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चित्रकूट में अस्पताल ले जाते समय मरीज की मौत, रास्ते में खराब हुई एंबुलेंस, आधे घंटे तक नहीं मिला इलाज

एंबुलेंस खराब होने का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस स्थानीय लोगों के साथ मिलकर धक्का दे रही है.

एंबुलेंस खराब होने से मरीज की मौत.
एंबुलेंस खराब होने से मरीज की मौत. (Photo Credit; Chitrakoot Police)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 9:20 PM IST

2 Min Read
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चित्रकूट : मानिकपुर मुख्य बाजार में मंगलवार को एंबुलेंस खराब होने के कारण बुजुर्ग मरीज की मौत हो गई. पुलिस व अन्य लोगों ने धक्का देकर एंबुलेंस को बीच रास्ते से हटाया और निजी वाहन से बजुर्ग को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया.

इंद्रानगर में रहने वाले शिक्षक हेमराज सिंह के पिता हनुमान प्रसाद (75) बीमार थे. मंगलवार को तबीयत ज्यादा खराब होने पर 108 एंबुलेंस को काल किया. करीब आधे घंटा बाद एंबुलेंस आई. हनुमान प्रसाद को एंबुलेंस से लेकर अस्पताल जा रहे थे, तभी मानिकपुर बाजार में एंबुलेंस खराब हो गई.

एंबुलेंस चालक गाड़ी को सही करने की कोशिश की. लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर एंबुलेंस को धक्का देकर सड़क के किनारे खड़ा किया. इस बीच करीब आधे घंटे तक बुजुर्ग मरीज तड़तपा रहा. एंबुलेंस में ऑक्सीजन की सुविधा तक नहीं थी.

परिजनों ने किसी तरह निजी गाड़ी बुक की और बुजुर्ग को लेकर मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. डॉक्टरों ने जांच-पड़ताल की और बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया. बुजुर्ग की मौत पर परिजनों ने नाराजगी दिखाई.

हेमराज सिंह ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर एंबुलेंस रास्ते में खराब नहीं होती और समय पर पिता जी को इलाज मिल जाता तो हमारे पिता की जान बच सकती थी. यह स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही है.

वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ अधीक्षक शेखर वैष्य ने बताया, बुजुर्ग की तबीयत पहले से खराब थी. प्राइवेट डॉक्टर के यहां इलाज चल रहा था. एंबुलेंस में टेक्निकल फॉल्ट के चलते खराबी आई थी. विभाग से एंबुलेंस का फिटनेस सर्टिफिकेट मंगवाया गया है.

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