पीएम आवास योजना, जल संरक्षण और ग्रामीण स्वरोजगार पर सरकार का फोकस, कलेक्टर ने दिए ये निर्देश
बलौदा बाजार कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं को तेजी से लागू करने के लिए अफसर जमीन पर उतरकर काम करें.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 8, 2026 at 8:24 AM IST
बलौदा बाजार: शनिवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने ली. बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए. बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना, जल संरक्षण, ग्रामीण स्वरोजगार और स्वच्छता अभियानों में तेजी लाना था. कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को कार्यों की प्रगति पर सतत नजर रखने और समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करने का निर्देश दिया.
प्रधानमंत्री आवास योजना में तेजी लाने के निर्देश
कलेक्टर ने पीएमम आवास योजना के तहत निर्माणाधीन और शुरू नहीं हुए कामों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि योजना के तहत दूसरी किश्त जारी होने के बाद सभी आवासों को अप्रैल तक पूर्ण करना अनिवार्य है. इसके लिए प्रत्येक निर्माण स्थल पर 15-दिन की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए. कलेक्टर ने कहा, विकासखंड समन्वयक और तकनीकी सहायक आपसी समन्वय बढ़ाकर नियमित फील्ड विजिट करें. यदि किसी स्थान पर काम में बाधा आती है तो सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों की मदद लेकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें. जिन आवासों का काम शुरू नहीं हुआ है उनके हितग्राहियों से मिलकर कार्य को पूरा करने का काम करें. इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए. कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक आवास की सुविधा समय पर पहुंचना आवश्यक है.
जल संरक्षण और पानी के स्थायी साधनों पर सरकार का जोर
बैठक में कलेक्टर ने जल संरक्षण के महत्व पर विशेष ध्यान दिया. कलेक्टर ने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत पंचायतों में कम से कम 2 कार्य जल संरक्षण के लिए स्वीकृत किए जाएं. हैंडपम्प और टेप नल के पास सोखता गड्ढा निर्माण अनिवार्य होगा. सभी पीएम आवास और सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग संरचना बनाई जाए ताकि वर्षा के पानी का संचयन सुनिश्चित हो सके. तालाब और डबरी निर्माण के काम जल्द शुरू किए जाएं, और उपयुक्त स्थल का चयन ऐसे तरीके से किया जाए कि पानी का ठहराव सुनिश्चित हो. कलेक्टर ने तालाब और डबरी निर्माण को ग्रामीण जल संरक्षण का महत्वपूर्ण उपाय बताते हुए कहा कि उपयुक्त स्थल का चयन सुनिश्चित करना आवश्यक है. ग्राम सभा की मंजूरी के बिना सामुदायिक तालाब निर्माण नहीं किया जाएगा। यह कदम ग्रामीण समुदाय की सहभागिता और परियोजनाओं की स्थायित्व सुनिश्चित करेगा.सामुदायिक तालाब निर्माण से पहले ग्राम सभा में प्रस्ताव पर चर्चा करने के निर्देश दिए. कलेक्टर ने कहा कि यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि परियोजनाएं पारदर्शी और ग्रामीण समुदाय की जरूरतों के अनुरूप हों.
ग्रामीण स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
कुलदीप शर्मा ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने पर भी जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिए कि महिलाओं को ऋण राशि और आजीविका के साधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकें. मनरेगा में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया. इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण, संसाधन और मार्गदर्शन प्रदान करने का निर्देश दिया गया.
स्वच्छता और ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन पर होगा काम
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में समूह की महिलाओं द्वारा कचरा संग्रहण के कार्य को सक्रिय करने, यूजर चार्ज का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. गांवों में टीमों को फील्ड विजिट कर लोगों को जागरूक करने और कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया को स्थायी बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए. विशेष तौर पर गिरौदपुरी धाम में मेला परिसर में स्थायी डस्ट बिन निर्माण के लिए सीमेंट का कूड़ादान लगाने के आदेश दिए गए, ताकि मेले और धार्मिक आयोजनों में स्वच्छता बनी रहे. बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को कार्यों में आपसी समन्वय बढ़ाने और जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक करने पर जोर दिया.
विकास कार्यों की समीक्षा की
बैठक में आवास निर्माण, जल संरक्षण, ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता जैसे सभी मुद्दों पर चर्चा हुई. कलेक्टर ने कहा कि किसी भी परियोजना में विलंब या गुणवत्ता की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रत्येक अधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे अपने वार्ड या विकासखंड के कार्यों की स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखें और समय-समय पर फील्ड विजिट करें. यदि किसी क्षेत्र में समस्या आती है, तो सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों की मदद से तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाएं.
रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर
कलेक्टर ने ग्रामीण स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा, रोजगार मिशनों के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं. इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा. वी बी जी राम जी परियोजनाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. इसके साथ ही रोजगार सहायकों और ब्लॉक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी योग्य महिलाएं इन योजनाओं का लाभ उठाएं.

