ETV Bharat / state

पन्ना टाइगर रिजर्व में रोमंचित हो उठे पर्यटक, एक साथ मस्ती करके दिखे 4 बाघ

पन्ना टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान पर्यटकों को दिखा अद्भुत नजारा, मडला गेट क्षेत्र में एक साथ नजर आए 4 बाघ.

PANNA TIGER RESERVE
पन्ना टाइगर रिजर्व में एक साथ दिखे चार टाइगर (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : November 26, 2025 at 1:17 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को एक खास नजारा देखने को मिला. सफारी के दौरान चार टाइगर का दीदार हुआ है जिससे पर्यटक चकित रह गए. पर्यटकों ने बाघ की फोटो लेने के साथ उसका वीडियो भी कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है. यह नजारा पन्ना टाइगर रिजर्व के मडला गेट क्षेत्र के पिपल टोला घास मैदान का है.

एक साथ 4 बाघों को देख झूम उठे पर्यटक

टाइगर रिजर्व के गाइड पुनीत कुमार बताते हैं कि "बीते रविवार (23 नवंबर) को सुबह की सफारी में पर्यटकों को लिए पीपल टोला घास मैदान के पास एक साथ 4 टाइगर का विचरण यादगार अनुभव बन गया. इसमें बाघिन पी 141 और उसके 3 शावक एक साथ चहलकदमी करते हुए देखे गए हैं. यह टाइगर जंगल के रास्ते में बैठे हुए थे जिसे पर्यटक देखकर रोमांचित हो उठे, पर्यटक टाइगर के सामने जिप्सी खड़ी कर बाघ की फोटो और वीडियो कैमरे में कैद कर लिया. जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब शेयर किया जा रहा है."

पन्ना टाइगर रिजर्व में दिखा अद्भुत नजारा (ETV Bharat)

मडला गेट पर बड़ी संख्या में पहुंच रहे पर्यटक

पन्ना टाइगर रिजर्व के मडला गेट पर सुबह से ही सैलानियों की भीड़ लगी रहती है. यहां कई दिनों की बुकिंग भी फुल बताई जा रही है. मडला गेट पर सबसे अधिक टाइगर विचरण करते हैं. जिसके चलते पर्यटक मडला कोर एरिया की सफारी करना अधिक पसंद करते हैं. इसके अलावा हिनौता गेट पर भी टाइगर की सफारी होती है, लेकिन उससे ज्यादा पर्यटक टाइगर रिजर्व के मडला गेट पर सफारी करना पसंद करते हैं. क्योंकि यहां से करीब 25 किलोमीटर दूर खजुराहो हवाई अड्डा है और उतनी ही दूरी पर खजुराहो रेलवे स्टेशन मौजूद है. जहां से देश दुनिया के पर्यटकों की कनेक्टिविटी अच्छी है.

पन्ना टाइगर रिजर्व में वर्तमान में करीब 120 बाघ हो गए हैं, जो टाइगर रिजर्व के 542 वर्ग किलोमीटर की एरिया में विचरण करते हैं. वर्ष 2009 में पन्ना टाइगर रिजर्व बाघ विहीन हो गया था, लेकिन साल 2010 में बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम शुरू किया गया था. उस वक्त से लेकर अब तक करीब 120 तक टाइगरों की संख्या पहुंच चुकी है. इसी कारण देश-दुनिया के पर्यटक यहां टाइगर सफारी के लिए पहुंचते हैं. यहां प्रत्येक सफारी में पर्यटकों को टाइगर दिख ही जाते हैं.