धान खरीदी केंद्रों में लाखों क्विंटल धान जाम, कई किसानों का नहीं कटा टोकन, पूर्व गृहमंत्री का आरोप
पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने खरीदी केंद्रों का दौरा कर सरकार से खरीदी सीमा और लिमिट बढ़ाने की मांग की है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 6, 2026 at 12:17 PM IST
दुर्ग: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जारी है. दुर्ग जिले के भी भी सहकारी केंद्रों में धान खरीदी का काम चल रहा है. 31 जनवरी धान खरीदी की आखिरी डेट है. जिले में धान खरीदी का जायजा लेने सोमवार को पूर्व गृह व कृषि मंत्री ताम्रध्वज साहू ग्राम नगपुरा और गनियारी धान खरीदी केंद्र पहुंचे.
"खरीदी केंद्रों में धान भरा पड़ा, नहीं हो रहा उठाव"
खरीदी केंद्रों का दौरा करने के बाद ताम्रध्वज साहू ने कहा कि केंद्रों में किसानों को परेशान होना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा टोकन और धान उठाव की परेशानी देखने को मिली है. पूर्व मंत्री ने कहा कि नगपुरा सोसायटी में चारों तरफ लगभग 30 हजार क्विंटल धान पड़ा हुआ है. सोसायटी प्रबंधक ने बताया कि 19 हजार क्विंटल धान का उठाव हो चुका है, धान खरीदने के लिए जगह नहीं बचा है. गनियारी में भी ऐसा ही नजारा है.
धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग
पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि 31 जनवरी तक ऑनलाइन ऑफलाइन टोकन कट चुका है. उसके बाद ही हर केंद्र में लगभग हर सोसायटी में 200 किसानों का धान बिकने से बचा है. धान खरीदी की सीमा बढ़ाने के साथ लिमिट भी बढ़ाना होगा. परिवहन में विशेष ध्यान सरकार को देना होगा.
नियम में संशोधन करना चाहिए, किसी को परेशानी ना हो ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए-ताम्रध्वज साहू, पूर्व गृहमंत्री
किसानों ने बताई परेशानी
वहीं किसानों ने बताया कि धान बेचने में उन्हें सबसे बड़ी परेशानी टोकन की झेलनी पड़ रही है. अंजोरा के किसान टेकराम देशमुख ने बताया कि शुरू में ऑनलाइन टोकन नहीं कट रहा था, ऑफलाइन की व्यवस्था भी नहीं थी. उन्होंने नवंबर के महीने में ही धान की कटाई कर दी, लेकिन जब धान बेचने गए तो जनवरी का टोकन मिला. नवंबर का काटा हुआ धान जनवरी में बेचे रहे हैं.

इतने दिन तक धान धूप में पड़ा रहा उसमें सूखत आएगी ही. इससे मेरा नुकसान हो रहा है - टेकराम देशमुख, किसान अंजोरा
किसानों का धान बिक नहीं रहा है. पटवारी का कहना है कि गिरदावरी हो चुकी है लेकिन किसान को इसका लाभ नहीं मिल रहा है - बंशीलाल देशमुख, किसान नगपुरा
कई किसानों का नहीं कटा टोकन
वहीं समिति प्रभारी योगेश देशमुख ने भी बताया कि 31 जनवरी तक किसानों को धान बेचने के लिए टोकन देने का काम पूरा हो गया है. लेकिन इसके बाद भी कई किसान बचे हुए हैं. धान बेचने की लिमिट बढ़ती है तो छोटे और बड़े किसान और धान बेच सकेंगे. समिति प्रभारी ने कहा कि यदि धान खरीदी की सीमा नहीं बढ़ेगी तो कई किसानों को धान बेचने में समस्या आएगी.

