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पन्ना में मिला अनोखी प्रजाति का औषधीय केवकंद, शुगर कंट्रोल से लेकर कई बीमारियों में फायदा

पन्ना के फॉरेस्ट गार्ड ने खोजा कई बीमारियों का पुराने जमाने वाला नुस्खा. पीएम मोदी भी मन की बात में कर चुके हैं जिक्र.

PANNA MEDICINAL PLANT FOUND
अब एक जंगली पौधे से होगा कई बीमारियों का इलाज (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 23, 2026 at 9:00 PM IST

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Updated : August 23, 2026 at 9:34 PM IST

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पन्ना: जंगल जैव विविधता से संपन्न है, ये बात एक बार फिर साबित हुई है. पन्ना के दक्षिण वन मंडल क्षेत्र में एक औषधीय पौधा मिला है. जिसे केवकंद के नाम से जाना जाता है. इसको देसी भाषा में जंगली अदरक भी कहा जाता है. दावा है कि इस औषधीय पौधे से ब्लड शुगर कंट्रोल से लकर कई बीमारियों का सफाया किया जा सकता है.

फॉरेस्ट गार्ड ने की अनोखे पौधे की खोज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 130वें एपिसोड में 25 जनवरी 2026 को औषधीय पौधे नामक एक किताब का जिक्र किया था, ये किताब पन्ना टाइगर रिजर्व के फॉरेस्ट गार्ड (वनपाल) जगदीश प्रसाद अहिरवार द्वारा लिखी गई है. हाल ही में उन्हें बीट गार्ड से फॉरेस्ट गार्ड के पद पर पदोन्नत किया गया है. इसमें जंगली पेड़-पौधों के औषधीय गुण बताए गए हैं. जगदीश प्रसाद ने अपनी किताब औषधीय पौधे में केवकंद के बारे में बताया है कि यह पौधा संकट प्राय प्रजाति में आता है और यह बहुत ही दुर्लभ एवं औषधीय है.

PANNA MEDICINAL PLANT FOUND
फॉरेस्ट गार्ड ने खोजा दादी-नानी के जमाने का नुस्खा (ETV Bharat)

विभिन्न बीमारियों में उपयोगी

औषधीय वनस्पतियों के जानकार और किताब के लेखक जगदीश प्रसाद अहिरवार ने बताया, "पन्ना का दक्षिण जंगल विविध वनौषधियों से समृद्ध है. केवकंद का वर्तमान वैज्ञानिक नाम हेलेनिया स्पेशियोसा है. अंग्रेजी में इसको क्रेप जिंजर नाम से भी जाना जाता है. इसका प्रयोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों में किया जाता है."

रिसर्च के दौरान हुई पहचान

जगदीश प्रसाद अहिरवार ने आगे बताया, "मैंने जंगल में मौजूद औषधीय पौधों पर एक पुस्तक लिखी है. जिसमें कई दुर्लभ औषधीय पौधों के बारे में जानकारी है. किताब की रिसर्च के दौरान केवकंद के पौधे की पहचान हुई. स्थानीय भाषा में केवकंद को जंगली अदरक भी कहा जाता है. यह पौधा आयुर्वेदिक है. इसकी जड़, तना और पत्ती का विभिन्न प्रकार की बीमारियों में उपयोग होता है."

जगदीश प्रसाद अहिरवार ने बताया, "केवकंद को पीसकर घाव, चोट, सूजन और गठियाबाद वाली जगह पर लगाया जाता है. इसके पत्ते ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं. ये पौधा पन्ना के मोहंद्रा रेंज में पाया गया है. इसका मिलना जैव विविधता से संपन्न जंगल का एक उदाहरण है. क्योंकि पन्ना की जंगल जैव विविधता से संपन्न है. यहां हजारों प्रकार की औषधीय पौधे उपलब्ध हैं."

Last Updated : August 23, 2026 at 9:34 PM IST