पप्पू यादव की Y + सुरक्षा बहाल, पटना हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को किया रद्द
पटना हाई कोर्ट ने माना पप्पू यादव की सुरक्षा में अनियमितता बरती गई, जिसके बाद Y + सुरक्षा बहाल करने का आदेश दिया. पढ़ें

Published : May 19, 2026 at 1:16 PM IST
पटना: पटना हाई कोर्ट ने सांसद पप्पू यादव की वाई प्लस सुरक्षा बहाल करते हुए बिहार सरकार के सुरक्षा डाउनग्रेड करने संबंधी आदेश को रद्द कर दिया. जस्टिस जितेंद्र कुमार ने कहा कि कार्यपालिका के निर्णय कानून और प्रक्रिया के अनुरूप होने चाहिए.
पप्पू यादव की Y + सुरक्षा बहाल: पटना हाई कोर्ट ने पाया कि सुरक्षा घटाने से पहले कोई वस्तुनिष्ठ खतरा आकलन नहीं किया गया. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता कनिष्क अरोड़ा ने इसे अनुच्छेद 21 से जुड़ा मामला बताया, जबकि सरकारी अधिवक्ता किंकर कुमार ने राज्य सरकार के फैसले का पक्ष रखा.

पटना हाई कोर्ट का बिहार सरकार को झटका: सितंबर 2025, बिहार सरकार ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा वाई प्लस से घटाकर वाई कर दी थीं. जिसके बाद पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. अब अदालत ने पप्पू यादव के पक्ष में फैसला देते हुए Y + सुरक्षा बहाल करने का निर्देश दिया है.
अदालत ने बिहार सरकार का फैसला किया रद्द: मामले में याचिकाकर्ता पप्पू यादव के वकील श्रीनंदन भारती ने बताया कि ''में पप्पू यादव की सुरक्षा घटा दी गई थी. मामला सुप्रीम कोर्ट में था, तब अदालत ने हमें पटना हाई कोर्ट में जाने के लिए कहा था. जिसके बाद पटना हाईकोर्ट ने पप्पू यादव के पक्ष में फैसला सुनाया है.''

'सुरक्षा को लेकर अनियमितता बरती गई थीं' : याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि, अदालत ने माना कि पप्पू यादव की सुरक्षा को लेकर अनियमितता बरती गई थीं. इसलिए पप्पू यादव की सुरक्षा बढ़ाई जाय. अदालत ने यह भी कहा कि अगर सांसद की जान को ज्यादा खतरा हो तो उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जा सकती है.
अदालत ने की थी अहम टिप्पणी : कोर्ट ने सुनवाई के दौरान 14 मई 2026 को सुनवाई करते हुए अहम टिप्पणी की थी. अदालत ने कहा कि “यह देश नौकरशाही के शासन से नहीं, कानून के शासन से चलता है. इसलिए कार्यपालिका के फैसले कानू और निर्धारित प्रक्रिया के तहत होने चाहिए न कि अधिकारियों की मनमर्जी से.”
सुप्रीम कोर्ट से मिली थी राहत: इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के पश्चात मामला तत्काल पटना हाईकोर्ट में सूचीबद्ध हुआ था. उसके बाद 12 मई, 13 मई और 14 मई 2026 को लगातार तीन दिनों तक विस्तृत सुनवाई हुई. इस दौरान सभी पक्षों की लंबी बहसें सुनी गईं, राज्य सरकार से जवाब तलब किया गया, सरकारी रिकॉर्ड एवं संबंधित फाइल तलब कर न्यायालय द्वारा उसका परीक्षण किया गया.

सांसद ने कहा था, जान का खतरा है: सुनवाई के दौरान पप्पू यादव की तरफ से कहा गया कि, याचिकाकर्ता को कुख्यात आपराधिक गिरोहों एवं संगठित अपराधियों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं. इसके बावजूद केंद्र एवं राज्य सरकार को अनेक बार सुरक्षा बढ़ाने हेतु कोई कार्रवाई नहीं की गई.
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कनिष्क अरोड़ा ने बताया कि, ''दलील सुनने के बाद अदालत ने याचिकाकर्ता की सुरक्षा को Y+ से घटाकर Y श्रेणी किए जाने के निर्णय से संबंधित सरकारी फाइल मंगाकर उसका परीक्षण किया, जिसके बाद उक्त निर्णय को निरस्त करते हुए राहत प्रदान की गई.''
क्या था पूरा मामला? : पूर्णिया सांसद ने अपनी सुरक्षा घटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सुनवाई के बाद अदालत ने बिहार सरकार के 23 सितंबर 2025 के आदेश को रद्द करते हुए Y+ सुरक्षा बहाल करने का निर्देश दिया था. हालांकि बिहार चुनाव के एक महीने पहले सांसद की Y+ सुरक्षा को हटा दिया गया है. जिसके बाद पप्पू यादव सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. जहां अदालत ने उन्हें पटना हाई कोर्ट का रूख करने के लिए कहा था.
क्या होती है Y+ सुरक्षा? : देश में सुरक्षा व्यवस्था को कई श्रेणियों में बांटा गया है. जैसे एक्स, वाई, वाई प्लस, जेड और जेड प्लास. वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा में 11 सुरक्षाकर्मी होते हैं. एक-दो कमांडो और दो पीएसओ के जवान भी शामिल होते है.
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