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खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट से फायरिंग मामले में गिरफ्तारी पर लगी रोक

पटना कोचिंग फायरिंग मामले में कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगायी. रौशन आनंद की याचिका खारिद कर दी.

Coaching Centre Firing Case
खान सर (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 9, 2026 at 9:25 AM IST

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पटना: पटना सिविल कोर्ट ने कोचिंग पर फायरिंग मामले में शिक्षक खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगाकर बड़ी राहत दी है. मंगलवार को जिला अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुपेश देव ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया. सोमवार को खान सर के वकील अरविंद कुमार मउआर के द्वारा कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गयी थी. इसके साथ ही गिरफ्तार दोनों सुरक्षा गार्ड की जमानत के लिए भी याचिका दायर की गयी थी.

रौशन आनंद की याचिका खारिज: इस केस में गिरफ्तार खान सर के दो सुरक्षा गार्डों और शिक्षक रोशन आनंद की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई. पटना सिविल कोर्ट में सुनाई के दौरान जज ने रौशन आनंद की बेल याचिका को खारिज कर दिया है. सोमवार की सुनवाई में जज ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.

पटना सिविल कोर्ट (ETV Bharat)

बचाव पक्ष की अदालत में दलीलें: सुनवाई के दौरान खान सर की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि प्राथमिकी में लगाई गई धाराएं उनके मुवक्किल पर लागू नहीं होती हैं. बचाव पक्ष का कहना था कि आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई उचित नहीं है, क्योंकि खान सर ने स्वयं कोई फायरिंग नहीं की है. उनके वकील ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के दबाव में पुलिस ने मामला दर्ज किया और घटना की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच किए बिना प्राथमिकी दर्ज कर ली गई. उन्होंने अदालत को बताया कि खान सर का सुरक्षा गार्डों से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और सुरक्षा कर्मियों को एक निजी एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किया गया था.

अभियोजन पक्ष का विरोध: दूसरी ओर लोक अभियोजक ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए अदालत में कहा कि फैजल खान उर्फ खान सर के निर्देश पर ही सुरक्षा गार्डों ने गोली चलाई थी. अभियोजन पक्ष का दावा था कि प्रदीप कुमार नामक एक सुरक्षा गार्ड ने उनके कहने पर firing की और इसका उद्देश्य इलाके में दहशत फैलाना था. अभियोजक ने यह भी कहा कि संबंधित गार्ड को व्यक्तिगत सुरक्षा कारणों से हथियार उपलब्ध कराया गया था, न कि सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग करने के लिए. इसलिए मामले को गंभीरता से देखने की जरूरत है.

Coaching Centre Firing Case
पटना सिविल कोर्ट (ETV Bharat)

आपराधिक इतिहास पर बहस: बचाव पक्ष ने अभियोजन के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि घटना के दौरान संस्थान की सुरक्षा को खतरा था और भीड़ संस्थान की ओर बढ़ रही थी. ऐसे में सुरक्षा कर्मियों द्वारा जो भी कदम उठाए गए, उनका उद्देश्य संस्थान की रक्षा करना था. वहीं अभियोजन पक्ष द्वारा खान सर के आपराधिक इतिहास का हवाला दिए जाने पर उनके वकील ने कहा कि पूर्व के मामले धरना-प्रदर्शन और जन आंदोलनों से जुड़े हैं तथा उन्हें गंभीर आपराधिक इतिहास नहीं माना जा सकता.

पुलिस से केस डायरी की मांग: खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार मउवार ने सिविल कोर्ट से बाहर निकाल कर मीडिया से बात करते हुए कहा कि खान सर को आंतरिम राहत मिल गई है और गिरफ्तारी पर माननीय न्यायालय ने रोक लगा दी है. इस मामले की अगली सुनवाई 20 जून को तय की गई है. पटना पुलिस से केस डायरी की मांग की गई है.

"अब खान सर इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर से मिलकर अपना पक्ष रख सकते हैं. खान सर के फरार होने की कोई जानकारी नहीं है ना हीं उन्हें यह जानकारी है कि उनके मुवक्किल कहां है." -अरविंद कुमार मउवार, खान सर के अधिवक्ता

क्या है मामला?: 2 जून की रात पटना के चर्चित खान सर के कोचिंग पर हमला हुआ था. खान सर ने प्रतिद्वंद्वी कोचिंग ज्ञान बिंदु के संचालक पर हमला कराने और फायरिंग करने का आरोप लगाया था. पुलिस ने मामले में सीसीटीवी की जांच की थी, जिसमें खान सर के गार्ड की पिटाई होते और बैनर पोस्टर फाड़ते लोग दिखाई दे रहे हैं, लेकिन पुलिस ने फायरिंग की पुष्टि नहीं की थी. सीसीटीवी में कोई भी फायरिंग करते नहीं दिखा था.

वायरल वीडियो से खुला राज: पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए ज्ञान बिंदु कोचिंग संचालक रौशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें खान सर के ही गार्ड फायरिंग करते नजर आ रहे हैं.

खान सर FIR: वीडियो के आधार पर पुलिस ने खान सर के दोनों गार्ड को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की पूछताछ में गार्ड ने कबूल किया कि उसने खान सर के कहने पर गोली चलायी. इसके बाद पुलिस ने खान सर पर नामजद एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी. हालांकि खान सर का कोई अता-पता नहीं था.

Coaching Centre Firing Case
हमले के दिन की CCTV से ली गयी तस्वीर (ETV Bharat)

सरेंडर की अफवाह और अग्रिम जमानत: शनिवार को खान सर के कोर्ट में सरेंडर करने की खबर आयी थी, लेकिन उन्होंने सरेंडर नहीं किया. उनके वकील अरविंद कुमार मउआर ने बताया था कि शनिवार को कोर्ट 1:30 बजे बंद हो गया, इसलिए एंटीसिपेटरी बेल दायर नहीं कर पाए.

खान सर की गिरफ्तारी पर रोक: इसके बाद सोमवार को खान सर के वकील ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की. सोमवार को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था. मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 जून को होगी.

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