राबड़ी आवास के बाहर 'महिला ब्रिगेड' की तैनाती, सवाल- 10 सर्कुलर रोड में आगे क्या होगा?
राबड़ी देवी आवास को लेकर संशय बरकरार है. भवन निर्माण विभाग द्वारा दिये गये अल्टीमेटम के बाद नया शगूफा छोड़ा गया है. पढ़ें खबर

Published : June 16, 2026 at 7:17 PM IST
पटना : कुछ दिनों पहले एक तस्वीर सामने आयी थी जिसमें आरजेडी के नेता-कार्यकर्ता हाथों में लाठी लिए राबड़ी आवास यानी 10 सर्कुलर रोड के बाहर नजर आए थे. मंगलवार को अलग नजारा दिखा, राबड़ी देवी के आवास की सुरक्षा की कमान महिला ब्रिगेड ने संभाल रखी थी.
''राबड़ी देवी ने सुरक्षा वापस कर दिया है और उनकी सुरक्षा के जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं ने संभाल रखी है. हम लोग अपने नेता को सुरक्षा दे रहे हैं. आज महिला ब्रिगेड सुरक्षा का काम देख रही हैं. रोस्टर वाइस जिम्मेदारी बदलती रहती है.''- अनिता देवी, आरजेडी की महिला नेत्री

पूछताछ के बाद प्रवेश की इजाजत : आरजेडी के ही पूर्व विधायक भाई दिनेश भी राबड़ी देवी आवास के बाहर एंट्री गेट पर डटे हैं. अंदर जाने वाले लोगों से गहन पूछताछ के बाद प्रवेश की इजाजत दी जाती है. ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान भाई दिनेश ने कहा कि बिहार सरकार लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को परेशान कर रही है.
''सरकार को यह बताना चाहिए कि किन परिस्थितियों में राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव को सुरक्षा मुहैया करायी गयी और किन परिस्थितियों में सुरक्षा हटायी गयी. जहां तक आवास का सवाल है तो राबड़ी देवी ने पत्र लिखकर अनुरोध किया है. राबड़ी देवी के अनुरोध को सरकार को फिलहाल मान लेना चाहिए.''- भाई दिनेश, पूर्व विधायक, आरजेडी
स्वास्थ्य का दिया गया है हवाला : दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का आवास इन दिनों बिहार की सियासत के केंद्र बिन्दु में है. 10 सर्कुलर रोड आवास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. भवन निर्माण विभाग द्वारा दिये गये अल्टीमेटम की मियाद पूरी हो चुकी है. इसी बीच राबड़ी देवी ने लालू यादव के स्वास्थ्य का हवाला दिया है, आवास खाली करने के लिए एक महीना का समय मांगा है. हालांकि भवन निर्माण विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है.
मेल के जरिये किया गया अनुरोध : राबड़ी देवी की ओर से भवन निर्माण विभाग को एक मेल किया गया है, जिसमें कहा गया है कि लालू प्रसाद यादव को इन्फेक्शन का खतरा है और वह परिवार के साथ नहीं रहते हैं.10 सर्कुलर रोड में एक अलग से कमरा बना हुआ है जिसमें लालू प्रसाद यादव रहते हैं. राबड़ी देवी की ओर से मेल में कहा गया है कि अगर 39 हार्डिंग रोड उन्हें सरकार आवंटित करना चाहती है तो उस जगह पर लालू प्रसाद यादव के लिए एक अलग से कमरा बनवा दिया जाए, ताकि उन्हें चढ़ने उतरने में परेशानी ना हो.

''लालू प्रसाद यादव लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं. उनकी नियमित चिकित्सकीय निगरानी और इलाज को देखते हुए तत्काल आवास खाली करना परिवार के लिए कठिन होगा. इसी आधार पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए विभाग समय सीमा एक महीने बढ़ाए.''- राबड़ी देवी, पूर्व मुख्यमंत्री
सरकार की क्या है दलील? : भवन निर्माण विभाग का तर्क है कि सरकारी आवासों का आवंटन नियमों के अनुसार किया जाता है और समय-सीमा समाप्त होने के बाद उन्हें वापस लेना विभाग की जिम्मेदारी है. भवन निर्माण विभाग फिलहाल राबड़ी देवी के अनुरोध पर विचार कर रहा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है.
राजद नेताओं के रुख हुए नरम : पूरे मामले पर अंतिम निर्णय भवन निर्माण विभाग को लेना है. यदि विभाग अतिरिक्त समय देने को तैयार होता है तो विवाद कुछ समय के लिए टल सकता है, लेकिन यदि अनुरोध अस्वीकार होता है तो सरकार और राजद के बीच यह मुद्दा और गरमा सकता है. हालांकि राष्ट्रीय जनता दल नेताओं के रुख में नरमी दिख रही है और आवास छोड़ने की बात कही जा रही हो.

आपको बता दें कि सुरक्षा को लेकर राबड़ी देवी और बिहार सरकार आमने-सामने है. राबड़ी देवी ने सुरक्षा वापस कर दिया है. आज की तारीख में उनके घर के बाहर एक भी सुरक्षा कर्मी नहीं है. पार्टी के कार्यकर्ता रोस्टर के हिसाब से राबड़ी देवी आवास के बाहर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
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