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पटना हाईकोर्ट ने रुचि को 'माता-पिता की कैद' से बचाया, पुलिस को दिया ये निर्देश

पटना हाईकोर्ट ने माता-पिता की कैद में रह रही एक महिला को मुक्त कराया, जानिए पूरा मामला

Patna High Court
पटना हाईकोर्ट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 5, 2025 at 1:12 PM IST

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पटना: एक मामले में सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने तथाकथित रूप से अपने माता पिता के कैद में रह रही वयस्क विवाहिता को मुक्त करने का आदेश दिया. कोर्ट ने उसे अपने पति के साथ सामान्य दाम्पत्य जीवन जीने की अनुमति दी. साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जिस इलाके में यह दंपति रहेगी उनकी रक्षा, नजदीकी थाने के थाना प्रभारी निगरानी रखेंगे.

कोर्ट ने महिला को 'माता-पिता की कैद' से बचाया : जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने अभिजीत कुमार की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को निष्पादित करते हुए यह आदेश दिया. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि ''उसकी पत्नी रुचि को उसके मायके वालों ने जबरन आशियाना नगर स्थित अपने निजी आवास में अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा है."

क्या है पूरा मामला? : 4 मार्च को अभिजीत और रुचि ने कोर्ट में लव मैरिज की. दोनों का दांपत्य जीवन ठीक चल रहा था. लेकिन इस शादी से रुचि के घरवाले नाराज चल रहे थे. रुचि की माने तो ''उसके माता पिता ने शादी के कुछ दिनों बाद उसे अपने घर (मायके) में बंधक बना लिया.''

Patna High Court
लव मैरिज से नाराज बेटी को माता-पिता ने कैद कर लिया था (ETV Bharat)

'पुलिस बंधक बनाए गए रुचि को प्रस्तुत करें' : जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा. कोर्ट ने प्रेमी जोड़े से शादी का प्रमाणपत्र मांगा. प्रमाणपत्र में रुचि वयस्क पाई गई. इसके बाद मंगलवार 2 दिसंबर, 2025 को कोर्ट ने संबंधित राजीव नगर थाना के प्रभारी को निर्देश दिया था कि वो तथाकथित रूप से बंधक बनाए गए रुचि को पुलिस अभिरक्षा में लाकर 3 दिसंबर, 2025 को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करें.

'माता पिता ने बंधक बनाकर रखा था' : बुधवार को राजीवनगर थाना प्रभारी ने रुचि को कोर्ट में प्रस्तुत किया, दोनों जजों से पूछताछ में महिला ने अभिजीत को अपना पति बताया और उसके साथ रहने की इच्छा जताई. इस दौरान रुचि ने कोर्ट को बताया कि ''उसे उसके माता-पिता ने उसे डरा धमका कर जबरन घर (मायके) घर में बंधक बनाकर रखा था.''

इस तरह एक हो गए अभिजीत और रुचि : खंडपीठ ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्याय निर्णय के आलोक में वयस्क विवाहिता को अपने पति के घर जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया. साथ हाईकोर्ट ने अपनी शादी-शुदा बेटी को अवैध तरीके से बंदी बनाने वाले माता पिता की काउंसलिंग करवाने का भी आदेश दिया. साथ ही कोर्ट ने राजीव नगर थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि, जिस इलाके में विवाहिता रहेगी, उसे सुरक्षा मुहैया कराया जाय.

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