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पलामू के सिक्का गांव में कौन सी बीमारी से हुई है पांच लोगों की मौत! नहीं लिखा गया है पोस्टमार्टम रिपोर्ट, दहशत में ग्रामीण

पलामू के सिक्का गांव में रहस्यमय बीमारी से पांच लोगों की मौत हो गई है. घटना के बाद ग्रामीण दहशत में हैं.

Mysterious illness in Palamu
पलामू का सिक्का गांव. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : July 1, 2026 at 6:55 PM IST

6 Min Read
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पलामूः जिले के पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में रहस्यमय बीमारी से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हुई है. घटना के 12 दिनों के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर कौन से बीमारी से पांच लोगों की मौत हुई है. सिक्का गांव के रहने वाले कुलदीप महतो की सबसे पहले 19 जून को मौत हुई थी, फिर 20 जून को उनकी बेटी बबीता कुमारी की मौत हुई थी, 26 जून को दूसरी बेटी इंदु कुमारी की मौत हुई थी. तीनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में किया गया था.

जबकि कुलदीप मेहता की बहू स्वेता का 28 जून और बेटा नकुल मेहता की रांची रिम्स में इलाज के क्रम में मौत हुई थी. वहीं कुलदीप मेहता की पत्नी लाखो देवी और बेटा सुनील मेहता फिलहाल रिम्स में भर्ती हैं. सभी मृतकों का शरीर सूज गया था और बाद में उनकी मौत हो गई थी.

संवाददाता नीरज कुमार की रिपोर्ट और ग्रामीणों का बयान. (वीडियो-ईटीवी भारत)

नहीं लिखा गया है पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट!

पिछले 12 दिनों में पांच मौत हो गई, लेकिन स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर उन सभी को कौन सी बीमारी थी. मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में तीन मृतकों के शव का पोस्टमार्टम हुआ है, जबकि दो मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम रिम्स में हुआ है. मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम किया गया था. कुलदीप मेहता और बबीता के शव का पोस्टमार्टम 20 जून को किया गया था. एक जुलाई को शाम चार बजे तक दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट अधूरा था.

पोस्टमार्टम करने वाले तीन डॉक्टरों की टीम में से एक ने हस्ताक्षर नहीं किया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं रहने के विसरा को एफएसएल जांच के लिए नहीं भेजा जा सका है. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फूड सेफ्टी के माध्यम से मृतकों के घर में रखे खाने का भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है. पलामू पुलिस की टीम ने रिम्स में भर्ती लाखो देवी का यूरिन और ब्लड सैंपल लिया है, ताकि एफएसएल जांच के लिए भेजा जा सके.

Mysterious illness in Palamu
पलामू के सिक्का गांव में पसरा सन्नाटा. (फोटो-ईटीवी भारत)

पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिला है. रिपोर्ट लगातार मांगी जा रही है. रिपोर्ट मिलने के बाद विसरा जांच के लिए भेजा जाएगा. रिम्स में इलाज के लिए भर्ती महिला का यूरिन और ब्लड सैंपल लिया गया है, जिसे एफएसएल भेजा जाना है.”- चिंटू कुमार, प्रभारी थाना प्रभारी, पड़वा

ड्रॉप्सी नामक बीमारी की आशंका है. सभी मृतकों के शरीर अकड़े हुए थे. ड्रॉप्सी की बीमारी में ही यह लक्षण होता है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर एचओडी से जानकारी मांगी गई है.” - डॉ. आरके रंजन, सीनियर डॉक्टर, एमएमसीएच

मामले की जानकारी मिली है. पूरे मामले में डीसी और सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी जा रही है. मामले में कार्रवाई की जाएगी.” - विनोद पांडेय, महासचिव झारखंड मुक्ति मोर्चा

Mysterious illness in Palamu
पलामू के सिक्का गांव में पसरा सन्नाटा. (फोटो-ईटीवी भारत)

खौफ में ग्रामीण, शाम होते ही घरों में दुबक जाते हैं लोग

सिक्का गांव पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर से करीब 15 से 17 किलोमीटर दूर है. गांव में रहस्यमय बीमारी से पांच मौतों के बाद ग्रामीण खौफ में हैं. शाम होते ही ग्रामीण अपने घरों में दुबक जाते हैं. ग्रामीण खौफ में हैं कि कहीं उन्हें भी यह रहस्यमय बीमारी न हो जाए. जिस जगह पर आम दिनों में गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहते थे, उस जगह पर ग्रामीण अब नहीं बैठ रहे हैं. 1500 की आबादी वाले इस गांव में अधिकतर लोग खेती और किसानी पर निर्भर हैं.

सिक्का गांव के रहने वाले वीरेंद्र मेहता ने बताया कि बीमारी से सभी लोग खौफ में हैं. अभी तक किसी भी प्रकार की सहायता प्रशासन के तरफ से नहीं पहुंची है. वहीं सिक्का गांव निवासी सूरजकली देवी ने बताया कि गांव में पांच लोगों की मौत के बाद डर लग रहा है. मरने वाले सभी 15 दिनों से अधिक बीमार थे. शाम होते ही लोग अपने घरों में घुस जाते हैं और पहले जैसे गांव में अब भीड़ जमा नहीं हो रही है.

गांव में किसी अन्य व्यक्ति में रहस्यमय बीमारी के लक्षण नहीं

20 जून को कुलदीप मेहता और उनकी बेटी बबीता कुमारी की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की एक टीम सिक्का गांव पहुंची थी. कुलदीप मेहता के पड़ोसी एवं अन्य लोगों का ब्लड सैंपल भी लिया गया था. किसी भी व्यक्ति में किसी भी प्रकार की बीमारी के लक्षण नहीं मिले थे. सिक्का गांव पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आता है. पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. श्रवण मेहता ने बताया कि गांव के अन्य किसी भी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण नहीं हैं. मृतक के घर से भोजन समेत कई तरह के सैंपल को लिया गया था. सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी.

Mysterious illness in Palamu
पलामू के सिक्का गांव में पसरा सन्नाटा. (फोटो-ईटीवी भारत)

इलाज की जगह झाड़-फूंक का सहारा ले रहा था परिवार

कुलदीप मेहता और उनकी बेटी के मौत के बाद परिवार इलाज की जगह झाड़-फूंक करवाने चला गया था. चैनपुर के इलाके में पांच दिनों तक परिवार झाड़-फूंक करवाता रहा. बाद में सभी लेस्लीगंज के इलाके में झाड़-फूंक करवाने पहुंचे थे. स्वास्थ्य विभाग ने सभी को रेस्क्यू किया था और इलाज के लिए रिम्स भेजा था. कुलदीप मेहता के परिवार में एकमात्र उनका पुत्र अनुज मेहता स्वस्थ है. घटना के बाद अनुज मेहता बेंगलुरु से लौटे हैं. अनुज मेहता बेंगलुरु में मजदूरी करते हैं.

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