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पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अब 62 की उम्र में न्यायिक पदाधिकारियों की रिटायरमेंट की तैयारी

पटना हाईकोर्ट ने जिला न्यायपालिका के न्यायिक पदाधिकारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की दिशा में अहम पहल की है.

Bihar Judiciary
पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : September 1, 2026 at 7:53 PM IST

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पटना : मंगलवार को पटना हाईकोर्ट ने बिहार के न्यायिक पदाधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की दिशा में पहल की है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन व अन्य बनाम भारतीय संघ व अन्य के मामले में जिला कोर्ट के न्यायिक पदाधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने के संबंध में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में पटना हाइकोर्ट के पूर्ण पीठ ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.

सेवानिवृत्ति की आयुसीमा में वृद्धि : पूर्ण पीठ ने 18 अगस्त, 2026 को हुई अपनी बैठक में बिहार राज्य के न्यायिक पदाधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्णय लिया है. इस निर्णय के अनुपालन में पटना हाईकोर्ट के महानिबंधक ने 31 अगस्त, 2026 को बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर पूर्ण पीठ के निर्णय से अवगत कराया है और इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.

सरकार को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र: सेवानिवृत्ति की आयु में यह प्रस्तावित वृद्धि बिहार की जिला कोर्ट के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. इससे अनुभवी न्यायिक पदाधिकारियों की सेवाओं का अधिक समय तक लाभ प्राप्त होगा. उनके लंबे न्यायिक अनुभव और संस्थागत ज्ञान का उपयोग न्याय प्रशासन को और मजबूत बनाने में किया जा सकेगा.अब इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जानी है.

राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी निगाहें: जानकारी के अनुसार, पटना हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश सुधीर सिंह की अध्यक्षता में 18 अगस्त को हुई पूर्ण न्यायालय यानी फुल कोर्ट की मीटिंग में इस संबंध में फैसला लिया गया था. पूर्ण कोर्ट के फैसले के बाद हाईकोर्ट के महानिबंधक ने सोमवार को सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर निर्णय से अवगत कराया है. पत्र में राज्य सरकार से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है. अब सबकी निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लिया जा सकता है.