कुरुक्षेत्र पशु मेले में अनु की मुर्रा भैंसों ने मचाई धूम, किया पहला और दूसरा स्थान हासिल, लगी महंगी बोली
पानीपत के अनु की मुर्रा भैंसों ने कुरुक्षेत्र मेले में पहली और दूसरी पोजिशन हासिल की.

Published : January 12, 2026 at 5:18 PM IST
कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र के मेला ग्राउंड में तीन दिवसीय पशु मेले का आयोजन किया गया, जिसमें तीसरे दिन दुधारू पशुओं का कंपटीशन हुआ. मुर्रा नस्ल में पानीपत के चुक्लाना गांव के अनु की दो भैंसों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली और दूसरी पोजिशन हासिल की. दोनों भैंस प्योर मुर्रा नस्ल की हैं. इस नस्ल की खास देखभाल की जाती है. अनु का कहना है कि इन पुरस्कारों से उनका हौसला और बढ़ा है और वे भविष्य में और बेहतर पशु तैयार करेंगे.
भारत की नंबर वन भैंस: अनु ने बताया कि, "यह भारत के सबसे बड़े पशु मेलों में से एक है. यहां हम अपनी कई भैंसों के साथ भाग लिए. मेरी एक भैंस ने 15 लीटर 190 ग्राम दूध देकर भारत में नंबर वन भैंस का रिकॉर्ड बनाया. फर्स्ट आने वाली भैंस ने 15.190 लीटर दूध दिया, जबकि सेकंड आने वाली भैंस केवल 190 ग्राम कम दूध देने के कारण दूसरी पोजिशन पर रही."

भैंस की कीमत और उम्र: अनु ने आगे बताया कि, "मेरी ढाई साल की भैंस की कीमत 5,70,000 रुपये लगी थी और मेले में ही इसे बेच दिया गया. इस भैंस के नीचे 5 महीने का बच्चा भी है. मेरे फार्म में कुल 8-9 भैंसें हैं, जो सभी अच्छी मुर्रा नस्ल की हैं.अच्छी देखभाल और खानपान से ही प्रतियोगिताओं में जीत संभव होती है."
पहले भी जीत चुकी भैंस: अनु ने बताया कि, " हम खास तौर पर मुर्रा नस्ल पर काम कर रहे हैं. हमारी कई भैंस पहले भी मेलों में चैंपियन रह चुकी हैं. फर्स्ट आने वाली भैंस पहली बार मेले में लाई गई थी और पहली ही कोशिश में पुरस्कार जीत लिया. मेरी एक भैंस ने पहले बुलेट जीता था और अन्य भैंसें भी चैंपियन रही हैं. हम मिक्सर और उच्च दर्जे के खानपान का इस्तेमाल करते हैं, जिससे मुर्रा नस्ल के पशु उच्च प्रदर्शन कर पाते हैं." अनु का मानना है कि सही देखभाल, पोषण और नस्ल की जानकारी से युवा भैंसें भी चैंपियन बन सकती हैं.

