DMCH के इमरजेंसी वार्ड में अचानक ऑक्सीजन सप्लाई बंद, झुलसे हुए मरीज को रेफर किया गया पटना
दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इमरजेंसी ट्राइएज में ऑक्सीजन सप्लाई अचानक बंद होने से हंगामा, झुलसे मरीज को रेफर किया गया. पढ़ें पूरी खबर-

Published : February 12, 2026 at 12:58 PM IST
दरभंगा: बिहार के दरभंगा के डीएमसीएच में बुधवार शाम इमरजेंसी विभाग के ट्राइएज एरिया में अचानक ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से अफरा-तफरी मच गई. उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में हुई ऐसी घटना से मरीजों के परिजनों में भारी गुस्सा देखने को मिला. गंभीर रूप से झुलसे हुए कमतौल निवासी एक मरीज का इलाज चल रहा था, जब पाइपलाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप हो गई.
परिजनों में भड़का गुस्सा: ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने की सूचना मिलते ही मरीज के परिजन घबरा उठे. उन्होंने अस्पताल कर्मियों से नोकझोंक की और हंगामा शुरू कर दिया. परिजनों का आरोप था कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद अस्पताल में कोई त्वरित व्यवस्था नहीं की गई. अफरा-तफरी के बीच एक ऑक्सीजन सिलेंडर लाया गया, लेकिन परिजनों ने दावा किया कि वह खाली था, जिससे विवाद और बढ़ गया.
"मेरा बेटा बुरी तरह झुलस गया था, उसका डीएमसीएच में इलाज चल रहा था. इमरजेंसी विभाग के ट्राइएज एरिया में पाइपलाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति अचानक बंद हो गई. ऑक्सीजन सिलेंडर लाया गया, लेकिन वो भी काली था."-मरीज के परिजन
मरीज को पटना रेफर किया गया: हंगामे के बीच मामला शांत नहीं हो पाया और मरीज के परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए उसे पटना रेफर करवा लिया. परिजन मरीज को लेकर तुरंत रवाना हो गए. इस दौरान अस्पताल में मौजूद अन्य लोग और स्टाफ के हस्तक्षेप से स्थिति को कुछ हद तक नियंत्रित किया गया. परिजन ने बताया कि मरीज को समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल पाने से उसकी हालत और बिगड़ गई.
उपाधीक्षक की त्वरित कार्रवाई: मामले की जानकारी मिलते ही डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने तुरंत कार्रवाई की. उन्होंने आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मी को मौके पर भेजा, जिसने पहुंचते ही ऑक्सीजन सप्लाई बहाल कर दी. हालांकि तब तक मरीज को रेफर कर दिया गया था. डॉ. सुरेंद्र कुमार ने घटना की गंभीरता को देखते हुए सिस्टर इंचार्ज और वार्ड बॉय से जवाब तलब किया है.
"मामले की गंभीरता को देखते हुए सिस्टर इंचार्ज और वार्ड बॉय से जवाब तलब किया जाएगा."-डॉ. सुरेंद्र कुमार, उपाधीक्षक, डीएमसीएच
आउटसोर्सिंग एजेंसी का दावा: आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मी ने घटना के बाद स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि प्रत्येक बेड पर पाइपलाइन में ऑक्सीजन की सप्लाई को नियंत्रित करने के लिए स्टॉपर लगा होता है. स्टॉपर खोला नहीं जाने के कारण ही आपूर्ति बाधित हुई.
"ऑक्सीजन पाइपलाइन पूरी तरह दुरुस्त है और संबंधित कर्मियों को इसकी जानकारी पहले से दी जा चुकी है."-आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मी
अस्पताल पर बार-बार उठते सवाल: डीएमसीएच उत्तर बिहार का प्रमुख चिकित्सा केंद्र होने के नाते हजारों मरीजों पर निर्भर है, लेकिन ऑक्सीजन सप्लाई जैसी बुनियादी सुविधा में बार-बार खामी सामने आ रही है. पहले भी ऑक्सीजन प्लांट और सप्लाई से जुड़ी समस्याएं रिपोर्ट हुई हैं. यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
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