बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़: बिना परमिट चल रही उत्तराखंड नंबर की स्कूल वैन पर बड़ी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए वैन का 45 हजार रुपये का चालान काटा.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 9, 2026 at 8:25 PM IST
|Updated : February 9, 2026 at 9:07 PM IST
सिरमौर: हिमाचल प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. जिला सिरमौर के पांवटा साहिब क्षेत्र में जांच के दौरान एक ऐसी स्कूल वैन पकड़ी गई, जो बिना परमिट, टैक्स और जरूरी दस्तावेजों के बच्चों को लाने-ले जाने का काम कर रही थी. यह कार्रवाई न केवल नियमों के उल्लंघन को उजागर करती है, बल्कि यह भी बताती है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा है.
बिना परमिट और टैक्स के चल रही थी टैक्सी
परिवहन विभाग की टीम ने मतरालियों के समीप पट्टी नाथ सिंह क्षेत्र में नियमित चेकिंग के दौरान उत्तराखंड में पंजीकृत एक स्कूल वैन को रोका. वैन पांवटा साहिब क्षेत्र के एक निजी स्कूल के बच्चों को लाने-ले जाने का कार्य कर रही थी. दस्तावेजों की जांच करने पर वैन संदिग्ध पाई गई. जांच में सामने आया कि स्कूल वैन बिना अंतरराज्यीय परमिट और टैक्स के अवैध रूप से हिमाचल प्रदेश में संचालित की जा रही थी. इसके अलावा वैन के पास आवश्यक कागजात भी पूरे नहीं थे. नियमों के अनुसार, दूसरे राज्य में पंजीकृत किसी भी स्कूल वाहन को बिना वैध अनुमति बच्चों को लाने-ले जाने की इजाजत नहीं होती.
45 हजार रुपये का चालान कटा
नियमों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए परिवहन विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए वैन का 45 हजार रुपये का चालान काटा. साथ ही वैन का स्टेट परमिट और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी जब्त कर लिया गया है. फिलहाल चालान की राशि जमा नहीं करवाई गई है. परिवहन विभाग ने इस पूरे मामले को बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय बताया है. विभाग का कहना है कि बिना मानकों और अनुमति के चल रही स्कूल वैन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
बच्चों की सुरक्षा पहले
आरटीओ सिरमौर सोना चंदेल ने कहा कि बिना परमिट, टैक्स और जरूरी दस्तावेजों के स्कूल वैन का संचालन कानून का गंभीर उल्लंघन है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसे मामलों पर परिवहन विभाग लगातार नजर रखे हुए है. भविष्य में भी बिना फिटनेस, टैक्स और वैध अनुमति वाले स्कूल वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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