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ज्योतिर्मठ में सड़क पर उमड़ा पैनखंडा समुदाय का सैलाब, केंद्रीय आरक्षण की मांग

चमोली जिले में 58 गांवों में रहते हैं पैनखंडा समुदाय के लोग, केंद्रीय शिक्षण संस्थानों और नौकरियों में ओबीसी आरक्षण की मांग कर रहे हैं

PANKHANDA COMMUNITY PROTEST
ज्योतिर्मठ में जुलूस प्रदर्शन करते पैनखंडा समुदाया के लोग (Photo- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 28, 2026 at 11:02 AM IST

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चमोली: ​जिले के सीमांत क्षेत्र ज्योतिर्मठ में पैनखंडा समुदाय के लोगों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांग को लेकर एक बार फिर स्वर मुखर कर दिए हैं. समुदाय के सदस्यों ने मांग की है कि उन्हें तत्काल केंद्रीय आरक्षण सूची में शामिल किया जाए. अपनी मांग के समर्थन में पैनखंडा समुदाय के लोगों ने ज्योतिर्मठ में विशाल जुलूस निकाला.

केंद्रीय आरक्षण की मांग को लेकर पैनखंडा समुदाय की हुंकार: ​गौरतलब है कि लंबे संघर्ष के बाद, वर्ष 2017 में राज्य सरकार ने इस समुदाय को राज्य की आरक्षण सूची में स्थान दिया था. लेकिन केंद्रीय सेवाओं और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का लाभ न मिल पाने के कारण, पैनखंडा समुदाय के युवाओं में भारी रोष है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य सूची में होने के बावजूद, केंद्रीय सूची में नाम न होने से उनके प्रतिभावान युवाओं को अखिल भारतीय स्तर की नौकरियों और अवसरों से वंचित रहना पड़ रहा है.

ज्योतिर्मठ की सड़क पर प्रदर्शन करते पैनखंडा समुदाय के लोग (Video- ETV Bharat)

केंद्रीय आरक्षण को बताया हक की मांग: ​समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे वर्षों से अपनी भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के आधार पर इस हक की लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने जल्द ही उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करने के लिए बाध्य होंगे. इस प्रदर्शन के माध्यम से समुदाय ने एक बार फिर सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश की है, ताकि सीमांत क्षेत्र के इस वर्ग को मुख्यधारा में समान अवसर मिल सकें.

कौन है पैनखंडा समुदाय? उत्तराखंड में अनेक वर्गों के लोग निवास करते हैं. राज्य के सीमांत जिले चमोली के ज्योतिर्मठ ब्लॉक में पैनखंडा समुदाय के लोग रहते हैं. पैनखंडा उत्तराखंड का पिछड़ा वर्ग समुदाय है. चमोली जिले में इस समुदाय के लोग करीब 58 गांवों में रहते हैं. पैनखंडा समुदाय को उत्तराखंड में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी का 14% आरक्षण मिलता है. इन लोगों की मांग है कि उन्हें केंद्रीय शिक्षण संस्थानों और नौकरियों में भी ये आरक्षण मिले. इसी मांग को लेकर उन्होंने ज्योतिर्मठ में आंदोलन किया.
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