धान खरीदी की रफ्तार, बलौदाबाजार जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर, अब तक जिले में 83,434 किसान बेच चुके धान
बलौदाबाजार में अब तक कुल 3 लाख 97 हजार 449 मीट्रिक टन (MT) धान की खरीदी हो चुकी है. धान उठाव पर भी निगरानी है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 31, 2025 at 5:12 PM IST
बलौदाबाजार: खरीफ सीजन के दौरान बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी तेज़ी से चल रही है. जिले ने पूरे छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के मामले में तीसरा स्थान हासिल किया है. यह उपलब्धि प्रशासन की सतर्कता और किसानों की सक्रिय भागीदारी का नतीजा है. अब तक जिले में 83,434 किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचा है और कुल 3,97,449 मीट्रिक टन (MT) धान की खरीदी हो चुकी है.
कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक, सख्त निर्देश जारी: धान खरीदी व्यवस्था को लेकर कलेक्टर दीपक सोनी ने खाद्य, सहकारिता, कृषि और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली. कलेक्टर ने साफ कहा कि धान खरीदी केवल आंकड़ों का मामला नहीं है, बल्कि यह किसानों की मेहनत और आजीविका से जुड़ा विषय है. किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
धान उठाव में देरी पर होगी कार्रवाई: कलेक्टर ने मिलर्स को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि, डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) जारी होने के 10 से 12 दिन बाद भी यदि धान का उठाव नहीं हुआ, तो संबंधित मिलर पर कार्रवाई होगी. जिन उपार्जन केंद्रों से अब तक उठाव शुरू नहीं हुआ है, वहां तुरंत प्रक्रिया शुरू कराई जाए. मिलर्स की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए.
जिले के सभी 166 उपार्जन केंद्रों में खरीदी जारी: खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने बताया कि जिले के 166 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी लगातार जारी है. उन्होंने बताया कि 54,144 किसानों ने अपना रकबा समर्पित किया है. लगभग 11,800 हेक्टेयर से अधिक रकबा खरीदी के दायरे में है. इससे साफ है कि किसान सरकारी खरीदी व्यवस्था पर भरोसा कर रहे हैं.
165 केंद्रों से धान उठाव शुरू: खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले के 165 उपार्जन केंद्रों से डीओ के विरुद्ध धान उठाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. जहां भी तकनीकी या परिवहन से जुड़ी समस्या आ रही है, उसे प्राथमिकता से हल किया जा रहा है. जिला प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं.
थोक व्यापारियों और अवैध धान पर सख्ती: कलेक्टर ने थोक व्यापारियों के गोदामों का दोबारा भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं. साथ ही चेक पोस्टों पर संयुक्त टीम की तैनाती, संदिग्ध वाहनों की जांच, अवैध धान मिलने पर तत्काल जब्ती और कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि अवैध धान खरीदी और परिवहन रोका जा सके.

किसानों को परेशानी न हो, यही प्राथमिकता: प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर किसी तरह की परेशानी न हो, भुगतान समय पर हो, खरीदी और उठाव की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे. कलेक्टर के निर्देशों के बाद धान खरीदी व्यवस्था में कसावट आई है और मिलर्स पर दबाव बढ़ा है.
उठाव को लेकर ना हो परेशान: खरीदी जारी है ऐसे में जहां उपार्जन केंद्रों या मिलर्स के स्तर पर धान उठाव में देरी की शिकायत मिल रही है, वहां प्रशासन निगरानी रख रहा है.
प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, धान खरीदी और उठाव की प्रक्रिया पारदर्शी रहे और समय पर किसानों को उनके धान का पूरा लाभ मिल सके.- पुनीत वर्मा खाद्य अधिकारी
आगे भी रहेगी कड़ी निगरानी: हालांकि अब तक के आंकड़े उत्साहजनक हैं, लेकिन आने वाले दिनों में खरीदी और उठाव की रफ्तार और तेज़ होगी. ऐसे में भंडारण, परिवहन और मिलिंग व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहेगा.

