : याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता कुणाल तिवारी ने अदालत को बताया कि बिहार पंचायत प्रारंभिक शिक्षक नियोजन एवं सेवा शर्त नियमावली 2006 और 2012 के तहत मनीता कुमारी निर्धारित योग्यता और सेवा अवधि पूरी कर चुकी हैं. ऐसे में वह स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान और हेडमास्टर पद पर पदोन्नति की अधिकारी हैं.

रिक्त पद होने के बावजूद कार्रवाई नहीं : याचिका में यह भी कहा गया कि पदोन्नति कोटे में रिक्तियां उपलब्ध हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से पदोन्नति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है. शिक्षिका ने दावा किया कि उनके मामले पर समय रहते फैसला नहीं होने से उन्हें सेवा लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है.

वर्तमान में प्रभारी प्रधानाध्यापक हैं मनीता कुमारी : मनीता कुमारी वर्तमान में प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने अपने पदोन्नति दावे पर विचार करने के लिए 30 जनवरी 2026 को संबंधित अधिकारियों के समक्ष अभ्यावेदन दिया था, लेकिन उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया.

राज्य सरकार ने नियमों के तहत विचार की बात कही : राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि यदि याचिकाकर्ता का मामला नियमों के अनुरूप पाया जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी उनके पदोन्नति दावे पर विचार कर सकता है. सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि मामले का निर्णय संबंधित अधिकारी के स्तर पर किया जाना है.

तीन सप्ताह में अभ्यावेदन देने का निर्देश : सुनवाई के बाद पटना हाईकोर्ट ने मनीता कुमारी को तीन सप्ताह के भीतर गया के डीईओ के समक्ष विस्तृत अभ्यावेदन दाखिल करने का निर्देश दिया. अभ्यावेदन में वह अपनी योग्यता, सेवा अवधि और पदोन्नति से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगी.

डीईओ को छह सप्ताह में कारणयुक्त आदेश देना होगा : हाईकोर्ट ने गया डीईओ को निर्देश दिया कि शिक्षिका का अभ्यावेदन प्राप्त होने के छह सप्ताह के भीतर मामले में कारणयुक्त आदेश पारित किया जाए. यदि मनीता कुमारी का दावा सही पाया जाता है, तो उन्हें पदोन्नति सहित सभी परिणामी सेवा लाभ उपलब्ध कराने होंगे.

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