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अब घर बैठे बनेगी मरीजों की पर्ची, लाइन में लगने की नहीं होगी जरूरत, बस करना होगा ये काम

मरीज आभा ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर पर्ची बनवा सकेंगे. ये पहल स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ाएगी.

क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में आभा एप से नेगी पर्ची
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में आभा ऐप से नेगी पर्ची (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 24, 2026 at 10:11 AM IST

5 Min Read
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बिलासपुर: अब अगर आप क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर आ रहे हैं तो पर्ची बनाने के लिए आपको लंबी-लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा. आप अस्पताल में आने से एक घंटा पहले ही घर बैठे अपनी पर्ची बना सकते हैं. ये कदम मरीजों की सुविधा और समय की बचत को ध्यान में रखते बिलासपुर अस्पताल प्रशासन ने उठाया है.

बिलासपुर अस्पताल प्रशासन ने आभा ऐप के जरिए पर्ची बनाने की योजना शुरू कर दी है. अस्पताल प्रशासन ने पर्ची बनाने का समय सुबह 8:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक निर्धारित किया है. इस समयावधि में मरीज आभा ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर पर्ची बनवा सकेंगे. अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके सिंह के अनुसार, 'शुरुआती दिनों में अस्पताल स्टाफ की ओर से मरीजों को ऐप डाउनलोड करने और आइडी बनाने में भी सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि बुजुर्ग और तकनीक से कम परिचित लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा सकें.'

जानकारी के अनुसार, अब तक इस प्रकार की डिजिटल पर्ची सुविधा प्रदेश के मेडिकल कालेजों और बड़े अस्पतालों तक ही सीमित थी, लेकिन क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर इस सुविधा को शुरू किया गया है. ये पहल न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाएगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ाएगी. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की सुविधा जल्द ही घुमारवीं अस्पताल में भी शुरू की जाएगी. इसके लिए तकनीकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं. बता दें कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में पहले से ही आभा ऐप के जरिए मरीजों को पर्ची बनवाने की सुविधा मिल रही है.

ऐसे बनाएं आभा ऐप से पर्ची

  • सबसे पहले मरीज को अपने मोबाइल में आभा ऐप डाउनलोड करना होगा.
  • इसके बाद आभा आइडी बनानी होगी.
  • ऐप में अपनी आवश्यक जानकारी और स्वास्थ्य विवरण दर्ज करना होगा.
  • अस्पताल में पहुंचने पर ऐप के माध्यम से काउंटर पर लगे बार कोड को स्कैन करना होगा.
  • स्कैन के बाद मरीज को एक टोकन नंबर प्राप्त होगा.
  • इस टोकन नंबर को अस्पताल के पर्ची काउंटर पर बताने के बाद तुरंत पर्ची जारी कर दी जाएगी.
  • यह टोकन नंबर मात्र एक घंटे के लिए ही मान्य होगा, अगर आप लेट हो जाते हैं तो आपको दोबारा जनरेट करना होगा.
  • घर से टोकन नंबर प्राप्त करने के लिए बार कोड की फोटो अपने मोबाइल में रख लें.
  • आभा ऐप खोलने पर बार कोड को फोटो गैलरी में ही स्कैन कर सकते हैं.

मरीजों का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड एक ही प्लेटफार्म पर होगा उपलब्ध

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके सिंह के अनुसार, आभा ऐप के माध्यम से पर्ची व्यवस्था लागू होना डिजिटल हेल्थ मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इससे भविष्य में मरीजों का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध रहेगा, जिससे इलाज और परामर्श की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सटीक बन सकेगी.

कैसे बनाएं आभा आईडी

आभा आईडी के लिए कही जाने की जरूरत नहीं. आप घर बैठे ही आभा आईडी बना सकते हैं. इसके लिए आपके पास आधार या वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है. इसके लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाती है.

  • https://abha.abdm.gov.in/ पर जाएं.
  • क्रिएट आभा नंबर पर क्लिक करें.
  • ABHA नंबर बनाने के लिए अपनी पसंदीदा पहचान पत्र चुनें, जैसे कि आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस.
  • आधार नंबर चुनने पर अपनी आधार आईडी दर्ज करें.
  • मोबाइल नंबर प्राप्त आधार ओटीपी और कैप्चा दर्ज करें और नेक्स्ट बटन पर क्लिक करें.
  • इसके बाद जरूरी जानकारी दर्ज करें और अपना आभा कार्ड डाउनलोड करें.
  • इसके बाद आप प्ले स्टोर से आभा ऐप डाउनलोड कर सकते हैं.

क्या है आभा आईडी

आभा (ABHA - Ayushman Bharat Health Account) कार्ड 14 अंकों की एक विशेष डिजिटल स्वास्थ्य आईडी है. ये मरीज के सभी मेडिकल रिकॉर्ड जैसे डॉक्टर की पर्ची, लैब रिपोर्ट, अस्पताल के दस्तावेज, मरीज की हिस्ट्री, दवाइयों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखती है. यह केंद्र सरकार द्वारा डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत बनाया गया एक 'हेल्थ लॉकर' है, जो बिना कागजी दस्तावेज लिए कहीं भी इलाज कराने में सहायक है. इसके जरिए ये पता लगाया जा सकता है अतीत में मरीज को कौन सी बीमारी थी और उसके लिए कौन से टेस्ट किए गए और कौन सी दवाइयां और क्या इलाज मरीज को दिया गया. डिजिटल मेडिकल हिस्ट्री इसमें पुरानी पर्चियां और रिपोर्ट्स को संभालने की जरूरत नहीं रहेगी, सब कुछ ऑनलाइन एक ही जगह हेल्थ लॉकर में सुरक्षित रहेगा. देश के किसी भी डॉक्टर या अस्पताल के साथ आप अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से शेयर कर सकते हैं. आभा ऐप मरीज का पूरा हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रखेगा. साथ ही पर्ची बनवाने के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा.

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