मंटू कुमार हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, छह सजायाफ्ता बरी
मंटू हत्याकांड केस में पटना हाईकोर्ट ने छह सजायाफ्ताओं को बरी कर दिया है. पढ़ें पूरा मामला.

Published : February 17, 2026 at 7:53 PM IST
पटना: हाईकोर्ट पटना ने जहानाबाद के बहुचर्चित मंटू कुमार हत्याकांड में ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द कर छह सजायाफ्ताओं को बरी कर दिया है. जस्टिस मोहित कुमार शाह और जस्टिस सोनी श्रीवास्तव की खंडपीठ ने इनकी आपराधिक अपीलों पर लंबी सुनवाई की. कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए ये आदेश पारित किया है.
मंटू कुमार हत्याकांड में बड़ा फैसला: इस मामले के अनुसार 22 जून, 2016 की रात मंटू कुमार को रुपये देने के बहाने बुलाया गया था. इसके बाद वह लापता हो गया. दो दिन बाद धनरुआ क्षेत्र से उसका जला हुआ शव बरामद हुआ था. मृतक के परिजनों के आवेदन पर जहानाबाद थाना कांड संख्या 296/2016 दर्ज किया गया था.
छह सजायाफ्ता बरी: अनुसंधान के बाद पुलिस ने छह लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया. सत्र न्यायालय, जहानाबाद ने 13 दिसंबर, 2019 को सभी अभियुक्तों को भारतीय दंड विधान की धारा 302, 201, 120(बी) सहपठित 149 के तहत दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष से लेकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
निचली कोर्ट के आदेश को चुनौती: निचली कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए इन सजायाफ्ताओं ने पटना हाईकोर्ट में अपील दायर की. पटना हाईकोर्ट ने इनके द्वारा दायर अपीलों पर सुनवाई की. हाईकोर्ट ने साक्ष्यों की समीक्षा में पाया कि मामला पूरी तरह परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित था.
कॉल डिटेल रिकॉर्ड के समर्थन में धारा 65-बी का अनिवार्य प्रमाणपत्र भी पेश नहीं किया गया. हाईकोर्ट ने कहा कि संदेह के आधार पर दोष सिद्धि नहीं की जा सकती, इसलिए कोर्ट ने उन्हें बरी करने का आदेश दिया.

