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देवघर में धान खरीदी शुरू, पैक्स केंद्र मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव

देवघर में धान की खरीदारी को लेकर पैक्स अध्यक्षों को मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही है.

PADDY PROCUREMENT IN DEOGHAR
मूलभूत सुविधा से वंचित गिधनी पैक्स (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : December 16, 2025 at 7:15 PM IST

3 Min Read
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देवघर: झारखंड सरकार के सहकारिता एवं खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग की महत्वाकांक्षी धान अधिप्राप्ति योजना के तहत राज्यभर में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि किसानों को उनकी उपज का 2450 रुपए प्रति क्विंटल की दर से दाम मिलेगा. इसके साथ ही भुगतान में किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसका भी नर्देश दिया गया है.

इसी क्रम में देवघर जिले के विभिन्न पैक्स (PACS) गोदामों और धान क्रय केंद्रों पर भी खरीदी का कार्य जारी है. प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही जा रही है. जिससे कि भोले-भाले किसानों के साथ किसी भी तरह की धांधली न हो सके. लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट तस्वीर पेश कर रही है. जहां पैक्स गोदामों में मूलभूत सुविधा नहीं है.

संवाददाता हितेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट (ईटीवी भारत)

सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि बिचौलियों पर लगाम लगाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर पैक्स गोदामों और धान क्रय केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि जिला प्रशासन सीधे निगरानी कर सके. लेकिन देवघर जिले के कई प्रखंडों में बने पैक्स और धान क्रय केंद्रों पर बिजली जैसी मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं है. बिजली के अभाव में न तो सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकते हैं और न ही नमी वाले धान को सुखाने के लिए जरूरी ड्रायर मशीन का उपयोग संभव हो पा रहा है.

पैक्स अध्यक्षों ने बयां की अपनी पीड़ा

देवघर के नारंगी और सारवां पैक्स के अध्यक्ष महेश कुमार और कामेश्वर वर्मा ने साफ तौर पर कहा कि विभाग की ओर से कोई अलग फंड नहीं दिया गया है. जिससे कि हम अपने स्तर से बिजली कनेक्शन ले सकें. बिना बिजली के न कैमरा लग सकता है, न मशीनें चल सकती हैं. ऐसे में किसानों को कैसे पूरा लाभ मिलेगा. पैक्स अध्यक्षों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि किसानों के हित में धान क्रय केंद्रों पर तत्काल बिजली की व्यवस्था कराई जाए.

प्रशासन ने माना कमी है

धान क्रय केंद्रों पर किसानों की समस्याओं को लेकर ईटीवी भारत की टीम ने जिला सहकारिता पदाधिकारी गौरव कुमार से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने समस्या को स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि पूर्व में धान अधिप्राप्ति में अनियमितताएं सामने आई थी. उसी को रोकने के लिए सरकार ने सीसीटीवी इंस्टॉलेशन का आदेश दिया है. अधिकारी ने कहा कि यह सही है कि कई क्रय केंद्रों पर अब तक कैमरे नहीं लग पाए हैं. जिन पैक्स गोदामों और केंद्रों के पास सरकारी फंड उपलब्ध है, वहां जल्द कैमरे लगाए जा रहे हैं.

वादा बड़ा, व्यवस्था कमजोर

एक ओर सरकार वन टाइम पेमेंट, उचित मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर देवघर जिले के कई धान क्रय केंद्र बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. बिजली, कैमरा और ड्रायर मशीन जैसी आवश्यक सुविधाओं के बिना धान अधिप्राप्ति की पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में है. ऐसे में स्थिति साफ संकेत देती है कि नीतियां तो बन रही हैं, लेकिन उनका क्रियान्वयन अभी भी आधा-अधूरा है. जिसका असर सीधा किसानों पर पड़ रहा है.

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