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बिहार में 'कारगिल वीर आवास' के नाम पर 100 पूर्व सैनिकों से करोड़ों की ठगी, एक्शन में पटना पुलिस

पूर्व सैनिकों से जमीन के लिए निवेश कराकर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है. आरोपियों में रिटायर्ड कर्नल भी है. रिपोर्ट- निशांत

जमीन का सपना दिखाकर पूर्व सैनिकों से ठगी
जमीन का सपना दिखाकर पूर्व सैनिकों से ठगी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 20, 2026 at 4:49 PM IST

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Updated : August 20, 2026 at 5:05 PM IST

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पटना : बिहार की राजधानी पटना जिले के बिहटा में पूर्व सैनिकों को जमीन का सपना दिखाकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद कारगिल वीर आवास फिर विवादों में है. बिहटा के अमहरा थानाक्षेत्र के बिलाप गांव स्थित इस आवास को लेकर पूर्व सैनिक राघवेंद्र कुमार ने थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है. आवेदन के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

जमीन का सपना दिखाकर पूर्व सैनिकों से ठगी : मामला 2026 के फरवरी का है. सैनिक राघवेंद्र कुमार का आरोप है कि 'सैनिक वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन इंडिया लिमिटेड' के नाम पर करीब 100 पूर्व सैनिकों को जमीन देने का भरोसा दिलाया गया. संस्था के चेयरमैन रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल राकेश राणा और अधिकृत रिटायर्ड कैप्टन अर्जुन कुमार सिंह पर भी आरोप लगाए गए हैं. राघवेंद्र के अनुसार उन्होंने 6.38 लाख रुपये देकर 2016 में 1200 वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री करायी, लेकिन अब तक कब्जा नहीं मिला.

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पैसा देने के बाद भी नहीं मिला जमीन पर कब्जा : आवेदन में अन्य पूर्व सैनिकों के साथ भी ऐसी स्थिति होने की बात कही गयी है. गौरतलब है कि वर्ष 2022 में भी कारगिल वीर आवास को लेकर बिहटा के किसानों ने जमीन कब्जे का आरोप लगाते हुए न्यायालय का रुख किया था. इधर पूरे मामले पर दानापुर एसडीपीओ-2 अमरेंद्र कुमार झा ने कहा कि मामला फरवरी 2026 का है, जब आईआईटी अम्हारा थाना में एक पूर्व सैनिक राघवेंद्र कुमार आवेदन दिया गया.

प्लॉट बुकिंग और एग्रीमेंट के जाल में फंसे पूर्व सैनिक : शिकायतकर्ता और पूर्व सैनिक राघवेंद्र कुमार के अनुसार, वर्ष 2013 में उन्हें 'कारगिल वीर आवास सोसाइटी' के बारे में जानकारी मिली थी. यह सोसाइटी बिहटा के बिलाप गांव में स्थित है. इसके बाद, उन्होंने इस संस्थान से जुड़े रिटायर्ड कर्नल राकेश राणा और अर्जुन कुमार सिंह से संपर्क किया. राघवेंद्र कुमार ने रिटायर्ड कर्नल राकेश राणा के बैंक खाते में पैसे भेजे और 1200 स्क्वायर फीट जमीन के प्लॉट के लिए बकायदा एग्रीमेंट भी करा लिया.

जमीन देने में आनाकानी और टालमटोल : एग्रीमेंट होने के बावजूद, जब वर्ष 2016 में राघवेंद्र कुमार ने अपने प्लॉट का कब्जा लेने के लिए बात करनी चाही, तो आरोपियों ने किसानों के विवाद का बहाना बनाकर मामला टाल दिया. पीड़ित का आरोप है कि यह केवल उनके साथ नहीं हुआ, बल्कि उनके जैसे 100 से अधिक अन्य पूर्व सैनिकों ने भी इस सोसाइटी में जमीन के लिए एग्रीमेंट कराया था, लेकिन आज तक किसी भी सैनिक को उनका प्लॉट नहीं दिया गया है. इस सोसाइटी के तहत लगभग 32 बीघा जमीन का मामला जुड़ा हुआ है.

ठगी की शिकायत पर घटना की पुष्टि
ठगी की शिकायत पर घटना की पुष्टि (ETV Bharat)

मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास : जब पीड़ित सैनिकों ने रिटायर्ड कर्नल राकेश राणा के बारे में छानबीन की, तो पता चला कि वह मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है. वह पहले भी इस तरह की धोखाधड़ी कर चुका है. उसने ओडिशा में भी इसी तरह की एक संस्था बनाई थी और वहां भी कई सैनिकों से लाखों रुपये ठगे थे. इस मामले में वह काफी समय तक जेल में भी रहा था और वहां की सरकार व प्रशासन ने उसे तब तक जेल में रखा था, जब तक कि सैनिकों को उनकी जमीन वापस नहीं मिल गई.

कार्यालय बंद कर आरोपी फरार : इस धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद जब सैनिकों ने कार्रवाई की कोशिश की, तो पता चला कि दानापुर छावनी स्थित इस संस्थान का कार्यालय बंद हो चुका है. जालसाजी की बात सामने आते ही कार्यालय में ताला लगाकर सभी आरोपी फरार हो गए हैं. मामले का दूसरा पार्टनर अर्जुन कुमार सिंह भी गायब है और उसने पीड़ितों के फोन उठाना भी बंद कर दिया है.

स्थानीय किसानों का भूमि विवाद और अदालती मामला : 'कारगिल वीर आवास' को लेकर पिछले कई सालों से गंभीर विवाद चल रहा है. बिलाप गांव के स्थानीय किसानों ने भी जमीन के मुआवजे और कब्जे को लेकर कोर्ट में केस कर रखा है. गांव के किसानों का आरोप है कि इस संस्था ने उन्हें न तो कोई मुआवजा दिया और न ही उनकी सहमति ली, बल्कि उनकी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है.

''राघवेन्द्र कुमार के आवेदन के बाद पुलिस ने 54/26 केस दर्ज कर जांच शुरू की और जांच में घटना सत्य पाया गया. जिसके बाद अब इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. आरोपी रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल और उसके अन्य साथियों के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश जारी हो चुका है. पुलिस जल्द आरोपी की गिरफ्तारी करने जाएगी. हम सभी सैनिकों से आग्रह करते हैं कि इस तरह के फर्जीवाड़े में न फंसे. ऐसा हो तो तुरंत पुलिस को सूचना दें.''- अमरेंद्र कुमार झा, डीएसपी 2, दानापुर

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Last Updated : August 20, 2026 at 5:05 PM IST