पन्ना में पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन, तुलसीदास सहित स्कंद पुराण की हस्तलिखित पांडुलिपियां शामिल
पन्ना के सैकड़ों वर्ष पुराने श्री राम जानकी मंदिर में रखा है पांडुलिपियों का खजाना, इन्हें स्कैन कर ज्ञान भारतम मोबाइल एप पर किया अपलोड.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 29, 2026 at 10:49 PM IST
पन्ना: भारत सरकार के ज्ञान भारतम कार्यक्रम के अंतर्गत पन्ना में भी प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है. इसके लिए पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार के बनाई गई समिति के सदस्य आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पांडे और धर्मार्थ शाखा प्रभारी मनोज पाण्डेय द्वारा विशेष प्रयास कर जिलेभर में मौजूद पांडुलिपियों को स्कैन किया जा रहा है.
देखरेक के अभाव में खराब हो रहे पांडुलिपियों के पन्ना
पन्ना में स्थित श्री रामजानकी मंदिर में बंद पड़ी अलमारियों को खंगाला गया, तो वहां कुछ प्राचीन ग्रन्थ मिले. जिनकी देख-रेख न होने के कारण उनके पन्ने खराब हो रहे थे. नमी के कारण उनके पन्ने आपस में चिपक गए थे. बहुत ही मुश्किल और सावधानी से उन्हें अलमारियों से निकालकर मंदिर कार्यालय में लाया गया.
कई हस्तलिखित पांडुलिपियां मिली
इनमें से अधिकतर ग्रंथ संस्कृत में लिखी प्राचीन पांडुलिपि है. जिसमें महाभारत के अलग अलग भाग लिखे हुए हैं. लेकिन अधिकतर पन्ने खराब हो चुके हैं. बताया गया कि पांडव गीता की हस्तलिखित पांडुलिपि भी यहां मौजूद है. इसके अलावा तुलसीदास द्वारा रचित एक रचना की भी हस्तलिखित पांडुलिपि यहां मिली है, लेकिन आरंभिक पृष्ठ न मिलने से उसकी पूरी जानकारी नहीं है. वहीं, स्कंद पुराण की भी हस्तलिखित पांडुलिपि प्राप्त हुई है.

पांडुलिपियों को स्कैन कर एप पर किया गया अपलोड
श्री राम जानकी मंदिर के (मुसद्दी) प्रबंधक कुंजबिहारी शर्मा द्वारा बताया गया कि "यह सभी बहुमूल्य ग्रंथ पन्ना महारानी द्वारा मंदिर के पुस्तकालय हेतु दिए गए थे. परंतु समुचित व्यवस्था न हो पाने का कारण इनका रख-रखाव सही से नहीं हो पाया है. लेकिन अब इन हस्तलिखित पांडुलिपियों को सुरक्षित रख कर संरक्षित किया जाएगा. जिला समिति द्वारा इन ग्रंथों को स्कैन कर ज्ञान भारतम मोबाइल एप पर अपलोड किया गया."
श्री राम जानकी मंदिर में रखी गई हैं कई पांडुलिपियां
कलेक्टर द्वारा बनाई गई समिति के सदस्य मुकेश पांडे ने ईटीवी से खास बातचीत में बताया कि "भारत सरकार के द्वारा ज्ञान भारतम अभियान चलाया जा रहा है. जिसके तहत पन्ना जिले में मौजूद पांडुलिपियों को निकाल कर स्कैन कर उन्हें एप पर अपलोड किया जा रहा है. श्री राम जानकी मंदिर में कुछ पांडुलिपियां रखी गई थी, इन्हें स्कैन कर डिजिटाइजेशन के तहत एप पर अपलोड किया गया."

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क्या होता है पांडुलिपि?
मुकेश पांडे कहते हैं कि "अक्सर लोग पांडुलिपि क्या है, इसको लेकर भ्रमित रहते हैं और पत्थरों पर लिखी गई चीजों को भी पांडुलिपि समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. पांडुलिपि संस्कृत का शब्द है. पांडु का अर्थ है पीला, यानी की ऐसा कागज, बेलपत्र या पत्र जिसपर रचना लिखी गई हो, उसे पांडुलिपि कहते है. इसको सुरक्षित किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस इतिहास को जान सके."

