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'बिहार में शराबबंदी के बाद भी अवैध कारोबार बढ़ रहा..' कानून के क्रियान्वयन पर HC की गंभीर टिप्पणी

पटना हाईकोर्ट ने बिहार में शराबबंदी के बाद भी बढ़ते अवैध कारोबार पर गंभीर टिप्पणी की और मुख्य सचिव को निर्देश दिया-

Patna High Court
पटना हाई कोर्ट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 19, 2026 at 1:40 PM IST

3 Min Read
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पटना : बिहार की पटना हाई कोर्ट ने गोपालगंज के विशंभरपुर थाना के कांड संख्या 25/2025 में दर्ज अवैध शराब मामले में 19 वर्षीय आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी. जस्टिस पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने कृपा साहनी की याचिका पर सुनवाई की.

शराबबंदी कानून क्रियान्वयन पर HC की टिप्पणी : अदालत ने सुनवाई के दौरान राज्य में शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन पर गंभीर टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि कहा कि शराबबंदी के बावजूद अवैध कारोबार बढ़ रहा है. 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा इसकी चपेट में हैं.

मोटरसाइकिल से बरामद हुई थी शराब : मिथाइल अल्कोहल युक्त जहरीली शराब के घातक प्रभावों का उल्लेख करते हुए अदालत ने इसे गंभीर सामाजिक संकट बताया. प्राथमिकी के अनुसार, पुलिस ने एक मोटरसाइकिल से 55.800 लीटर अवैध शराब बरामद की थी.

हाई कोर्ट ने दी जमानत : वाहन आरोपी के नाम से पंजीकृत है. जब्ती सूची के अनुसार बाइक मटिहानिया पुल के पास लावारिस हालत में मिली और चौकीदार के बयान पर आरोपी का नाम सामने आया. बचाव पक्ष ने कहा कि घटना के समय आरोपी मौके पर नहीं था और सह-आरोपी वाहन चला रहा था. राज्य ने जमानत का विरोध किया.

मुख्य सचिव को हाई कोर्ट का निर्देश : अदालत ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि युवाओं के पुनर्वास हेतु ठोस कदम उठाए जाएं और संविधान के अनुच्छेद 47 की भावना के अनुरूप कार्य हो. हाई कोर्ट ने आरोपी को चार सप्ताह में समर्पण की शर्त पर 10 हजार रुपये के मुचलके पर अग्रिम जमानत दे दी.

मानसिक स्वास्थ्य और इलाज पर HC की सुनवाई : वहीं, एक अन्य मामले में पटना हाईकोर्ट ने राज्य के मानसिक स्वास्थ्य और उनके इलाज की व्यवस्था में कमियों को ले कर गहरी चिंता व्यक्त की. चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वयं सुनवाई प्रारम्भ की.

बालसा की रिपोर्ट को HC ने गंभीरता से लिया : बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सदस्य की 17 फरवरी 2026 की रिपोर्ट को कोर्ट ने काफी गंभीरता से लिया. राज्य में मानसिक बीमारी के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था व संसाधन की कमी पर काफी चिंता व्यक्त की.

खुद चीफ जस्टिस ने किया था निरीक्षण : 14 फरवरी 2026 को चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू समेत पटना हाईकोर्ट के अन्य जज, रजिस्टार, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण ,बालसा के सदस्य, सचिव कोईलवर, जिला भोजपुर के बिहार स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ मेन्टल हेल्थ एंड एलाइड साइंस का निरीक्षण किया.

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