ETV Bharat / state

बिहार में पीपा पुल बंद, दियारा में बढ़ी परेशानी; नाव के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे रहे लोग

दानापुर में पीपा पुल हुआ बंद, नाव का इंतजार बना दियारा वासियों की मजबूरी. रिपोर्ट- राजेश कुमार

PAPA PUL CLOSED IN DANAPUR
दानापुर में नाव की सवारी (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 22, 2026 at 2:39 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

पटना : बिहार में गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. पटना के कई इलाकों में पानी घुस गया है. सिर्फ परेशानी पानी की ही नहीं है, बल्कि नाव के लिए भी लोग टकटकी लगाए बैठे दिखाई पड़े. बिहार की राजधानी पटना से दानापुर नासरीगंज फक्कड़ महतो घाट पर लोगों को रात में नाव का इंतजार करना पड़ता है. दियारा वासियों की यह मजबूरी बन गई है. कुछ लोग तो रात में गंगा के पास ही सो जाते हैं.

नाव के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे रहे लोग : दरअसल, पटना में दिनभर मेहनत-मजदूरी और नौकरी करने के बाद जब शहर से लौटने का समय हुआ, तो दियारा के लोगों के सामने घर पहुंचने की राह आसान नहीं थी. देर रात दानापुर के फखर महतो घाट पर 50 से अधिक लोग गंगा पार जाने के लिए नाव के इंतजार में बैठे नजर आए. थके चेहरे, हाथों में सामान और आंखों में घर पहुंचने की बेचैनी, घाट का यह दृश्य दियारा वासियों की रोजमर्रा की मजबूरी को बयां कर रहा था.

देखें रिपोर्ट (ETV Bharat)

पीपा पुल खोल दिया गया : पीपा पुल बंद होने के बाद गंगा पार दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए नाव ही एकमात्र सहारा रह गई है. गर्मी के दिनों में पीपा पुल चालू रहने से लोग देर रात तक काम करने के बाद भी आसानी से अपने घर लौट जाते थे. लेकिन बारिश के मौसम में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण पीपा पुल खोल दिया गया है.

उम्मीद वाली नाव : इसके बाद दियारा के लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है. बीती देर रात फखर महतो घाट पर बड़ी संख्या में लोग नाव की प्रतीक्षा करते रहे. किसी को घर पहुंचने की जल्दी थी, तो कोई दिनभर की थकान के बाद अपने परिवार के बीच लौटना चाहता था. इसी दौरान पानापुर की ओर से एक नाव मरीज को लेकर घाट पर पहुंची. नाव को देखते ही लोगों में हलचल बढ़ गई और कई लोग गंगा पार जाने की उम्मीद में उसके आसपास जुट गए.

PAPA PUL CLOSED IN DANAPUR
नाव से जाती गर्भवती महिला (ETV Bharat)

'कई तरह से होती है परेशानी' : दियारा निवासी टुनटुन कुमार यादव ने बताया कि देर रात काम करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि दिनभर काम करने के बाद जब लोग रात में घाट पहुंचते हैं, तो नाव का इंतजार करना पड़ता है. कई बार काफी देर तक नाव नहीं मिलने से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और मरीजों को भी परेशानी होती है.

''गंगा के दोनों किनारों के बीच आवागमन उनके लिए रोज की जरूरत है, लेकिन रात के समय नाव की नियमित व्यवस्था नहीं होने से यह सफर चिंता और परेशानी में बदल जाता है. खासकर किसी आपात स्थिति में मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है.''- टुनटुन कुमार यादव, दियारा निवासी, दानापुर

दियारा वासियों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि फखर महतो घाट पर रात के समय कम से कम एक नाव की स्थायी व्यवस्था की जाए. लोगों का कहना है कि घर लौटना कोई सुविधा नहीं, उनकी जरूरत है. प्रशासन यदि रात में नाव की व्यवस्था सुनिश्चित कर दे, तो सैकड़ों लोगों को घंटों घाट पर इंतजार करने की मजबूरी से राहत मिल सकती है.

''हमलोग नाव के इंतजार में बैठे हुए हैं. पता नहीं कब तक हम लोग हुंचेंगे. सरकार से हमारी मांग है कि पीपा पुल छोड़िया, यहां पक्का पुल बनाइये.''- उपेन्द्र कुमार, पतलापुर निवासी

ये भी पढ़ें:-

बिहार में उफनती गंगा ने बढ़ाई टेंशन, हर घंटे 2 सेमी बढ़ रहा जलस्तर; डेंजर लेवल के ऊपर

बक्सर में खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा, नावों के परिचालन पर रोक, दहशत में निचले इलाकों के लोग