पचमढ़ी के घने जंगलों से निकलेगा श्रद्धालुओं का जत्था, नागद्वारी यात्रा की चौकस व्यवस्था
पचमढ़ी में दो दिन बाद शुरू होगी नागद्वारी यात्रा, शासन-प्रशासन ने किए तगड़े बंदोबस्त, प्लास्टिक फ्री, क्लीन और ग्रीन का खास ख्यास, घने जंगल व ऊंचे पहाड़ों के बीच 22 किमी चलकर पूरी होगी यात्रा. जान लें ये 10 गाइडलाइन. अभिषेक श्रोती की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 6, 2026 at 2:25 PM IST
|Updated : August 6, 2026 at 2:33 PM IST
पचमढ़ी: मध्य प्रदेश की अमरनाथ कहीं जाने वाली नागद्वारी यात्रा 8 अगस्त से शुरू हो रही है. इस बार प्रशासन ने लाखों श्रद्धालुओं के बीच ग्रीन क्लीन और प्लास्टिक मुक्त थीम पर नागद्वारी मेला संचालित करने का प्लान बनाया है. इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र में प्लास्टिक और कचरा फैलने से रोकने के लिए जगह-जगह सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है. इसके अलावा कचरा समेटने के लिए बड़े-बड़े विशेष डस्टबिन बनवाए गए हैं.
इन्हें उठाने के लिए और कचरे को जंगल से बाहर करने के लिए विशेष फोर व्हीलर वाहनों की व्यवस्था की गई है. प्रशासन ने हर दिन नागद्वारी ट्रैक पर आने वाले 1 लाख श्रद्धालुओं को गंदगी मुक्त और स्वच्छ वातावरण देने के लिए यह कदम उठाया है.
प्लास्टिक बोतलों पर रहेगी निगरानी
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने ग्रीन क्लीन और प्लास्टिक मुक्त थीम पर मेले को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई निर्देश दिए हैं. जिसमें उन्होंने कहा है कि "मेले में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की सघन जांच व प्लास्टिक की बोतलों एवं अन्य एकल-उपयोग प्लास्टिक सामग्री पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए. कलेक्टर ने निर्देश दिए की ड्यूटी पर अधिकारी जांच स्थल पर यह देखेंगे कि जिस वाहन में जितनी प्लास्टिक की बोतलें मेले के भीतर ले जाई जा रही हैं, वापसी के समय उतनी ही संख्या में वे बोतलें वाहन में वापस उपलब्ध हों.
कलेक्टर ने कहा कि कोई भी पर्यटक पचमढ़ी क्षेत्र में प्लास्टिक की बोतलें छोड़कर न जाए और पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य प्रभावी रूप से पूरा हो. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था सभी वाहनों पर समान रूप से लागू होगी, चाहे वे अधिकारियों के ही वाहन क्यों न हों."
सभी विभागों को रखना होगा डस्टबिन
पिपरिया एसडीएम आकिप खान ने बताया कि मेले के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जगह-जगह विशेष कचरा पात्र हम रख रहे हैं. इसके अलावा विभिन्न पॉइंट पर कर्मचारी तैनात रहेंगे, जो श्रद्धालुओं को कचरा यहां-वहां ना फेंक कर डस्टबिन में डालने की समझाइश देंगे. श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति निरंतर जागरूक एवं प्रेरित किया जाएगा."
कचरा जंगल से करेंगे बाहर
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक पचमढ़ी संजीव शर्मा ने बताया कि "पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. जंगल में विशेष कचरा पात्र रखकर उनका संग्रहण किया जाएगा और विशेष चार पहिया वाहन ऐसे क्षेत्रों में पहुंचकर कचरे को उठाकर जंगल से बाहर करेंगे. श्रद्धालुओं को कपड़े के थैले उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है. जिससे प्लास्टिक की थैलियों के उपयोग को हतोत्साहित किया जा सके."

प्रशासन की बहुत ही अच्छी थीम
नागपुर से आई सोनाक्षी ने बताया कि "हम अभी मंडल की तरफ से आए हैं और प्रशासन ने स्वच्छता को लेकर जो थीम बनाई है, बहुत ही अच्छी है. अभी मेला शुरू नहीं हुआ है, लेकिन स्वच्छता को लेकर अभी से साफ सफाई देखने को मिल रही है."
साफ सफाई का रखेंगे विशेष ध्यान
नागद्वारी मंदिर के पास श्री नागद्वारी स्वामी सेवा ट्रस्ट मंडल नागपुर के अध्यक्ष उमाकांत झाडे ने बताते हैं कि "साफ सफाई को लेकर इस बार विशेष ध्यान रखा जाएगा. जहां पंडाल लगाए उसके आसपास हम डस्टबिन रखकर श्रद्धालुओं को कचरा फेंकने के लिए प्रोत्साहित करेंगे. इस बार मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, इसके लिए पंडाल में हमने कई बंदोबस्त किए हैं."
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श्रद्धालुओं के लिए जारी हुई गाइडलाइन
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है. क्षेत्र संचालक, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि नागद्वारी मार्ग क्षेत्र में बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, सांभर सहित अनेक दुर्लभ व संकटग्रस्त वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है. इसलिए निर्धारित निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया गया है.
10 जरूरी हिदायतें दी
- यात्रा के दौरान निर्धारित मार्ग से ही आवागमन करें, किसी भी स्थिति में मार्ग से बाहर न जाएं.
- वनस्पतियों व वन्य जीवों को किसी भी प्रकार से क्षति न पहुंचाएं.
- किसी भी प्रकार का शोर-शराबा, तेज आवाज में संगीत, लाउडस्पीकर अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग न करें.
- शराब व नशीले पदार्थों का सेवन व उनके साथ पाया जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है.
- प्लास्टिक, कचरा, भोजन सामग्री व अन्य अपशिष्ट को क्षेत्र में न फेंकें. अपने साथ लाया गया पूरा कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें.
- वन्यजीवों को देखें, उनके निकट जाने, उन्हें भोजन कराने व उन्हें किसी भी प्रकार से परेशान करने का प्रयास न करें.
- वृक्षों को क्षति न पहुंचाएं.
- आग जलाना, धूम्रपान करना अथवा ऐसी कोई गतिविधि न करें जिससे आग लगने की संभावना उत्पन्न हो.
- वन विभाग, पुलिस, प्रशासन व पात्र प्रबंधन द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करें. उनके साथ पूरा सहयोग करें.
- किसी भी आपात स्थिति अथवा वन्यजीव दिखाई देने पर घबराएं नहीं, तत्काल नजदीकी वन क्षेत्र कर्मी को सूचित करें.

