पन्ना में एशियन वाटरबर्ड्स की काउंटिंग, 29 जलाशयों में 45 प्रजातियों के मिले 5400 जलीय पक्षी
दक्षिण पन्ना वनमंडल में एशियन वाटरबर्ड्स सेंसस का आयोजन, 6 दल में शामिल 25 लोगों ने 2 दिन में की 5400 जलीय पक्षियों की गणना.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 4, 2026 at 10:44 PM IST
पन्ना: दक्षिण पन्ना वन मंडल में पहली बार एशियन वाटरबर्ड्स सेंसस (AWC) 2026 का आयोजन किया गया. पहली बार आर्द्रभूमियों एवं जलीय पक्षियों की गणना की गई. यह गणना 3 और 4 जनवरी को की गई. 29 जलाशयों में लगभग 5400 जल पक्षियों की गणना की गई. इस दौरान 45 से अधिक प्रजातियां के जलीय पक्षी मिले.
एशियन वाटरबर्ड्स सेंसस एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत झीलों, तालाबों, नदियों एवं अन्य आर्द्रभूमियों में पाए जाने वाले जलीय पक्षियों की गणना की जाती है. जिससे संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक आधार उपलब्ध हो सके.
5400 जलीय पक्षियों की गणना दर्ज
दक्षिण पन्ना वन मंडल के अंतर्गत 29 प्रमुख जलाशयों और जल निकायों का सर्वेक्षण किया गया. सर्वेक्षण के दौरान लगभग 45 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के जल पक्षियों की पहचान की गई. इस दौरान कुल मिलाकर लगभग 5400 पक्षियों की गणना दर्ज की गई. इस गणना में दक्षिण वन मंडल अंतर्गत 6 सर्वेक्षण दल बनाए गए. जिसमें 25 वनकर्मी और वन समिति के अध्यक्ष एवं सचिव शामिल रहे.

45 से अधिक प्रजातियां चिन्हित
एशियन वाटरबर्ड्स सेंसस 2026 दक्षिण वन मंडल अंतर्गत जलीय पक्षियों की 45 से अधिक प्रजातियां चिन्हित की गई. जिसमें जल पक्षी वर्ग में लेसर व्हिसलिंग डक, रुडी शेलडक, नॉब-बिल्ड डक एवं कॉटन पिग्मी गूज प्रमुख रहे. ये खुले जलाशयों और शांत जल क्षेत्रों की गुणवत्ता को दर्शाते हैं. ग्रीब्स वर्ग में लिटल ग्रीब की उपस्थिति देखी गई, जो अपेक्षाकृत साफ और स्थिर जल में पाए जाते हैं. इसी प्रकार कॉर्मोरेंट समूह में लिटल कॉर्मोरेंट, इंडियन कॉर्मोरेंट एवं ग्रेट कॉर्मोरेंट की अच्छी संख्या दर्ज की गई, जो जलाशयों में मछलियों की उपलब्धता का संकेत देती हैं.

उथले जल एवं किनारी क्षेत्रों में चलकर भोजन करने वाले पक्षियों में इंडियन पोंड हेरॉन, ग्रेट व्हाइट एग्रेट, ईस्टर्न कैटल एग्रेट, पेंटेड स्टॉर्क, ब्लैक स्टॉर्क, एशियन ओपनबिल, रेड-नैप्ड आइबिस एवं लेसर एडजुटेंट जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियां देखी गईं. इनमें से ब्लैक स्टॉर्क और लेसर एडजुटेंट जैसे पक्षियों की उपस्थिति क्षेत्र की आर्द्रभूमियों के संरक्षण महत्व को रेखांकित करती है. वहीं क्रेन्स एवं उनके सहचर पक्षी समूह में यूरेशियन मूरहैन एवं व्हाइट-ब्रेस्टेड वॉटरहैन दर्ज किए गए. वेडर्स (किनारी जलपक्षी) वर्ग में ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट, रेड-वॉटल्ड लैपविंग, लिटल रिंग्ड प्लोवर एवं कॉमन सैंडपाइपर प्रमुख रूप से पाए गए.

- पन्ना में दिखी दुर्लभ संकटग्रस्त वूली नेक्ड स्टॉर्क, पक्षी प्रेमी ने बताया प्रकृति का विरासत
- ठंड होते ही शहडोल चले आए सारस, लाइफ में एक ही बार इश्क करता है क्रेन पक्षी
'6 दल ने दो दिन की गणना'
दक्षिण वन मंडल के डीएफओ अनुपम शर्मा ने बताया कि "3 और 4 जनवरी 2026 को वन विभाग स्टेट कोऑर्डिनेटर के निर्देशन में दक्षिण मंडल क्षेत्र अंतर्गत जलीय एवं आर्द्रभूमियों पक्षियों की गणना की गई. जिसमें अच्छा प्रयास किया गया जिसके तहत 6 दल गठित किए गए. जिसमें 25 लोग सम्मिलित थे. जिन्होंने दोनों दिन पक्षियों की गणना की. जिसमें 29 जलाशय में 45 से अधिक पक्षियों की प्रजाति चिन्हित की गई और 5400 पक्षियों की गणना की गई."

