एमसीबी में धान घोटाला ! कठौतिया उपार्जन केंद्र में स्टॉक में भारी कमी, राइस मिल संचालक ने की शिकायत
एमसीबी धान घोटाला पर मिल के संचालक ने जिला कलेक्टर, खाद्य अधिकारी और जिला विपणन अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी हैं.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 23, 2026 at 7:44 AM IST
|Updated : February 23, 2026 at 7:53 AM IST
मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: जिले के कठौतिया धान उपार्जन केंद्र में धान के स्टॉक में भारी कमी और अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है. रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र से अब भी 360 क्विंटल धान का उठाव शेष है, लेकिन मौके पर निरीक्षण के दौरान केवल 150 बोरी धान ही उपलब्ध पाया गया. उपलब्ध धान की गुणवत्ता और भंडारण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली, जिससे रख-रखाव में लापरवाही की आशंका और गहरा गई है.
राइस मिल संचालक ने की शिकायत
मामले ने तब तूल पकड़ा जब गोयल राइस मिल के संचालक संतोष गोयल ने इस विसंगति को लेकर जिला कलेक्टर, खाद्य अधिकारी और जिला विपणन अधिकारी को लिखित शिकायत दी. शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है.
100 से 150 बोरी माल पड़ा हुआ था, वो भी कटे फेट बोरियों में था. कुछ मजदूरों से पूछा तो उन्होंने बताया कि माल तैयार कर रहे हैं. समिति के कुछ लोगों ने बताया कि उनके पास सिर्फ उतना ही धान है-संतोष गोयल, शिकायतकर्ता एवं संचालक, राइस मिल
टालमटोल जवाब से बढ़ा संदेह
समिति प्रबंधक बलराम सिंह से जब इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय टालमटोल भरा उत्तर दिया. इससे संदेह और गहरा गया है कि कहीं न कहीं गंभीर चूक हुई है.
जो बोरिया कटी फटी है उसे भरवा रहे हैं. वर्तमान में 900 बोरी है. गोदाम में धान रखा हुआ है. पहले उठाव के दौरान कई बोरिया कटी फटी थी, उसे ठीक करवा रहे हैं -बलराम सिंह, समिति प्रबंधक, चैनपुर
अध्यक्ष ने कहा होगी जांच
मामले की जानकारी मिलते ही चैनपुर समिति के अध्यक्ष उजितनारायन सिंह भी उपार्जन केंद्र पहुंचे और मौके का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि जहां भी चूक हुई है, उसकी जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी.

जानकारी लेने आया हूं कि धान शॉर्टेज कहां से आया है. फटे बोरियों को सिलाई कर रहे हैं. चूक तो हुई है धान का लेखा जोखा की जांच की जा रही है- उजितनारायन सिंह, समिति अध्यक्ष, चैनपुर
छत्तीसगढ़ में धान घोटाले पर कार्रवाई
हाल ही में छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों जैसे कवर्धा, जशपुर और सरगुजा में भी भौतिक सत्यापन के दौरान करोड़ों रुपये के धान गायब होने के मामले उजागर हुए हैं. इन मामलों में प्रशासन ने कई अधिकारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें निलंबित किया है.

