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पलारी महाविद्यालय में विधायक का अनोखा विरोध, अपमान के बदले प्रबंधन को सौंपा गुलाब, मुख्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम से बनाई दूरी

बलौदाबाजार के शासकीय महाविद्यालय पलारी में स्थानीय विधायक का अपमान करने का मामला सामने आया है.इसका विरोध विधायक ने शालीनता से किया.

MLA Sandeep Sahu not invited
विधायक संदीप साहू को नहीं मिला आमंत्रण (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 27, 2026 at 11:58 AM IST

3 Min Read
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बलौदाबाजार : शासकीय दाऊ बृजलाल महाविद्यालय पलारी के वार्षिकोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में स्थानीय विधायक संदीप साहू के अपमान का आरोप लगा है.इस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल को अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था.स्थानीय स्तर के कई राजनीतिक नाम भी सूची में थे, लेकिन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक संदीप साहू का नाम नहीं था.इसी बात को लेकर अब विवाद हो रहा है.


“यह मेरा नहीं, जनता का अपमान”

जैसे ही आमंत्रण पत्र की प्रति विधायक संदीप साहू के संज्ञान में आई, उन्होंने इसे केवल व्यक्तिगत उपेक्षा नहीं बल्कि कसडोल विधानसभा की जनता का अपमान बताया. उस समय वे विधानसभा सत्र में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने तत्काल पलारी रवाना होने का निर्णय लिया.विधायक ने सदन की कार्यवाही छोड़ दी और समर्थकों के साथ बाइक रैली के रूप में कॉलेज पहुंचने का फैसला किया. यह कदम अपने आप में राजनीतिक संदेश था.

बाइक रैली से एंट्री, लेकिन संयम के साथ

विधायक संदीप साहू समर्थकों के साथ बाइक रैली में कॉलेज पहुंचे. परिसर में प्रवेश करते ही उन्होंने सबसे पहले छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की.इसके बाद वे सीधे प्राचार्य कक्ष की ओर बढ़े.दिलचस्प बात ये रही कि भीड़ और नाराजगी के बावजूद माहौल को बिगड़ने नहीं दिया गया. छात्रों के कार्यक्रम में कोई बाधा नहीं डाली गई. न नारेबाजी हुई और न मंच पर चढ़कर विरोध.

पलारी महाविद्यालय में विधायक का अनोखा विरोध (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

हम यहां किसी का अपमान करने नहीं आए हैं. यह शिक्षा का मंदिर है. लेकिन यदि जनता के प्रतिनिधि को जानबूझकर नजरअंदाज किया जाए तो सवाल उठना स्वाभाविक है.यह मेरा नहीं, चार लाख जनता का अपमान है.पिछले वर्ष भी ऐसा ही मामला सामने आया था और तब मैंने पत्र लिखकर प्रोटोकॉल का पालन करने का अनुरोध किया था. इसके बावजूद इस वर्ष भी वही स्थिति दोहराई गई- संदीप साहू,विधायक



मामले में प्राचार्य डॉ. ए.के. उपाध्याय ने कहा कि कार्यक्रम जनभागीदारी समिति के तत्वावधान में आयोजित किया गया था. अतिथियों का चयन और आमंत्रण पत्र समिति करती है.

किसी को अपमानित करने का कोई इरादा नहीं था.जो भी कार्यक्रम हुआ उसे जनभागीदारी समिति ने आयोजित किया था.इसमें अतिथियों के चयन से लेकर उन्हें आमंत्रण भेजने का जिम्मा समिति ही करती है- डॉ एके उपाध्याय, प्राचार्य

कार्यक्रम में नहीं पहुंचे मुख्य अतिथि और अध्यक्ष

हालांकि राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि जनभागीदारी समिति के सचिव स्वयं प्राचार्य ही होते हैं, ऐसे में जिम्मेदारी से बचना आसान नहीं होगा.इस पूरे घटनाक्रम का असर कार्यक्रम पर भी पड़ा. मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित गौरीशंकर अग्रवाल कार्यक्रम में शामिल होने नहीं पहुंचे. सूत्रों का कहना है कि विधायक ने मंत्री से फोन पर बातचीत कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद उनका दौरा निरस्त हो गया.

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