विधायकों ने समझी बजट की बारीकियां, पार्लियामेंट्री लेजिस्लेटिव रिसर्च टीम ने साझा की कई महत्वपूर्ण जानकारियां
पार्लियामेंट्री लेजिस्लेटिव रिसर्च टीम ने झारखंड के विधायकों के साथ बजट से जुड़ी कई जरूरी जानकारी शेयर की.


Published : February 21, 2026 at 10:02 PM IST
रांची: झारखंड का आम बजट 24 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा. झारखंड के विधायकों को बजट की बारिकियां बताने और बजट के अलग-अलग पहलुओं पर उनके सवालों का विशेषज्ञों से जवाब देने के लिए, झारखंड विधानसभा का बजट सेशन खत्म होने के बाद आज बजट पर परिचर्चा आयोजित की गई.
विधानसभा के कॉन्फ्रेंस हॉल में हुए इस कार्यक्रम में स्पीकर रबींद्रनाथ महतो, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, बीजेपी विधायक डॉ. नीरा यादव और मनोज यादव, कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, विधायक नमन विकास कोंगाड़ी और झामुमो विधायक अमित कुमार शामिल हुए. वर्कशॉप के दौरान अर्थशास्त्र और बजट की जानकार यशिका केडिया और निरंजना ने बजट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की.
स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने कहा कि पिछले आर्थिक नीतियों के जानकारों ने समय-समय पर इसमें बदलाव करते आए हैं. हम भी बदलते देश और अपनी क्षमताओं के हिसाब से इसकी उम्मीद करते हैं. इतने कम समय में पूरा बजट समझ पाना आसान नहीं है, लेकिन हमने बजट में इस्तेमाल होने वाले बेसिक एलिमेंट्स, उनका क्या मान्य है और उनका क्या इंपैक्ट है, इसके बारे में जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश की.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि दिल्ली से एक टीम ने कई राज्यों का दौरा किया है और आर्थिक गतिविधियों का तुलनात्मक एनालिसिस तैयार किया है. जाहिर है, यह झारखंड के संदर्भ में भी बहुत फायदेमंद और जानकारी देने वाला है. वित्त मंत्री ने कहा कि बजट और अर्थशास्त्र की कोई सीमा नहीं है. 45 साल से ज्यादा के पार्लियामेंट्री जीवन में, हमने, अन्य विधायकों और स्पीकर के साथ, सामाजिक अनुभव और बजट का अनुभव दोनों हासिल किया है. दिल्ली टीम के पास पूरी जानकारी है, और हमें उनके द्वारा की गई स्टडीज़ के बारे में जानकारी मिली. उन्हें भारत के दूसरे राज्यों के बजट से जुड़ी जरूरी जानकारी भी मिली.
बीजेपी विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. नीरा यादव ने कहा कि दिल्ली से आई पार्लियामेंट्री लेजिस्लेटिव रिसर्च टीम के सदस्यों ने जरूरी जानकारी दी है और हर जनप्रतिनिधि को इसकी जानकारी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती, जब भी मौका मिले, सीखना चाहिए. बजट बहुत बड़ा है, समंदर जैसा है, और हम इसे कम समय में समझ नहीं पाएंगे. फिर भी, हमारी बहुत इच्छा है कि हम जहां से भी हो सके, कम से कम थोड़ी-बहुत जानकारी तो लें ही.
नीरा यादव ने कहा कि हम अपने लोगों को एक आसान सा उदाहरण देना चाहेंगे. अगर हमारे घर की इनकम ₹1,200 है, और हम ₹200 या ₹100 बचाते हैं, और हम वह ₹1,000 खर्च करते हैं, और हमारे पास ₹200 का सरप्लस बचता है, तो हमारे लिए यह तय करना एक जरूरी मामला है कि उस बचे हुए पैसे का इस्तेमाल कैसे किया जाए. नीरा यादव ने कहा कि हम देख रहे हैं कि राज्य में बहुत सारा खर्च फालतू चीजों पर हो रहा है, और यह सही नहीं है.
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