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भगवान बलराम के जन्मदिन में राजसी परंपरा, राजवंश के वंशज ने चावर डुलाकर निभाई रस्म

पन्ना के ऐतिहासिक बलराम मंदिर में धूमधाम से मना भगवान बलराम का जन्म उत्सव. बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त. संजय रैकवार की रिपोर्ट.

PANNA BALARAM TEMPLE
धूमधाम से मना भगवान बलराम का जन्म उत्सव (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : September 2, 2026 at 10:31 PM IST

3 Min Read
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पन्ना: मंदिरों की नगरी पन्ना में हलषष्ठी के दिन बुधवार को श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया. यहां श्री बलदेव भगवान जी का जन्म उत्सव हर साल धूमधाम के साथ राजसी परंपरा को निभाते हुए प्रशासन की निगरानी में मनाया जाता है. यहां पर यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है. बलरामजी का जन्मदिन मनाने बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे.

धूमधाम से मनाया गया बलराम भगवान का जन्मदिन

पन्ना में बलदेव भगवान के मंदिर की स्थापना लगभग 400 से 500 साल पहले हुई थी. बलदेव जी मंदिर के प्रधान पुजारी मनोज अवस्थी ने बताया, "हर साल जन्माष्टमी से दो दिन पहले यानि हलषष्ठी (हरछठ) के दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम भगवान का जन्मदिन पूरी श्रद्धा के साथ धूमधाम से मनाया जाता है. बुधवार को बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों के बीच बलरामजी का जन्मदिन राजसी परंपरा के अनुसार मनाया गया."

सैकड़ों साल पुरानी परंपरा का निर्वहन (ETV Bharat)

सैकड़ों साल पुरानी परंपरा का निर्वहन

प्रधान पुजारी मनोज अवस्थी ने बताया, "जब मंदिर की स्थापना हुई थी तब तत्कालीन नरेश रुद्र प्रताप सिंह जूदेव भगवान बलरामजी के जन्म उत्सव के समय पहुंचते थे. आज भी वह परंपरा निभाई जा रही है. राजवंश के वंशज महाराजा छत्रसाल द्वितीय बलदेव जी के जन्म उत्सव के समय पहुंचे और जन्मोत्सव के समय भगवान को चावर डुलाकर प्रणाम किया. यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से अनवरत चली आ रही है."

LORD BALARAM BIRTH ANNIVERSARY
भगवान बलराम के जन्मदिन में राजसी परंपरा (ETV Bharat)

चर्च की डिजाइन पर बना है मंदिर

प्रधान पुजारी मनोज अवस्थी ने बताया, "बलरामजी मंदिर की स्थापना पन्ना के तत्कालीन नरेश रुद्र प्रताप सिंह जूदेव ने 1876 में करवाई थी. यह मंदिर लंदन के सेंट पॉल चर्च की प्रतिरूप में बना हुआ है. यह मंदिर अपने आप में ऐतिहासिक और अनोखा है क्योंकि इस मंदिर जैसा मंदिर विश्व में कहीं नहीं है. इस मंदिर की डिजाइन इटली के इंजीनियर मेटले ने डिजाइन की थी. यह मंदिर पन्ना नगर के बीचों-बीच स्थित है."

PANNA ROYAL TRADITION
श्रीकृष्ण की 16 कलाओं पर निर्मित है मंदिर (ETV Bharat)

श्रीकृष्ण की 16 कलाओं पर निर्मित है मंदिर

प्रधान पुजारी मनोज अवस्थी ने बताया, "भगवान श्री कृष्ण की 16 कलाओं पर यह मंदिर निर्मित है. इस मंदिर का डिजाइन अद्भुत एवं अलौकिक है. इस मंदिर में 16 सीढ़ियां बनी हुई हैं. इस मंदिर में पिलर भी 16 बने हुए हैं. इस मंदिर में 16 गुंबद, 16 खिड़कियां के साथ 16 झरोखे बने हैं. इसलिए यह मंदिर श्रीकृष्ण की 16 कलाओं पर बना हुआ है. यह मंदिर मुख्य सड़क से करीब 200 मीटर दूर है और भगवान करीब 30 फीट ऊंचाई पर विराजमान है, फिर भी मुख्य सड़क से भगवान के दर्शन बिल्कुल स्पष्ट एवं अलौकिक होते हैं. "