फिर से आम लोग गोलघर पर चढ़कर देख सकेंगे नजारा? सीएम नीतीश के निरीक्षण के बाद जगी उम्मीद
240 साल पहले बना पटना का गोलघर जल्द ही आम लोगों को घूमने के लिए खोल दिया जाएगा. सीएम ने निरीक्षण कर निर्देश दिया-


Published : January 11, 2026 at 1:50 PM IST
पटना : बिहार के ऐतिहासिक धरोहर में से एक और पटना की पहचान गोलघर का मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री के साथ जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा के सांसद संजय झा भी गए थे.
सीएम नीतीश का गोलघर निरीक्षण : मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से गोलघर के बारे में जानकारी ली. स्ट्रक्चर की स्थिति, लाइट एंड साउंड एवं लेजर शो के बारे में भी जानकारी ली और उन्हें दिशा निर्देश दिया. राजधानी पटना का गोलघर ब्रिटिश काल में बनाया गया था. कैप्टन जॉन गार्स्टिन ने 1770 के भयानक अकाल के बाद ब्रिटिश सेना के लिए 1786 में बनवाया था, जिसका निर्माण कार्य 20 जुलाई 1786 को पूरा हुआ था.
अनोखा है पटना का गोलघर : 1770 के अकाल के बाद अनाज भंडारण और अकाल की रोकथाम के उद्देश्य से ही इसका निर्माण किया गया था. इसमें 140000 टन अनाज रखा जा सकता है. इसका निर्माण स्तूप शैली में किया गया है. इसकी दीवार की मोटाई 3.6 मीटर है, लेकिन एक भी खंबा नहीं है. यह 29 मीटर ऊंचा है और इसमें 145 घुमावदार सीढ़ियां बनाई गई हैं.
जीर्णोद्धार के कारण बीच में बंद रहा गोलघर : पटना आने वाले लोग एक बार गोलघर को जरूर घूमने जाते हैं, लेकिन लंबे समय से गोलघर आम लोगों के लिए बंद पड़ा हुआ है. 2017 से गोलघर के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ था. कोविड़ के कारण भी इसके जीर्णोद्धार कार्य पर असर पड़ा. बीच में कुछ समय के लिए खुला भी लेकिन गोलघर को आकर्षक बनाने के नाम पर बंद कर दिया गया.

बीच में नहीं थी गोलघर पर चढ़ने की इजाजत : गोलघर में लाइटिंग के साथ अन्य सुविधाओं को मुख्यमंत्री के निर्देश पर हैं 2013 से विकसित किया गया है. गोलघर देखने के साथ लोग इसका भी आनंद लेते थे, लेकिन लंबे समय से गोलघर पर चढ़ने की अनुमति नहीं थी.
जल्द आम लोग गोलघर पर चढ़ सकेंगे : इसके कारण पटना घूमने आने वाले लोगों को बाहर से देखकर ही संतोष करना पड़ता था. लेकिन अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा गोलघर के निरीक्षण के बाद उम्मीद है कि गोलघर पर फिर से आम लोग चढ़कर पटना का नजारा देख सकेंगे.
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